Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » आयातित प्याज की 790 टन की पहली खेप भारत पहुंची, जल्द सस्ता होगा प्याज
    Breaking News Headlines राष्ट्रीय

    आयातित प्याज की 790 टन की पहली खेप भारत पहुंची, जल्द सस्ता होगा प्याज

    Devanand SinghBy Devanand SinghDecember 24, 2019No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नयी दिल्ली: आयातित प्याज की 790 टन की पहली खेप भारत पहुंच गई है. इसमें से कुछ प्याज दिल्ली और आंध्र प्रदेश भेजा गया है. इन राज्यों को प्याज के बंदरगाह पर पहुंचने की लागत 57-60 रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर भेजा गया है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि 12,000 टन और प्याज की खेप दिसंबर के अंत तक आने की उम्मीद है. सार्वजनिक क्षेत्र की एमएमटीसी ने अभी तक 49,500 टन प्याज के आयात का अनुबंध किया है.इस समय देश के प्रमुख शहरों में प्याज के खुदरा दाम 100 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहे हैं. हालांकि, कुछ हिस्सों में तो प्याज 160 रुपये प्रति किलोग्राम पर है.अधिकारी ने पीटीआई भाषा से कहा कि 290 टन और 500 टन की दो खेप पहले ही मुंबई पहुंच चुकी हैं. हम राज्य सरकारों को यह प्याज बंदरगाह पर 57 से 60 रुपये किलोग्राम की लागत के आधार पर दे रहे हैं.आंध्र प्रदेश और दिल्ली की सरकारों ने प्याज की मांग की थी और उन्होंने आयातित प्याज का उठाव शुरू कर दिया है. प्याज का आयात तुर्की, मिस्र और अफगानिस्तान से किया गया है. अधिकारी ने कहा कि प्याज की ओर खेप भी रास्ते में है. इनसे घरेलू आपूर्ति सुधारने में मदद मिलेगी.2019-20 के फसल वर्ष (जुलाई से जून) में खरीफ उत्पादन में 25 प्रतिशत की कमी आने का अनुमान है. प्रमुख उत्पादक राज्यों में मानसून में देरी और अत्यधिक बारिश जैसी वजहों से प्याज का उत्प़ादन नीचे आया है. व्यापारियों और विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी के अंत तक प्याज के दाम ऊंचे बने रहेंगे. उसके बाद बाजार में खरीफ की फसल आनी शुरू होगी. इससे पहले देश ने 2015-16 में 1,987 टन प्याज का आयात किया था. उस समय भी प्याज की कीमतों में भारी उछाल आया था.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Article27 को हेमंत सोरेन का शपथग्रहण
    Next Article दो साल में बीजेपी का साम्राज्य हुआ आधा

    Related Posts

    केदार कंस्ट्रक्शन के नए कार्यालय का उद्घाटन

    June 24, 2026

    पाकुड़ विद्यालयों में पाकुड़ पुलिस का जागरूकता अभियान, छात्रों को किया जागरूक

    June 24, 2026

    मुहर्रम को लेकर बोकारो में हाई अलर्ट, सिवनडीह में प्रशासन-पुलिस की मॉक ड्रिल

    June 24, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    केदार कंस्ट्रक्शन के नए कार्यालय का उद्घाटन

    पाकुड़ विद्यालयों में पाकुड़ पुलिस का जागरूकता अभियान, छात्रों को किया जागरूक

    मुहर्रम को लेकर बोकारो में हाई अलर्ट, सिवनडीह में प्रशासन-पुलिस की मॉक ड्रिल

    1 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के आरोपियों को कोर्ट से फिर झटका

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने टीएमएच में विधायक पूर्णिमा से की मुलाकात, जाना स्वास्थ्य का हाल

    गिरिडीह मकतपुर में बिजली संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

    मोहर्रम पर शास्त्री नगर में इंसानियत का पैगाम, 8 हजार लोगों ने ग्रहण किया विशाल लंगर

    मुहर्रम को लेकर उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध शराब के साथ एक गिरफ्तार

    डीसी ऑफिस के पास सड़क हादसे में महिला की मौत, चालक वाहन समेत फरार

    भरत तिवारी मुठभेड़ प्रकरण: उसके गांव पहुंचे प्रशांत किशोर, न्यायिक जांच की निगरानी की मांग

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.