सफल प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र, सरयू राय बोले तकनीकी शिक्षा और सुरक्षा संस्कृति से ही बनेगा आत्मनिर्भर भारत
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। एनसीवीटी (NCVT) से मान्यता प्राप्त एवं पाँच सितारा ग्रेड प्राप्त नारायण प्राइवेट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आईटीआई) द्वारा रविवार को बिष्टुपुर स्थित सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स के केपी हॉल में भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय रहे। समारोह में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि, उद्योग जगत से जुड़े गणमान्य अतिथि, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि सरयू राय ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान दौर में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने कौशल का सदुपयोग करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज सुरक्षा केवल उद्योगों की आवश्यकता नहीं रह गई है, बल्कि किसानों से लेकर प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। 4जी और 5जी के इस आधुनिक युग में स्वयं तथा समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उद्योगों की गति जितनी तेज हुई है, सुरक्षा के मानकों को उतना ही मजबूत करना आवश्यक हो गया है।
संस्थान प्रबंधन ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल प्रमाण पत्र वितरण का अवसर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के परिश्रम, अनुशासन, समर्पण और उपलब्धियों का सम्मान है। संस्थान का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के माध्यम से युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है।
समारोह के दौरान वरिष्ठ पत्रकार जयप्रकाश राय, सत्येंद्र कुमार, राष्ट्र संवाद के संपादक देवानंद सिंह तथा संस्थान के निदेशक एस एन ठाकुर को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वहीं सफल प्रशिक्षुओं को भी प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए संस्थान के प्रति आभार जताया।
भाजपा के मंत्री शैलेंद्र सिंह ने कहा कि नारायण प्राइवेट आईटीआई ने बेहद कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर अपनी अलग पहचान बनाई है। वहीं सीबीएमडी एवं स्वदेशी जागरण मंच के पदाधिकारी मनोज सिंह ने कहा कि आज युवाओं के सामने रोजगार सबसे बड़ी चुनौती है और ऐसे समय में नारायण आईटीआई स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के लगभग 300 आईटीआई संस्थानों के बीच शीर्ष आठ में स्थान बनाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। साथ ही उन्होंने बताया कि झारखंड का पहला ऐसा आईटीआई होने का गौरव भी नारायण आईटीआई को प्राप्त हुआ है, जिसे प्रशिक्षक (ट्रेनर) के रूप में मान्यता मिली है।
गरिमामय वातावरण में आयोजित यह दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के उत्साह, अभिभावकों की प्रसन्नता और संस्थान की उपलब्धियों का साक्षी बना। समारोह का समापन प्रशिक्षुओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका के संकल्प के साथ हुआ।
संस्थान के निदेशक डॉ. जटाशंकर पांडे ने अपने संबोधन में संस्थान की स्थापना से लेकर अब तक की उपलब्धियों को सिलसिलेवार ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के बल पर संस्थान ने अल्प समय में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन सुधीर सिंह ने किया।

