लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
कल्याणनगर-इंद्रानगर विस्थापन मामले में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने बुधवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर बारिश के मौसम में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई स्थगित करने और प्रभावित परिवारों के सम्मानजनक पुनर्वास की मांग की।
जमशेदपुर: भुइयांडीह के कल्याणनगर एवं इंद्रानगर में प्रस्तावित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने बुधवार को झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों बस्तियों के चार प्रतिनिधि भी उनके साथ मौजूद रहे।
विधायक ने मुख्यमंत्री से बारिश के मौसम में कार्रवाई स्थगित करने, प्रभावित परिवारों का सर्वे कर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़ने तथा सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित होने के बाद ही आगे की कार्रवाई करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने मामले में जिला प्रशासन से विस्तृत प्रतिवेदन मंगाकर आवश्यक स्तर पर विचार करने का आश्वासन दिया।
कल्याणनगर-इंद्रानगर विस्थापन मामले में मुख्यमंत्री का आश्वासन
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद पूर्णिमा साहू ने वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर से भी मिलकर मामले की जानकारी दी। वित्त मंत्री ने भी जिला प्रशासन से चर्चा कर आवश्यक पहल करने का भरोसा दिया।
विधायक ने बताया कि इससे पहले वे प्रभावित बस्तीवासियों से मिल चुकी हैं, जिला उपायुक्त राजीव रंजन से कार्रवाई स्थगित रखने का अनुरोध कर चुकी हैं तथा 145 प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि मामले में डीसी कोर्ट में अपील दायर की जा चुकी है और जरूरत पड़ने पर झारखंड हाईकोर्ट का भी रुख किया जाएगा।
पूर्णिमा साहू ने कहा कि कानून का सम्मान करते हुए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी गरीब परिवार के साथ अन्याय न हो और उन्हें सम्मानजनक पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए।
इस मुलाकात के बाद स्थानीय निवासियों में एक उम्मीद की किरण जगी है। बस्तीवासियों का कहना है कि वे दशकों से यहां रह रहे हैं और अचानक बेदखली की कार्रवाई से उनके सामने आश्रय का संकट खड़ा हो जाएगा।
जिला प्रशासन द्वारा सर्वे कराने का आश्वासन एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। हालांकि, 145 परिवारों के पुनर्वास के लिए भूमि चिह्नित करना और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराना एक लंबी प्रक्रिया हो सकती है।
विधायक पूर्णिमा साहू ने स्पष्ट किया कि वे कानून का सम्मान करती हैं, लेकिन मानवीय आधार पर कार्रवाई को बारिश तक टालने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने डीसी कोर्ट में अपील दायर करने और आवश्यकता पड़ने पर झारखंड हाईकोर्ट जाने की बात भी कही है।
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर से मुलाकात इस मामले को सरकार के उच्च स्तर तक ले जाने की रणनीति का हिस्सा है। उनका आश्वासन कि जिला प्रशासन से चर्चा कर पहल की जाएगी, प्रभावित परिवारों को राहत दे सकता है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बेदखली मानवाधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पुनर्वास नीति के तहत पक्के मकान दिए जाएं।

