झारखंड लोक सेवा आयोग एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में रांची में युवाओं का आंदोलन 16वें दिन भी जारी है।
झारखंड लोक सेवा आयोग एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से संबंधित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, धांधली एवं प्रश्नपत्र लीक के आरोपों को लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में युवाओं का आंदोलन 16वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के दौरान आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेताओं के स्वास्थ्य में गिरावट की खबरों पर जमशेदपुर के सांसद श्री बिद्युत बरण महतो ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।
झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में अनियमितता के आरोप
सांसद श्री महतो ने कहा कि राज्य के युवा अपनी मेहनत और वर्षों की तैयारी के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता, प्रश्नपत्र लीक अथवा किसी भी प्रकार की धांधली की शिकायत सामने आना अत्यंत गंभीर विषय है। इससे न केवल अभ्यर्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, बल्कि पूरी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है।
उन्होंने कहा कि आंदोलनरत युवाओं की मांगों को गंभीरता से सुनना और उनके समाधान की दिशा में ठोस पहल करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेताओं की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए सरकार को तत्काल संवेदनशीलता के साथ हस्तक्षेप करना चाहिए।
सीबीआई जांच की मांग और सरकार से अपील
श्री महतो ने कहा कि जेपीएससी जेएसएससी से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं पारदर्शी जांच जरूरी है। उन्होंने पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच के माध्यम से ही वास्तविक तथ्यों का पता लगाया जा सकता है और यदि किसी स्तर पर दोष प्रमाणित होता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है। सीबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जांच प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध है।
सांसद ने कहा कि सरकार की ओर से बातचीत और वार्ता के प्रयास अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन केवल वार्ता से आंदोलन का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा। सरकार को युवाओं की प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय लेना होगा तथा परीक्षा व्यवस्था को लेकर उनके बीच पैदा हुए अविश्वास को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं को ऐसी भर्ती प्रक्रिया चाहिए, जिसमें पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता हो। प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। सरकार को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी प्रभावी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए।
श्री महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की कि आंदोलनरत युवाओं की मांगों पर सकारात्मक एवं शीघ्र निर्णय लिया जाए तथा आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेताओं के स्वास्थ्य को देखते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं के धैर्य की परीक्षा लेने के बजाय सरकार को उनके साथ संवाद के माध्यम से विश्वास बहाली और समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
सांसद ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस गंभीर विषय पर राजनीति से ऊपर उठकर सरकार को पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जेपीएससी जेएसएससी से संबंधित आरोपों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाई जाए, दोषियों पर कार्रवाई हो तथा राज्य की भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल की जाए।

