Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » कपाली ओपी में आदिवासी युवती से मारपीट का आरोप, निष्पक्ष जांच की उठी मांग
    Breaking News Headlines चाईबासा जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड दुमका धनबाद रांची राजनीति राष्ट्रीय संथाल परगना संथाल परगना सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    कपाली ओपी में आदिवासी युवती से मारपीट का आरोप, निष्पक्ष जांच की उठी मांग

    Sumi BangabashBy Sumi BangabashJune 16, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    कपाली ओपी में आदिवासी युवती से मारपीट का आरोप, निष्पक्ष जांच की उठी मांग

     राष्ट्र संवाद संवादाता 

    जमशेदपुर/सरायकेला-खरसावां: कपाली ओपी में एक आदिवासी युवती के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। घटना को लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

    कांदरबेड़ा पुनर्वास कॉलोनी निवासी अल्पना माहली को एक लापता युवती से संबंधित मामले में पूछताछ के लिए कपाली ओपी बुलाया गया था। आरोप है कि पूछताछ के दौरान उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और मारपीट की गई, जिससे उसे चोटें आईं।
    यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसमें शामिल जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कई सामाजिक संगठनों ने भी मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

    पीड़िता के परिजनों ने वरीय पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की अपील की है। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा और नाराजगी का माहौल बना हुआ है।
    हालांकि, इस मामले में अब तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने और प्रशासनिक प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleरामगढ़-पतरातू मार्ग पर दर्दनाक हादसा: डिवाइडर से टकराई बाइक, दो युवकों की मौत।
    Next Article ईएसआईसी में व्याप्त भ्रष्टाचार और कुव्यवस्था पर भाजपा नेता भरत सिंह ने जताई चिंता, उचित कार्रवाई की मांग की

    Related Posts

    उपश्रमायुक्त के पास मामला लंबित, फिर भी टिनप्लेट अस्पताल से 25 साल पुराने कर्मचारियों को हटाने का आरोप; 18 जून को धरने की चेतावनी

    June 16, 2026

    उपश्रमायुक्त के पास मामला लंबित, फिर भी टिनप्लेट अस्पताल से 25 साल पुराने कर्मचारियों को हटाने का आरोप; 18 जून को धरने की चेतावनी जमशेदपुर: टाटा टिनप्लेट अस्पताल में डॉ. टी.सी. जॉन ट्रस्ट (TMH) के माध्यम से कार्यरत 25 वर्षों से अधिक समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को हटाए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि मामला उपश्रमायुक्त कार्यालय में विचाराधीन होने के बावजूद प्रबंधन ने 15 जून को उन्हें काम से हटा दिया, जो श्रम कानूनों और प्रशासनिक निर्देशों के विपरीत है। हटाने का नोटिस मिलने के बाद उन्होंने उपश्रमायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में 3 जून को दोनों पक्षों के बीच वार्ता हुई थी, जबकि अगली सुनवाई 18 जून 2026 को निर्धारित की गई है। कर्मचारियों का दावा है कि वार्ता के दौरान उपश्रमायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि जब तक मामला विचाराधीन है, तब तक दोनों पक्ष यथास्थिति बनाए रखेंगे और कोई एकतरफा कार्रवाई नहीं करेंगे। इसके बावजूद टी.सी. जॉन ट्रस्ट और टिनप्लेट अस्पताल प्रबंधन ने 15 जून को कर्मचारियों को कार्य से अलग कर दिया। यथास्थिति बहाल करने की मांग कर्मचारियों ने मांग की है कि 15 जून को की गई कार्रवाई को तत्काल रद्द करते हुए पहले जैसी स्थिति बहाल की जाए। उनका कहना है कि यदि 18 जून को होने वाली वार्ता में संतोषजनक समाधान नहीं निकला, तो वे टिनप्लेट अस्पताल अथवा टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। धरना-प्रदर्शन की चेतावनी देने वालों में गोपीनाथ कुंडू, अमित साहू, मोलाया अधिकारी, सुमित घोष, देवनाथ प्रसाद, जोलेश मुखी, मनोज मुखी और नारायण मुखी समेत अन्य कर्मचारी शामिल हैं। प्रबंधन का पक्ष आना बाकी फिलहाल डॉ. टी.सी. जॉन ट्रस्ट और टिनप्लेट अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है। 18 जून को उपश्रमायुक्त कार्यालय में प्रस्तावित वार्ता को इस विवाद के समाधान के लिए अहम माना जा रहा है। अब कर्मचारियों के भविष्य और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

