Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » जमशेदपुर: ग्रामीण इलाके मे इन दिनो ठंड के समय बन रहा खजूर का गुड
    Breaking News जमशेदपुर झारखंड

    जमशेदपुर: ग्रामीण इलाके मे इन दिनो ठंड के समय बन रहा खजूर का गुड

    Devanand SinghBy Devanand SinghDecember 21, 2023No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    जमशेदपुर : ठंठ का समय आते ही खजूर के गुड़ का नाम सुनते की देशी खुशबू के साथ जमशेदपुर समेत आस पास के लोगों के मन मे खजूर गुड़ का स्वाद चखने के लिये मन मचल उठता है — लोग देशी जुगाड़ से बनी खजूर गुड़ की खरीदारी के लिये पटमदा और बोडाम प्रखंड पहुंच रहे है ।

     

     

     

    जमशेदपुर के ग्रामीण इलाके मे इन दिनो ठंड के समय खजूर का गुड बन रहा है । हर साल बंगाल के कई परिवार झारखंड पहुंचे है और तीन माह तक खजूर के पेड़ से रस निकालकर खजूर का गुड़ बनाते है –
    प्रकृति के पेड़ से कैसे मेहनत कर देशी जुगाड़ से रोजगार किये जा सकते है । सबसे बड़ी बात है लोग अपने आंखों के सामने खजूर रस से गुड़ बनता देखते है । खजूर के पेड़ों से रस निकालकर भट्ठी में गुड़ को काफी मेहनत से तैयार किया जाता है। इसमे कम से कम सात घंटे का समय लगता है। तब जाकर एक दिन में एक से दो टीना गुड़ बनकर तैयार होता है। पटमदा और बोड़ाम प्रखण्ड के ग्रामीण इलाके पहाड़ियों से घिरा होने के कारण यहां खजूर के पेड़ काफी संख्या में हैं , जिससे खजूर का गुड़ बनायी जाती है ।

     

     

    इस क्षेत्र में तैयार गुड़ झारखंड के साथ बिहार व बंगाल तक प्रसिद्ध है।

    बंगाल से आये व्यापारी से पूछने पर खजूर बनाने वाले बताते हैं कि ये खजूर बनाने के प्रक्रिया शीत काल के तीन माह तक चलता है। शाम के समय आपपास के जितने भी खजूर के पेड़ हैं , सभी में खजूर के पेड़ को छीलकर उसमे एक हंडी टांग दी जाती है , जिसमे रातभर मे खजूर का रस रिस रिस कर जमा होता है , उस रस को सुबह सुबह पेड़ से हंड़ी उतार कर भट्ठी आग मे लोहे से बनी कराहा में डालकर काफी देर तक गर्म किया जाता है। करीबन पांच घंटे के बाद उबलते हुए खजूर रस गुड़ बनाना शुरू हो जाता है । गीले खजूर के गुड़ से दो तरीके से गुड़ बनायी जाती है , एक गीली खजूर गुड़ और दूसरा ढेला खजूर गुड़ । ढेला खजूर का रूप मे देख सकते है कि जमीन पर बनायी गयी साँचे – गड्डे मे गीले खजूर गुड़ को डाल दिया जाता है , ठंडी होने के बाद यह अपना रूप ले लेता है और बाद मे निकालकर बेचा जाता है । इसके साथ साथ प्लास्टिक के बने डब्बे मे भी इसे डाल कर मॉडन तरीके से ग्राहकों को बेचते है ।
    जिसको ग्रामीण क्षेत्र के 90 से 100 रुपए किलो जबकि शहरी क्षेत्र में 120 – 150 रुपए प्रति किलो बेचा जाता है। खुड की खरीदारी करने जमशेदपुर के अलावे दूर दूर से लोग आते है ‌। झारखंड के कई जिला और पड़ोसी राज्य बंगाल – बिहार में भी खजूर गुड़ भेजा जाता है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleकविवर संजय पंकज को परमेश्वर नारायण स्मृति साहित्य सम्मान से विभूषित किया गया
    Next Article लोहरदगा: पीएलएफआई के उग्रवादियों ने मचाया तांडव,कई मशीनों को फूका

    Related Posts

    हरेलाल के भाजपा में जाने से पार्टी नहीं, 25 साल की दोस्ती पर पड़ेगा फर्क : सुदेश

    October 11, 2026

    हिमाचली शिव मंदिर की स्थापत्य कला में सजा प्रवीण सिंह सेवा संस्थान का पंडाल

    October 11, 2026

    सस्ता डेटा या तेज उपग्रह नेटवर्क: भारत के लिए कौन है बेहतर?

    October 11, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    Gewinnchancen entdecken mit https://wingagacasinos-de.com.de und seriösen Glücksspielanbietern für deutsche Spieler

    Gewinnchancen entdecken mit https://wingagacasinos-de.com.de und seriösen Glücksspielanbietern für deutsche Spieler

    Εκπληκτικές αποδόσεις και πληθώρα επιλογών στοίχημα με https://the-leonbet.com για κάθε φίλο του αθλητισμού

    Kockázatos fogadásoktól a biztonságig a the-bet-match-hungary.com oldalán

    हरेलाल के भाजपा में जाने से पार्टी नहीं, 25 साल की दोस्ती पर पड़ेगा फर्क : सुदेश

    “हाँ, मन्या सुर्वे मेरे मामा का बेटा है!”

    हिमाचली शिव मंदिर की स्थापत्य कला में सजा प्रवीण सिंह सेवा संस्थान का पंडाल

    सस्ता डेटा या तेज उपग्रह नेटवर्क: भारत के लिए कौन है बेहतर?

    पत्रकारिता पर हमले के लिए सिर्फ सत्ता नहीं, समाज भी जिम्मेदार है

    54वें फुटबॉल महाकुंभ में जूनियर फाइटर चैंपियन, 1.20 लाख का पुरस्कार

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.