Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » धरती की पुकार: “हरित पुनर्जन्म”
    Breaking News चाईबासा जमशेदपुर झारखंड दुमका धनबाद रांची संथाल परगना सरायकेला-खरसावां साहित्य हजारीबाग

    धरती की पुकार: “हरित पुनर्जन्म”

    News DeskBy News DeskOctober 13, 2025No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    धरती की पुकार: “हरित पुनर्जन्म”

    मैं धरती हूँ… तुम्हारी जननी।
    अब भी घूम रही हूँ,
    पर मेरी धड़कनें थकी-थकी सी हैं,
    साँसें उखड़ने लगी हैं।

    पेड़ों ने अब बोलना छोड़ दिया,
    हवाओं ने कराहना सीख लिया है।
    नदियाँ बहती तो हैं,
    पर उनके स्वर में अब संगीत नहीं —
    बस एक करुण रूदन है।

    पहाड़ अब भी खड़े हैं,
    पर उनकी चोटियों से बर्फ पिघल चुकी है।
    आकाश अब नीला नहीं रहा,
    हवा में मिट्टी की वह पवित्र गंध नहीं रही।

    कभी जो वृक्ष छाँव देते थे —
    अब स्मृतियों में उगते हैं।
    पक्षियों के गीत इतिहास बन चुके हैं,
    और वर्षा —
    मानो ईश्वर की कोई चेतावनी हो गई है।

    युग बदल रहा है…
    पर क्या चेतना बदलेगी?
    क्या फिर से अंकुर फूटेंगे उस विश्वास के,
    जो हरियाली के संग मर गया था?

    यदि तुम समझो…
    यदि तुम फिर से प्रेम करो —
    तो मैं अपने आँचल में हरियाली लौटाऊँगी,
    नदियाँ फिर गीत गाएँगी,
    हवाएँ मधुर सुर सुनाएँगी,
    और आकाश फिर नीला हो जाएगा।

    अब समय है —
    मिट्टी से संवाद का,
    पेड़ों से क्षमा का,
    और नदियों से नया संकल्प लेने का।

    युग बदल रहा है…
    और मैं —
    धरती —
    इंतज़ार में हूँ,
    अपने “हरित पुनर्जन्म ” की।

    शीला पात्रो

    धरती की पुकार: "हरित पुनर्जन्म"
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous ArticleRoll XO Casino Review: A Practical Look at the Playing Experience
    Next Article How to Evaluate an Online Casino Before You Play

    Related Posts

    पार्किंग व्यवस्था को लेकर ट्रैफिक पुलिस से क्यों उलझे विपिन झा? वाहन मालिकों का दर्द समझना भी जरूरी

    October 21, 2026

    पार्किंग व्यवस्था को लेकर ट्रैफिक पुलिस से क्यों उलझे विपिन झा? वाहन मालिकों का दर्द समझना भी जरूरी

    October 21, 2026

    वंदे मातरम् के पूर्ण गायन में कोई झिझक या आपत्ति नहीं होनी चाहिए: मोहन भागवत

    October 21, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    पार्किंग व्यवस्था को लेकर ट्रैफिक पुलिस से क्यों उलझे विपिन झा? वाहन मालिकों का दर्द समझना भी जरूरी

    पार्किंग व्यवस्था को लेकर ट्रैफिक पुलिस से क्यों उलझे विपिन झा? वाहन मालिकों का दर्द समझना भी जरूरी

    वंदे मातरम् के पूर्ण गायन में कोई झिझक या आपत्ति नहीं होनी चाहिए: मोहन भागवत

    राष्ट्रपति मुर्मू, प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर दशहरा उत्सव में हिस्सा लिया

    राष्ट्र हित में सभी संस्थाओं और राजनीतिक दलों को एकजुट होना चाहिए: मोदी

    कोलकाता भगदड़: मुख्यमंत्री ने पांच पीड़ित परिवारों को अनुग्रह राशि सौंपी, विपक्ष पर निशाना साधा

    भारत-अमेरिका व्यापार समझौता होने के करीब, वाशिंगटन से ऊर्जा और रक्षा खरीद बढ़ाए भारत:रूबियो

    शाह ने मान पर मादक पदार्थ की समस्या को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया

    मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कसमार-बरलंगा निर्माणाधीन मुख्य सड़क का किया निरीक्षण, निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का लिया जायजा

    विजयदशमी पर विशेष… *रावण बाहर नहीं, हमारे भीतर भी जीवित है*

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.