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    Home » राजस्थान महोत्सव सह मेला 2026 के दूसरे दिन हास्य, संस्कृति और राजस्थानी रंगों से सराबोर हुई शाम
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    राजस्थान महोत्सव सह मेला 2026 के दूसरे दिन हास्य, संस्कृति और राजस्थानी रंगों से सराबोर हुई शाम

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarMay 18, 2026No Comments3 Mins Read
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    राजस्थान महोत्सव सह मेला 2026 के दूसरे दिन हास्य, संस्कृति और राजस्थानी रंगों से सराबोर हुई शाम

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन के तत्वावधान में गोपाल मैदान, बिष्टुपुर में आयोजित तीन दिवसीय “राजस्थान महोत्सव सह मेला 2026” के दूसरे दिन आज गोपाल मैदान पूरी तरह राजस्थानी संस्कृति और उत्साह के रंग में रंगा नजर आया। सुबह से देर रात तक मेले में लोगों की भारी भीड़ उमड़ती रही तथा शहरवासियों ने परिवार सहित मेले का भरपूर आनंद उठाया।

    राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपरा, खान-पान एवं लोक कला को समर्पित इस महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे मैदान में राजस्थानी लोक संगीत, रंग-बिरंगे परिधान एवं पारंपरिक सजावट आकर्षण का केंद्र बने रहे।

    आज के सांस्कृतिक कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध थिएटर ग्रुप “टर्बन टेल्स” द्वारा प्रस्तुत चर्चित मारवाड़ी हास्य नाटक “शेक्सपियर म्हारो जमाई” रहा। हास्य, पारिवारिक संबंधों एवं सामाजिक व्यंग्य से भरपूर इस नाटक ने दर्शकों को हँसी से लोटपोट कर दिया। प्रसिद्ध रंगकर्मी एवं निर्देशक धुमित चौहान के निर्देशन में प्रस्तुत इस नाटक में पारंपरिक मारवाड़ी परिवार और आधुनिक सोच के बीच उत्पन्न हास्यपूर्ण परिस्थितियों को बेहद रोचक ढंग से मंचित किया गया। संवादों में मारवाड़ी संस्कृति, पारिवारिक भावनाएँ एवं हास्य का अद्भुत समावेश देखने को मिला, जिसने दर्शकों को पूरे समय बांधे रखा।

    देश के विभिन्न शहरों में सराहना प्राप्त कर चुके इस नाटक को जमशेदपुर में भी दर्शकों का भरपूर प्रेम मिला तथा पूरा पंडाल तालियों और ठहाकों से गूंज उठा।

    इसके अतिरिक्त मेले में “चोखी ढाणी” की विशेष थीम लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी रही। यहाँ पारंपरिक राजस्थानी वातावरण, लोक संगीत, घूमर नृत्य, कठपुतली कला, मेहंदी, चूड़ी, पारंपरिक श्रृंगार एवं ग्रामीण संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली।

    इस वर्ष पहली बार तैयार किए गए “मिनी जैसलमेर” में लोगों को रेगिस्तानी राजस्थान का अनूठा अनुभव कराया गया। रेत के टीलों, पारंपरिक सजावट एवं राजस्थानी ऊंट की सवारी का आनंद लेने के लिए बच्चों एवं युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

    मेले में लगाए गए विभिन्न राजस्थानी स्टॉलों पर पारंपरिक राजस्थानी वस्त्र, हस्तशिल्प, सजावटी सामग्री, आभूषण, कला सामग्री एवं गृह सज्जा उत्पाद लोगों को आकर्षित करते रहे। वहीं दाल-बाटी-चूरमा, घेवर, कचौरी एवं अन्य पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी रही।

    आज आयोजित कार्यक्रम में झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के मुख्य अतिथि वरिष्ठ उपाध्यक्ष ललित पोद्दार. विशिष्ट अतिथि महामंत्री विनोद जैन, झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन की अध्यक्षा प्रभा पाढ़ियां, उपाध्यक्ष नंद किशोर अग्रवाल, जिला संरक्षक कृष्णा भालोटिया, राजस्थान महोत्सव सह मेला सामरिक के मार्गदर्शक हरी मित्तल, स्मारिका के मुख्य संपादक मामचंद अग्रवाल, विश्वनाथ शर्मा,कई विशिष्ट अतिथि, समाजसेवी, उद्योगपति एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

    पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन ने शहरवासियों के उत्साह एवं सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए महोत्सव के अंतिम दिन भी अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

    राजस्थान महोत्सव सह मेला 2026 का आमंत्रण लेकर राज्यपाल व मुख्यमंत्री से मिला मारवाड़ी सम्मेलन प्रतिनिधिमंडल संस्कृति और राजस्थानी रंगों से सराबोर हुई शाम
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