राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल स्थित गैलेक्सी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में 16 जून को हुए बॉयलर विस्फोट में दो मजदूरों पवन शर्मा एवं बादल विश्वकर्मा के गंभीर रूप से घायल होने के मामले को लेकर सोमवार को ग्रामीणों और कामगारों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने 14 सूत्री मांगों को लेकर कंपनी गेट के समक्ष आवाज बुलंद की।
धरना में ग्रामीणों, विस्थापितों और श्रमिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। आंदोलनकारियों का कहना था कि बॉयलर विस्फोट के बाद से मजदूरों की सुरक्षा, मुआवजा और कंपनी प्रबंधन की लापरवाही को लेकर क्षेत्र में आक्रोश है। मंच की ओर से 14 सूत्री मांगों का ज्ञापन प्रबंधन निदेशक के नाम कंपनी मैनेजर एसके वर्मा को सौंपा गया।
प्रदर्शन में जिला परिषद प्रतिनिधि ओम प्रकाश लायक, विस्थापित अधिकारी मंच के राकेश रंजन महतो, ग्राम प्रधान बहादुर लायक, कृष्णा कालिदी, नेता अशुदेव महतो , अनंत महतो ,पार्वती किस्कू समेत अन्य लोग उपस्थित थे।
प्रबंधन की ओर से प्रदर्शनकारियों को मंगलवार 23 जून को वार्ता करने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद कंपनी गेट पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना समाप्त कर दिया गया।
*बॉयलर ब्लास्ट की निष्पक्ष जांच की मांग*
आंदोलनकारियों ने मांग की कि 16 जून 2026 को हुए बॉयलर विस्फोट में गंभीर घायल कामगार की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही घायल और आश्रितों को उचित मुआवजा, नि:शुल्क इलाज और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि घायल श्रमिकों के पूर्ण स्वस्थ होने तक उनका नियमित वेतन जारी रखा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने तक कंपनी संचालन हुडका जाम आंदोलन होंगा।
ये हैं प्रमुख मांगें
आंदोलनकारियों की मांगों में बॉयलर और संयंत्रों की नियमित जांच, न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार भुगतान, श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ, सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, सीएसआर फंड से स्वास्थ्य-शिक्षा-सड़क-पेयजल सुविधा, स्थानीय लोगों के लिए प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, 75 प्रतिशत स्थानीय रोजगार, 24 घंटे एंबुलेंस सेवा, समय पर वेतन और बोनस भुगतान शामिल हैं।

