प्रधानमंत्री ने पद का दुरुपयोग किया,राष्ट्र के नाम उनका संबोधन आचार संहिता का उल्लंघन:कांग्रेस
वडोदरा, 20 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर पिछले सप्ताह राष्ट्र के नाम संबोधन के जरिये विपक्ष को निशाना बनाने के लिए अपने पद का “दुरुपयोग” करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने जारी विधानसभा चुनाव के लिए लागू आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
कांग्रेस महासचिव एवं गुजरात के पार्टी प्रभारी मुकुल वासनिक ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री का 18 अप्रैल का 29 मिनट का संबोधन मुख्य रूप से कांग्रेस पर हमला करने पर केंद्रित था।
मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 2029 से महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के प्रावधान वाला संविधान संशोधन विधेयक के संसद के निचले सदन में पारित नहीं होने के एक दिन बाद आया है।
वासनिक ने कहा, ‘‘अपने 29 मिनट के भाषण में, उन्होंने (प्रधानमंत्री ने) कांग्रेस का नाम 58 बार लिया। प्रत्येक मिनट, उन्होंने कांग्रेस का नाम दो बार लिया। वे कांग्रेस की आलोचना कर रहे थे, वे विपक्ष की आलोचना कर रहे थे। भारत के प्रधानमंत्री से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं थी।’’
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि मोदी ने एक नेता और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता के रूप में प्रधानमंत्री पद का पूरी तरह से दुरुपयोग किया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की भी आलोचना करते हुए कहा कि चुनाव अवधि के दौरान कथित “उल्लंघनों” के बावजूद आयोग कार्रवाई करने में विफल रहा।
तमिलनाडु (23 अप्रैल) और पश्चिम बंगाल (दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल) में मतदान होना है।
राज्यसभा सदस्य वासनिक ने कहा, “यह निंदनीय है कि कुछ राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, लेकिन निर्वाचन आयोग ने अपेक्षित कार्य नहीं किया। आदर्श आचार संहिता का पूरी तरह उल्लंघन किया गया।”
कांग्रेस नेता ने 2023 में संसद द्वारा पारित महिला आरक्षण कानून को तत्काल लागू करने की अपनी पार्टी की मांग को दोहराया।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण अधिनियम) का उल्लेख करते हुए वासनिक ने दलील दी कि इसके क्रियान्वयन में देरी सरकार के “धोखे वाले इरादों” को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, “सितंबर 2023 में संसद ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया। तीस महीने बाद, 16 अप्रैल को केंद्र ने अधिनियम को अधिसूचित किया। यह अकेले ही महिला आरक्षण के पूरे मुद्दे पर उनके धोखे भरे इरादों को दर्शाता है।”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि ऐतिहासिक कानून को 2029 के लोकसभा चुनावों से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की, “अगर इसमें मामूली संशोधन की जरूरत है, तो किए जाएं, लेकिन इसे बिना देरी किए लागू किया जाना चाहिए।”
वासनिक ने दावा किया कि देशभर की महिला मतदाता भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किए गए “धोखे” से वाकिफ हैं। उन्होंने कहा कि वे इसका राजनीतिक जवाब देंगी।
उन्होंने कहा, “भारत की जनता, विशेषकर महिलाएं, भाजपा को अच्छी तरह समझती हैं। वे नरेन्द्र मोदी को भी अच्छी तरह समझती हैं। वे समझती हैं कि हमारे साथ छल किया जा रहा है, हमें धोखा दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में महिलाएं इसका जरूर जवाब देंगी।”
