Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » संदर्भ कोनार सिंचाई परियोजन:प्रशासनिक लापरवाही परवान चढ़ी
    Breaking News Headlines झारखंड राजनीति संवाद विशेष

    संदर्भ कोनार सिंचाई परियोजन:प्रशासनिक लापरवाही परवान चढ़ी

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 31, 2019No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम कोनार परियोजना

    अमन/ अनुप्रिया

    कड़वा सच 

    नहर बह गया यह प्रमाणित करता है कि नहर का निर्माण हुआ था , इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि इसकी पुनरावृत्ति नही हो सके । सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही तरफ के नेताओं का यह बयान है परंतु किसी ने यह नहीं कहा कि प्रशासनिक लापरवाही की वजह से कोनार सिंचाई परियोजना इसके लिए जिम्मेदार है ? कोनार सिंचाई परियोजना की यह घटना रघुवर सरकार को बदनाम करने की सुनियोजित सरियांत तो नहीं ?
    चुनाव के ठीक पहले इस तरह की घटना की जांच इस ओर भी ध्यान जाना चाहिए ।
    अफसरों का यह कहना की बांध को चूहे ने कुतर दी हास्यास्पद नहीं बल्कि मानसिक दिवालियापन का घोतक है । यहां यह बात भी लाजमी है कि इतनी बड़ी घटना में अगर प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार हैं तो विभाग के मंत्री (राजनेता) भी कम जिम्मेदार नहीं । जिन्होंने पूर्व में एक अधिकारिक द्वारा दी गई सूचना को नजर अंदाज किया ।

    मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा किये गए उद्घाटन के 13 घंटे बाद ही नहर बर्बाद हो गया । किसान जो कोनार सिंचाई परियोजना को लेकर इतने खुश थे कि उनके खेतों में अब पानी मिलेगा उन किसानों के सपना कुछ ही पलों में मिट्टी में मिल गए । इतना ही नहीं बल्कि उनके खेत में पानी जमा होने के कारण फसल नष्ट हो गए ।

    मजेदार बात तो यह है कि जिस नहर का निर्माण होने में 41 साल लगे और उसी नहर को बर्बाद होने में मात्र 13 घंटे ।

    इन सब चीजों का जिम्मेदार कौन है ? विपक्ष सिर्फ निशाना साधना पर तुले हैं । विपक्ष का कहना है कि लूट – खसोद शार्ट का निर्माण है यह नहर । पर सवाल यह उठता है कि जब सप्लाई में अनुमिलता बढ़ती जा रही थी तब विपक्षी कहां थे ? क्या पशुपालन घोटाले की तरह इस नहर में भी विपक्ष को अधिकारियों ने मुंह बंद करने के लिए रकम पहुंचाया था ?

    अधिकारियों ने पहले चूहों को जिम्मेदार ठहराया और अब 4 इंजीनियरों को दोषी पाया , पर सवाल यह उठता है कि 41 साल की मेहनत सिर्फ इन 4 इंजीनियरों की वजह से बर्बाद हो गई ?

    4 इंजीनियर को दोषी पाकर सस्पेंड कर देना मात्र खानापूर्ति है इस पर बर्खास्तगी का भी पहल हो तो ज्यादा बेहतर होगा ।
    चुनाव से ठीक पहले इन अधिकारियों के कारण सरकार की छीछालेदर हो गई ।

    अधिकारियों द्वारा बचाव के लिए जो तर्क दिए जा रहे हैं उस तर्क में ही जांच की स्थिर किया जाए तो बहुत बड़ा खुलासा होगा ?

    बहरहाल 41 साल से बन रहे कोनार सिंचाई परियोजना की जांच में जुटे अधिकारियों ने 4 इंजीनियरों को दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया , निलंबन मात्र से बड़े अधिकारी और मंत्री बेदाग साबित नहीं हो सकते हैं जब तक की इस पूरे मामले पर पटाक्षेप नहीं हो जाएगा । क्योंकि जिस बांध का निर्माण 41 साल में सरकार ने दो हजार करोड़ रुपए खर्च किए और मात्र 13 घंटे के बाद वह नष्ट हो गया । इसकी जवाबदेही मात्र 4 इंजीनियर पर नहीं बल्कि विभाग के आला अधिकारियों पर भी मुकम्मल जांच होनी चाहिए ।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleनेशनल लिविंग मॉनिटरिंग टीम द्वारा कुंडहित में स्वच्छता का निरीक्षण
    Next Article हिन्दू पीठ में गणपति उत्सव की तैयारियां जोरो पर

    Related Posts

    जमशेदपुर में ओलंपिक दिवस: 37 पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान

    June 23, 2026

    रांची: जेपीएल फाइनल में भगदड़, JSCA स्टेडियम में कई दर्शक घायल

    June 23, 2026

    झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन पद्म भूषण से सम्मानित

    June 23, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    जमशेदपुर में ओलंपिक दिवस: 37 पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान

    रांची: जेपीएल फाइनल में भगदड़, JSCA स्टेडियम में कई दर्शक घायल

    झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन पद्म भूषण से सम्मानित

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: SDPO-SHO पर हत्या का केस

    भारतीय ज्ञान-मीमांसा: मिथिला विवि में व्याख्यान

    लखनऊ अग्निकांड में बुलडोजर न्याय: रत्नाकर की सख्त मांग

    सूचना के अधिकार: सरकार के ‘अधूरे फैसले’ पर गलगली के सवाल

    लखनऊ अग्निकांड: कब जागेगा तंत्र, सुधारों की क्यों दरकार?

    लखनऊ में भीषण अग्निकांड: 15 जिंदगियां राख

    कालिकापुर-बागों सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान, पक्की सड़क निर्माण की उठी मांग

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.