    June 16, 2026

    धनबाद की दर्दनाक प्रेम-ट्रैजिक:रात में निकले थे एक होने पर बनी काली सुबह

    June 16, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    उपश्रमायुक्त के पास मामला लंबित, फिर भी टिनप्लेट अस्पताल से 25 साल पुराने कर्मचारियों को हटाने का आरोप; 18 जून को धरने की चेतावनी

    उपश्रमायुक्त के पास मामला लंबित, फिर भी टिनप्लेट अस्पताल से 25 साल पुराने कर्मचारियों को हटाने का आरोप; 18 जून को धरने की चेतावनी जमशेदपुर: टाटा टिनप्लेट अस्पताल में डॉ. टी.सी. जॉन ट्रस्ट (TMH) के माध्यम से कार्यरत 25 वर्षों से अधिक समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को हटाए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि मामला उपश्रमायुक्त कार्यालय में विचाराधीन होने के बावजूद प्रबंधन ने 15 जून को उन्हें काम से हटा दिया, जो श्रम कानूनों और प्रशासनिक निर्देशों के विपरीत है। हटाने का नोटिस मिलने के बाद उन्होंने उपश्रमायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में 3 जून को दोनों पक्षों के बीच वार्ता हुई थी, जबकि अगली सुनवाई 18 जून 2026 को निर्धारित की गई है। कर्मचारियों का दावा है कि वार्ता के दौरान उपश्रमायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि जब तक मामला विचाराधीन है, तब तक दोनों पक्ष यथास्थिति बनाए रखेंगे और कोई एकतरफा कार्रवाई नहीं करेंगे। इसके बावजूद टी.सी. जॉन ट्रस्ट और टिनप्लेट अस्पताल प्रबंधन ने 15 जून को कर्मचारियों को कार्य से अलग कर दिया। यथास्थिति बहाल करने की मांग कर्मचारियों ने मांग की है कि 15 जून को की गई कार्रवाई को तत्काल रद्द करते हुए पहले जैसी स्थिति बहाल की जाए। उनका कहना है कि यदि 18 जून को होने वाली वार्ता में संतोषजनक समाधान नहीं निकला, तो वे टिनप्लेट अस्पताल अथवा टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। धरना-प्रदर्शन की चेतावनी देने वालों में गोपीनाथ कुंडू, अमित साहू, मोलाया अधिकारी, सुमित घोष, देवनाथ प्रसाद, जोलेश मुखी, मनोज मुखी और नारायण मुखी समेत अन्य कर्मचारी शामिल हैं। प्रबंधन का पक्ष आना बाकी फिलहाल डॉ. टी.सी. जॉन ट्रस्ट और टिनप्लेट अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है। 18 जून को उपश्रमायुक्त कार्यालय में प्रस्तावित वार्ता को इस विवाद के समाधान के लिए अहम माना जा रहा है। अब कर्मचारियों के भविष्य और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

    धनबाद की दर्दनाक प्रेम-ट्रैजिक:रात में निकले थे एक होने पर बनी काली सुबह

    आरडी टाटा गोलचक्कर सड़क जाम मामले में 100 से 150 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज

    जनसमस्याओं के समाधान को लेकर जदयू ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

    भूली आजाद नगर में लाखों की चोरी, CCTV में कैद हुई वारदात

    गिरिडीह वायरल रील वीडियो के बाद चर्चा में आई सास हत्याकांड की आरोपी बहू, अवैध संबंध और हत्या की साजिश ने पूरे इलाके को झकझोरा

    गिरिडीह रात के अंधेरे में सड़क किनारे मिला नवजात, मां छोड़कर हुई फरार; समाजसेवियों और पुलिस की तत्परता से बची मासूम की जान

    पोटका में जल-जंगल-जमीन के मुद्दे पर गरजे ग्रामीण, 15 दिन का अल्टीमेटम

    ईएसआईसी में व्याप्त भ्रष्टाचार और कुव्यवस्था पर भाजपा नेता भरत सिंह ने जताई चिंता, उचित कार्रवाई की मांग की

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.