Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » मिशनरी स्कूलों की मनमानी रोकने को ऑडिट ज़रूरी : शिक्षा सत्याग्रह
    Breaking News Headlines खबरें राज्य से झारखंड शिक्षा

    मिशनरी स्कूलों की मनमानी रोकने को ऑडिट ज़रूरी : शिक्षा सत्याग्रह

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 26, 2019No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    मिशनरी स्कूलों की मनमानी रोकने को ऑडिट ज़रूरी : शिक्षा सत्याग्रह

    जमशेदपुर के प्राइवेट स्कूलों में दिनों दिन सामने आ रहें धार्मिक असहिष्णुता के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए ‘शिक्षा सत्याग्रह’ ने प्राइवेट स्कूलों को अपनी कार्यसंस्कृति और प्रबंधन शैली में सुधार लाने की हिदायत दी है। गुरुवार को ज़ारी बयान में शिक्षा सत्याग्रह के संस्थापक अंकित आनंद ने कहा की हिंदू संस्कृति का अनुसरण करने वाले बच्चों पर अनुशासन का चाबुक चलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर बच्चों को संस्कृति से विमुख करने का कुत्सित प्रयास निंदनीय है। शिक्षा सत्याग्रह ने आरोप लगाया कि इन सब षड्यंत्रों के पीछे धर्मांतरण को प्रेरित करने वाली मिशनरी संस्थाओं की सोची समझी रणनीति है। अंकित आनंद ने माँग उठाया कि निज़ी स्कूलों में विशेष कर मिशनरी संस्थाओं द्वारा संपोषित सभी कोटि के स्कूलों के वित्तीय लेनदेन, जमीन के कागज़ातों समेत अन्य व्यवहारों का ऑडिट ज़रूरी है। आरोप लगाया कि मिशनरी निज़ी स्कूल अभिभावकों द्वारा वसूले गए राशि का एक बड़ा हिस्सा धर्मांतरण कराने वाली मिशनरी संस्थाओं और अपने लाभ के लिए उपयोग में लाती है। ऐसे स्कूलों पर सख्त कार्यवाई ज़रूरी है। बताया कि स्कूलों की कार्यसंस्कृति से हिंदू भावनाओं को आघात हो रहा है और देश की एकता और अखंडता को कमज़ोर करने का कुचक्र रचा जा रहा है। बताया कि जल्द ही इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधीक्षक से लिखित माँग पत्र समर्पित की जायेगी और विशेष रूप से मिशनरी संस्थाओं द्वारा संचालित सभी कोटि के स्कूलों के ऑडिट कराने की मांग होगी। इधर बेल्डीह चर्च स्कूल मामले में विरोध के दूसरे दिन भी शिक्षा सत्याग्रह की ओर से प्रतिक्रिया ज़ाहिर करते हुए कहा गया कि फ़ैसले से यू-टर्न लेकर बच्चों का निलंबन वापस ले लेना नाकाफ़ी है। बेल्डीह चर्च स्कूल प्रबंधन को हिंदुओं की भावनाएँ आहत करने के कुत्सित प्रयासों के लिए लिखित रूप में माफ़ी माँगनी होगी। बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी शिवेंद्र कुमार के स्तर से 24 घँटों में जाँच कर रिपोर्ट तैयार करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अबतक इस आशय में कृत कार्यवाई की जानकारी नहीं प्राप्त हो सकी है। निलंबन के फ़ैसले को पलटकर बच्चों को वापस बुला लेना पर्याप्त नहीं है। धार्मिक असहिष्णुता फ़ैलाने के मामले में बेल्डीह चर्च स्कूल पर कार्यवाई ज़रूरी है। बताया कि शुक्रवार को एकबार फ़िर संस्था का प्रतिनिमण्डल जिला शिक्षा पदाधिकारी से मिलकर कार्यवाई का दबाव बनाएगा।

     

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleबहरागोड़ा में ऐतिहासिक रहा जोहार जन आशीर्वाद यात्रा, विरोधियों की उड़ी नींद
    Next Article जन आशीर्वाद यात्रा को जनता ने नकारा : अर्जुन

    Related Posts

    जमशेदपुर में ओलंपिक दिवस: 37 पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान

    June 23, 2026

    रांची: जेपीएल फाइनल में भगदड़, JSCA स्टेडियम में कई दर्शक घायल

    June 23, 2026

    झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन पद्म भूषण से सम्मानित

    June 23, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    जमशेदपुर में ओलंपिक दिवस: 37 पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान

    रांची: जेपीएल फाइनल में भगदड़, JSCA स्टेडियम में कई दर्शक घायल

    झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन पद्म भूषण से सम्मानित

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: SDPO-SHO पर हत्या का केस

    भारतीय ज्ञान-मीमांसा: मिथिला विवि में व्याख्यान

    लखनऊ अग्निकांड में बुलडोजर न्याय: रत्नाकर की सख्त मांग

    सूचना के अधिकार: सरकार के ‘अधूरे फैसले’ पर गलगली के सवाल

    लखनऊ अग्निकांड: कब जागेगा तंत्र, सुधारों की क्यों दरकार?

    लखनऊ में भीषण अग्निकांड: 15 जिंदगियां राख

    कालिकापुर-बागों सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान, पक्की सड़क निर्माण की उठी मांग

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.