राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल : सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। चर्चित रंगदारी, गोलीबारी और लूट मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी साकिर साह उर्फ घेंघा को कपाली ओपी प्रभारी अविनाश कुमार द्वारा पदभार संभालते ही एक सतह के अंदर गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी मानगो थाना क्षेत्र के जवाहरनगर रोड नंबर-7 स्थित मुंशी मोहल्ला से की गई।
बताया जाता है कि तत्कालीन ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार कार्यकाल में 5 अप्रैल 2025 की रात कपाली स्थित केजीएन मेडिकल दुकान में कुछ अपराधी पहुंचे थे। अपराधियों ने दुकान संचालक साकिब परवेज से रंगदारी की मांग की थी। विरोध करने पर आरोपियों ने उन पर गोली चला दी और दुकान से मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए थे। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए कपाली ओपी में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
घटना के बाद से ही कपाली थाना प्रभारी अविनाश कुमार लगातार मामले की मॉनिटरिंग कर रहे थे। उनके नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की। इसी क्रम में पुलिस ने मुख्य आरोपी साकिर साह को दबोचने में सफलता हासिल की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, थाना प्रभारी अविनाश कुमार की रणनीति और लगातार दबिश के कारण आरोपी पुलिस से ज्यादा दिनों तक बच नहीं सका। इससे पहले पुलिस टीम मामले में शामिल सात अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, साकिर साह का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। उसके खिलाफ चोरी, लूट, रंगदारी, मारपीट, गोलीबारी और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। वर्ष 2018 से 2025 तक उसके खिलाफ कई गंभीर कांड दर्ज होने की पुष्टि हुई है।
गिरफ्तारी अभियान में थाना प्रभारी अविनाश कुमार के साथ रणजीत कुमार सिंह, सशस्त्र बल के जवान, रिजर्व गार्ड और तकनीकी शाखा की टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य अपराधियों और नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

