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    Home » राष्ट्रपति मुर्मू ने संसद में कहा- वैश्विक संकटों के बावजूद सरकार ने देश में महंगाई को काबू में रखा
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    राष्ट्रपति मुर्मू ने संसद में कहा- वैश्विक संकटों के बावजूद सरकार ने देश में महंगाई को काबू में रखा

    Devanand SinghBy Devanand SinghJanuary 31, 2024No Comments4 Mins Read
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    राष्ट्रपति मुर्मू ने संसद में कहा- वैश्विक संकटों के बावजूद सरकार ने देश में महंगाई को काबू में रखा
    नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों- लोक सभा और राज्य सभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए दावा किया कि बीते वर्षों में विश्व ने दो बड़े युद्ध देखे और कोरोना जैसी वैश्विक महामारी का सामना किया लेकिन ऐसे वैश्विक संकटों के बावजूद केंद्र सरकार ने देश में महंगाई को काबू में रखा और सामान्य भारतीय पर बोझ नहीं बढऩे दिया. उन्होंने कहा कि दुनिया में गंभीर संकटों के बीच भारत तेजी से विकसित होती बड़ी अर्थव्यवस्था बना, लगातार 2 क्वार्टर में भारत की विकास दर 7.5 प्रतिशत से ऊपर रही.

     

     

    मोदी सरकार द्वारा किए गए कामों और उपलब्धियों का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण में कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत ने राष्ट्र-हित में ऐसे अनेक कार्यों को पूरा होते हुए देखा है जिनका इंतजार देश के लोगों को दशकों से था. राम मंदिर के निर्माण की आकांक्षा सदियों से थी,जो आज सच हो चुका है. जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद-370 को हटाने को लेकर शंकाएं थी ,जो आज इतिहास हो चुकी है और इसी संसद ने तीन तलाक के विरुद्ध कड़ा कानून बनाया है.

     

    नए संसद भवन में अपने पहले संबोधन का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आजादी के अमृत काल की शुरुआत में यह भव्य भवन बना है. यहां एक भारत श्रेष्ठ भारत की महक भी है. भारत की सभ्यता और संस्कृति की चेतना भी है. उन्होंने 25 करोड़ देशवासियों के गरीबी रेखा से बाहर निकलने की बात कहते हुए कहा कि हम सभी बचपन से गरीबी हटाओ के नारे सुनते आ रहे थे. अब हम जीवन में पहली बार बड़े पैमाने पर गरीबी को दूर होते देख रहे हैं.

     

     

    रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के अपने कमिटमेंट को केंद्र सरकार द्वारा लगातार जारी रखने की बात कहते हुए राष्ट्रपति ने आगे कहा कि आज अर्थव्यवस्था के विभिन्न आयामों को देखें तो यह विश्वास बढ़ता है कि भारत सही दिशा में है तथा सही निर्णय लेते हुए आगे बढ़ रहा है. बीते दशक में सरकार ने सुशासन और पारदर्शिता को हर व्यवस्था का मुख्य आधार बनाया है. भारत में बिजनेस करने को लगातार आसान बनाया जा रहा है, इज ऑफ डूइंग बिजऩेस में लगातार सुधार हो रहा है. एमएसएमई और लघु उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम हो रहा है. डिजिटल इंडिया के क्षेत्र में किए गए सबसे बड़े रिफार्म का परिणाम सामने आ रहा है और आज दुनिया के कुल रियल टाइम डिजिटल लेन-देन का 46 प्रतिशत भारत में होता है.

     

     

    उन्होंने कहा कि सरकार मानती है कि विकसित भारत की भव्य इमारत 4 मज़बूत स्तंभों पर खड़ी होगी. ये स्तंभ हैं- युवाशक्ति, नारीशक्ति, किसान और गरीब. इसलिए इन 4 स्तंभों को सशक्त करने के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है. सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर चल रही सरकार समाज के हर वर्ग को उचित अवसर देने में जुटी है.
    आंतरिक शांति के लिए सरकार के प्रयासों के सार्थक परिणाम का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आतंकवाद हो या विस्तारवाद, हमारी सेनाएं आज जैसे को तैसा नीति के तहत जवाब दे रही है. आज जम्मू कश्मीर में सुरक्षा का वातावरण है. आज वहां हड़ताल का सन्नाटा नहीं है, भीड़ भरे बाजार की चहल-पहल है. नॉर्थ ईस्ट में अलवागववाद की घटनाओं में कमी आई है.

    राष्ट्रपति ने वैश्विक विवादों और संघर्षों के दौर में भी भारत सरकार द्वारा भारत के हितों को मजबूती से दुनिया के सामने रखने का दावा करते हुए कहा कि सरकार ने दुनिया भर में काम कर रहे भारतीयों में नया भरोसा जताया है. ऑपरेशन गंगा, ऑपरेशन कावेरी और वंदे भारत जैसे अभियान चलाकर जहां-जहां संकट आया, वहां-वहां से हर भारतीय को तेजी से सुरक्षित वापस लेकर आई.

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