लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच बिहार के बेगूसराय जिले से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
छात्र आंदोलन पर बेगूसराय पुलिस का स्पष्ट संदेश
राष्ट्र संवाद संवाददाता
बेगूसराय। देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन और विरोध-प्रदर्शनों के बीच बेगूसराय पुलिस ने शुक्रवार को छात्रों और अभिभावकों के नाम एक महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति जारी की। पुलिस ने लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करते हुए कहा कि सभी नागरिकों को अपनी बात रखने और मांगों को अभिव्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन इसका प्रयोग केवल शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से ही किया जाना चाहिए।
पुलिस ने छात्रों से अपील की कि आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा, तोड़फोड़ अथवा सरकारी एवं निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों से दूर रहें। विज्ञप्ति में कहा गया है कि सार्वजनिक और राष्ट्रीय संपत्ति देश की धरोहर है, इसलिए उसे नुकसान पहुंचाना पूरे समाज के हितों के खिलाफ है।
बेगूसराय पुलिस ने अभिभावकों से भी अपने बच्चों का मार्गदर्शन करने और उन्हें किसी भी अवैध या हिंसक गतिविधि में शामिल होने से रोकने का अनुरोध किया है। साथ ही कहा गया है कि यदि आंदोलन की आड़ में कोई असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने का प्रयास करता है तो उसकी पहचान कर तत्काल प्रशासन को सूचना दें, ताकि उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
प्रेस विज्ञप्ति में कानून को हाथ में लेने तथा सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को निंदनीय कृत्य बताया गया है। पुलिस के अनुसार ऐसी घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था को प्रभावित करती हैं, बल्कि छात्रों के उज्ज्वल भविष्य और उनकी छवि पर भी नकारात्मक असर डालती हैं।
जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि वह छात्रों की जायज मांगों को सुनने और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने के लिए हमेशा तत्पर है। प्रशासन ने सभी नागरिकों से शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
महत्वपूर्ण संपर्क नंबर
आपातकालीन स्थिति में नागरिक निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
- बेगूसराय पुलिस कंट्रोल रूम: 9031828303
- आपातकालीन सहायता: 112
शांतिपूर्ण प्रदर्शन का महत्व
लोकतंत्र में अपनी मांगों को रखने का अधिकार हर नागरिक को है, लेकिन यह अधिकार संविधान के दायरे में ही प्रयोग किया जाना चाहिए। गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, किसी भी प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है। बेगूसराय पुलिस की यह पहल सराहनीय है क्योंकि यह छात्रों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों दोनों के प्रति जागरूक करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शांतिपूर्ण संवाद से ही किसी भी समस्या का स्थायी समाधान निकल सकता है। हिंसा और तोड़फोड़ से न केवल कानून-व्यवस्था बिगड़ती है, बल्कि आंदोलन की मूल भावना भी कमजोर पड़ जाती है। इसलिए छात्रों से अपील है कि वे अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन के सामने रखें।
बेगूसराय जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि छात्रों की जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। इस पहल से उम्मीद है कि क्षेत्र में शांति बनी रहेगी और छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।

