
इंस्टीट्यूट आफ वेल्डिंग द्वारा तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार 12 दिसंबर से शुरू
इंस्टीट्यूट आफ वेल्डिंग, जमशेदपुर द्वारा तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार गुरुवार 12 दिसंबर से शुरू हो रहा है। बिष्टुपुर स्थित एसएनटीआइ सभागार में आयोजित इस सेमिनार में इसरो, भारत परमाणु अनुसंधान केंद्र (बार्क), एनएमएल, आइआइटी सहित देश भर के 300 से अधिक विशेषज्ञ शहर आ रहे हैं जो वेल्डिंग की दुनिया में हुए नए शोध और विकास पर जानकारियां साझा करेंगे।
-सेंटर फार एक्सिलेंस मे कांफ्रेंस करते हुए जमशेदपुर चैप्टर के चेयरमैन डा. ए प्रभाकरन ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जमशेदपुर चैप्टर 10 साल बाद राष्ट्रीय सेमिनार की मेजबानी कर रहा है और इस बार का थीम है वेल्डिंग, क्लेडिंग और ऐडिटिव मैन्युफैक्चरिंग में प्रगति। सेमिनार में कुल 110 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।
इसके अलावा बार्क के उप महाप्रबंधक डा. अनिरुद्ध कुमार, इसरो के अनिल वसानी, आइआइटी मुंबई के अमितता डे, एनएमएल के निदेशक संदीप घोष चौधरी सहित कई विशेषज्ञ आ रहे हैं। इसके अलावा आयोजन स्थल पर वेल्डिंग जगत की कंपनियों द्वारा 30 प्रदर्शनी स्टाल भी लगाए जा रहे हैं जो वर्तमान तकनीक की जानकारियां देंगे।
वहीं, संस्थान के उपाध्यक्ष अरविंद दत्ताराय ने कहा कि वेल्डिंग के बिना कुछ भी संभव नहीं है। एयरो स्पेस से लेकर मिसाइल व टैंक निर्माण में अलग-अलग तरह की वेल्डिंग तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है और देश की जीडीपी में इसका योगदान लगभग सवा दो प्रतिशत है।

