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    Home » मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ ( सिद्धकोफेड ) के निदेशक पर्षद की तीसरी बैठक में कई एजेंडों पर हुई चर्चा, मिली मंजूरी
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    मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ ( सिद्धकोफेड ) के निदेशक पर्षद की तीसरी बैठक में कई एजेंडों पर हुई चर्चा, मिली मंजूरी

    Nizam KhanBy Nizam KhanAugust 6, 2024No Comments5 Mins Read
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    मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ ( सिद्धकोफेड ) के निदेशक पर्षद की तीसरी बैठक में कई एजेंडों पर हुई चर्चा, मिली मंजूरी

    ◆ *_मुख्यमंत्री ने सिद्धकोफेड के माध्यम से वनोपजों का उत्पादन , संकलन प्रसंस्करण, अनुसंधान तथा विकास की विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सभी समुचित कदम उठाने का दिया निर्देश_*
    ==================
    ◆ *_मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा- किसानों को वैकल्पिक कृषि और वनउपज के लिए प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करें, ताकि वे इसका व्यावसायिक रूप से उत्पादन कर सकें_*
    ==================
    ● *_मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा- सभी छूटे हुए किसानों को लैम्प्स -पैक्स से निबंधन के कार्य में तेजी लाएं_*
    ==================
    ● *_झारखंड के विशिष्ट वनोपजों को वैश्विक पहचान और बाजार उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध_*

    ● *_किसानों को सशक्त करने के लिए सरकार ने लिए हैं कई निर्णायक निर्णय_*

    *_श्री हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड_*

    मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड के निदेशक पर्षद की तृतीय बैठक संपन्न हुई। मुख्यमंत्री की बैठक में कहा कि झारखंड में कृषि एवं वनोपज क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। इसे बढ़ावा देने के लिए सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड का गठन हुआ है । इसका उद्देश्य विभिन्न वनोपज का उत्पादन, संकलन, प्रसंस्करण, अनुसंधान तथा विकास की विभिन्न गतिविधियों को सहकारी आधार पर संगठित करना है ।ऐसे में इस सहकारी संघ की जानकारी किसानों तक पहुंचनी चाहिए, ताकि वे इससे जुड़कर उत्पादों का लाभ ले सकें।

    *_सभी लैम्प्स -पैक्स को पूरी तरह क्रियाशील करें_*

    मुख्यमंत्री ने राज्यभर में अवस्थित सभी लैम्प्स -पैक्स को पूरी तरह क्रियाशील करने का निर्देश अधिकारियों को दिया, ताकि किसानों को इसका ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि लैम्प्स और पैक्स से आज भी किसानों की एक बड़ी संख्या निबंधित नहीं है । ऐसे में छूटे हुए सभी किसानों को जोड़ने की पहल करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि लैम्प्स- पैक्स भवनों की मरम्मत के साथ उसके उचित रखरखाव और बेहतर प्रबंधन की पुख्ता व्यवस्था हो।

    *_झारखंड के कृषि एवं वनोपज उत्पादों का वैल्यू एडिशन के साथ जियो टैगिंग हो_*

    मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में लाह, इमली, कोदो, कुटकी, सरगुजा, चिरौंजी, आंवला, महुआ, करंज, रेशम और तसर जैसे कई वनोपज हैं, जिसकी उपयोगिता और बाजार में काफी ज्यादा मांग है। लेकिन इसके उत्पादकों को इसका उचित फायदा नही मिल रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड के इन विशेष उत्पादों का वैल्यू एडिशन के साथ जियो टैगिंग करने की दिशा में कदम उठाएं, ताकि इन वनोपजों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ किसानों को पूरा फायदा मिल सके। इससे झारखंड के इन विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक बाजार में भी अलग पहचान मिलेगी।

    *_वनोपज एवं कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए समुचित कदम उठाएं जाएं_*

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वनोपज एवं कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए समुचित कदम उठाएं जाने चाहिए। वनोपज से जुड़े ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ें। इनके उत्पादन से संबंधित जानकारी और प्रशिक्षण दें, ताकि वह व्यावसायिक रूप से इनका उत्पादन कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाह तथा रेशम -तसर की खेती की झारखंड में काफी संभावनाएं हैं। ऐसे में इसके उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में पहल करें ।

    *_वैकल्पिक कृषि के लिए किसानों को प्रशिक्षित करें_*

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिस तरह मौसम में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है उसे परंपरागत कृषि काफी प्रभावित हो रही है। ऐसे में किसानों को वैकल्पिक कृषि के लिए भी तैयार रहना होगा । उन्होंने कहा कि कृषक पाठशाला राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इस कृषक पाठशाला में किसानों को वैकल्पिक खेती का प्रशिक्षण दें । उन्हें वनोपज से जोड़ें। इसके लिए उन्हें संसाधन भी उपलब्ध कराने की पहल करें ताकि विपरीत परिस्थितियों में वे कृषि कार्य से जुड़कर अपने को मजबूत बनाए रख सकें।

    *_केंदू पत्ता को भी सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ के दायरे में लाने की संभावनाएं तलाशें_**

    मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि केंदू पत्ता वनोपज को भी। सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ के दायरे में लाने की संभावनाएं तलाशें। इससे केंदू पत्ता के उत्पादन से जुड़े श्रमिकों को फायदा मिलेगा।

    *_सहकारिता प्रशिक्षण केंद्र फुदी को प्रोफेशनल तरीके से चलाने का सुझाव_*

    मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा की फुदी स्थित नवनिर्मित सहकारिता प्रशिक्षण केंद्र में सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं | उसे प्रोफेशनल तरीके से चलाया जाए | यदि आवश्यक हो तो राष्ट्रीय सहकारी संघ (NCUI) अथवा राष्ट्रीय प्रशिक्षण सहकारी परिषद् (NCCT) से MOU कर वहां प्रोफेशनल /वोकेशनल कोर्सेज करवाया जाए ताकि राज्य के नवयुवकों का स्किल development हो, उन्हें रोजगार मिल सके | PPP मोड में भी चलने की संभावना तलाशी जाए |

    *_मधु संग्राहकों को उचित प्रशिक्षण दिया जाए_*

    बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा निर्देश दिया गया की मधु संग्राहकों को उचित प्रशिक्षण दिया जाए| उनका समूह बना कर सिध्कोफेड से जोड़ा जाए एवं उनके मधु को वैश्विक बाजार उपलब्ध करने के लिए अमूल, सफोला, हिमालय जैसी बड़ी कंपनियों / संस्थाओं से MOU किया जाए ताकि मधु संग्राहकों को उचित मूल्य मिल सके एवं लोगो को उच्च गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्यवर्धक मधु उपलब्ध हो सके |

    *_इस बैठक में कृषि मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती वंदना दादेल, कृषि सचिव श्री अबु बकर सिद्दीक, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग सचिव श्री कृपानंद झा, सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ के निदेशक सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री उमाशंकर सिंह, जेएसएलपीएस के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री संदीप सिंह एवं एपीसीसीएफ -सह- प्रबंध निदेशक जेएसएफडीसी श्री वाईके दास प्रमुख रूप से उपस्थित थे।_*

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