दिशा समिति की बैठक के उपरांत केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन मुंडा,जनजातीय मामले भारत सरकार के द्वारा पत्रकारों का संबोधन
आज जिला समाहरणालय सभागार में आयोजित दिशा समिति की बैठक के उपरांत केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन मुंडा के द्वारा जिले के पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया गया की दिशा समिति की बैठक के तय मानकों पर आयोजित जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं समन्वय की बैठक में आज भारत सरकार के द्वारा तय निर्देश के आलोक में आज 43 बिंदुओं पर चर्चा की गई है।पश्चिमी सिंहभूम जिला देश के आकांक्षी जिला की सूची में शामिल है। आज की इस बैठक में आधारभूत संरचना के साथ-साथ मूलभूत संरचना को विकसित करने संबंधी विषयों पर चर्चा की गई है।
आज की इस बैठक में स्थानीय विधायकों के द्वारा भी कुछ बिंदुओं को सामने लाया गया है।इन सभी बिंदुओं पर भी बैठक में चर्चा की गई एवं इन समस्याओं के निदान हेतु कारगर प्रयास करने पर सहमति प्रदान की गई है।हमारा लक्ष्य है की प्रत्येक व्यक्ति एवं परिवार के जीवन स्तर में बदलाव लाया जाए।देश के सभी नागरिकों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के सभी बिंदुओं को विशेष तौर पर माइक्रो योजना के तहत समन्वय करते हुए अनुश्रवण किया जाना है।कई बिंदुओं पर जिले ने अच्छा मानक प्राप्त किए हैं एवं कुछ पर सुधार बाकी है जिसे भी जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।पूरे देश में 115 जिले में सीधे ऑनलाइन के माध्यम से नीति आयोग के द्वारा तय मानक पर निरीक्षण किया जाता है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आज की बैठक में विभिन्न योजनाओं का अनुश्रवण किया गया है जिस पर आगामी तिथि पर विस्तृत रूप से चर्चा की जाएगी,बहुत सारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर भी निरीक्षण किया जाएगा।त्रिस्तरीय व्यवस्था में तय जिम्मेदारी का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।आज का यह बैठक काफी उत्साहवर्धक रहा।जनता के द्वारा प्राप्त अवसर का पूर्ण उपयोग किया जाना है। आगामी दिनों में आधारभूत संरचना की दृष्टि से,संसाधन की दृष्टि से,रोजगार सृजन की दृष्टि से जो कार्यक्रम होने हैं उन्हें कैसे गति दिया जाए इन बातों को प्रमुखता दिया गया है। यहां पर विभाग के द्वारा 14 एकलव्य विद्यालय की स्वीकृति सैद्धांतिक रूप से दे दी गई है।इस विद्यालय की स्थापना केंद्रीय विद्यालय के तर्ज पर की जाएगी।जल्द ही ऐसे 462 योजनाओं का शुभारंभ राष्ट्रीय स्तर पर की जाएगी इसके साथ ही नए स्थापित विद्यालयों के लिए 15 एकड़ भूमि अधिग्रहण करने का निर्देश दिया गया है, जिससे स्कूलों में खेल मैदान उपलब्ध हो और इन स्कूलों में चार ऐसे खेलों का प्रशिक्षण दिया जाए जो ओलंपिक में शामिल हो।
इसके साथ ही ऑनलाइन व्यवस्था से छात्रवृत्ति की राशि ससमय देने की कार्य किया गया है।हमारे विभाग का मुख्य उद्देश्य शिक्षा एवं स्वास्थ्य के साथ ही रोजगार उन्मुख,स्वरोजगार प्रेरक है। इसके साथ ही हमारा एक संवैधानिक जिम्मेदारी है की आदिवासी बहुल इलाकों के प्राकृतिक जीवन से छेड़छाड़ किए बिना उन्हें विकसित करने का कार्य किया जा सके।

