Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » मुख्यमंत्री के प्रयासों से अपना जीवन सुधार रहीं झारखण्ड की बेटियां कमजोर वर्गों के लिए वरदान बन रही सरकार की पहल,बेटियों को उद्यमी बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही सरकार
    Breaking News Headlines जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड रांची राजनीति

    मुख्यमंत्री के प्रयासों से अपना जीवन सुधार रहीं झारखण्ड की बेटियां कमजोर वर्गों के लिए वरदान बन रही सरकार की पहल,बेटियों को उद्यमी बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही सरकार

    Devanand SinghBy Devanand SinghJuly 1, 2023No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    मुख्यमंत्री के प्रयासों से अपना जीवन सुधार रहीं झारखण्ड की बेटियां
    कमजोर वर्गों के लिए वरदान बन रही सरकार की पहल,बेटियों को उद्यमी बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही सरकार

    रांची:पार्वती और द्रौपदी कुमारी रांची के सिकिदिरी गांव की रहने वाली सगी बहनें हैं। दोनों ऐसे पृष्ठभूमि से आती हैं, जहां लड़की के लिए शिक्षा ग्रहण कर पाना बेहद कठिन है। लेकिन दोनों बहनों ने अपने मां की देखरेख में इस कठिन दौर को पार किया। सिर्फ कठिन दौर को पार ही नहीं किया, बल्कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर शुरू किए गए आईटीआई कौशल कॉलेज (पाक-कला) प्रेझा फाउंडेशन (एसटी, एससी, अल्पसंख्यक और कल्याण विभाग की परियोजन परिवाहिनी) से जुड़ गई। दोनों बहन की पहल रंग लाई। दोनों ने अच्छा करने की प्रतिबद्धता के साथ पाककला में एक साल का पूर्णकालिक आवासीय आईटीआई प्रमाणन कार्यक्रम के तहत पाठ्यक्रम पूरा कर प्लेसमेंट प्राप्त किया।

     

     

    पार्वती हैदराबाद स्थित सोडेक्सो एवं द्रौपदी बर्बेक्यू नेशन में नौकरी प्राप्त कर ली। उनका शुरुआती मासिक शुद्ध वेतन लगभग 16,000 (सीटीसी 25,000 रुपये) था। लेकिन उनकी प्रतिबद्धता और कड़ी मेहनत के कारण उनकी सेवा के केवल 6 माह में उनके वेतन में वृद्धि हुई। उनका वर्तमान मासिक शुद्ध वेतन 26 हजार (36,000 सीटीसी) है। अब दोनों बहनें न केवल अपनी मां की देखभाल कर रहीं हैं, बल्कि अपने गांव की सैकड़ों युवा लड़कियों के लिए एक आदर्श भी बन गई हैं। मुख्यमंत्री के प्रयासों से पार्वती और द्रौपदी जैसी सैकड़ों युवतियां अपना जीवन सुधार पा रहीं हैं।

    *कमजोर वर्गों के लिए वरदान है यह पहल*

    आईटीआई कौशल कॉलेज (पाक-कला) प्रेझा फाउंडेशन (एसटी, एससी, अल्पसंख्यक और कल्याण विभाग की परियोजन परिवाहिनी) की एक पहल है जो पाककला में एक साल का पूर्णकालिक आवासीय आईटीआई प्रमाणन कार्यक्रम प्रदान करने वाला अपनी तरह का पहला संस्थान है। यह कार्यक्रम राज्य के कमजोर वर्गों एससी, एसटी और अल्पसंख्यक लड़कियों को शेफ के रूप में प्रशिक्षित करने के इरादे से विकसित किया गया है ताकि वे अपनी आजीविका का मार्ग प्रशस्त कर सकें। यह पाक कला महाविद्यालय, कई मायनों में एक अभिनव पहल है। इसमें विश्व स्तरीय प्रशिक्षण बुनियादी ढांचा, विशेष रूप से तैयार पाठ्यक्रम और पाक कला प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रेरित संकाय है। झारखण्ड सरकार ने भारत और दुनिया के लिए भविष्य के शेफ तैयार करने के लिए इसकी स्थापना की है। आईटीआई पाक कला कौशल कॉलेज औपचारिक रूप से राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एससीवीटी), रांची, झारखण्ड से संबद्ध है। छात्रों को इंडियन फेडरेशन फॉर क्यूलिनरी एसोसिएशन (आईएफसीए) द्वारा प्रमाणित प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

    *बेटियों को उद्यमी बनाना लक्ष्य*

    झारखण्ड की बेटियों को इस पाठयक्रम के जरिए खाद्य उद्यमी बनाना लक्ष्य है। सरकार के सहयोग से संचालित कौशल कॉलेज एक ऐसा पाठ्यक्रम प्रदान करता है जो प्रैक्टिकल कक्षाओं, थ्योरी कक्षाओं, प्रोडक्शन शॉप ( छात्रों द्वारा प्रबंधित एक इनहाउस कैफे), जीवन कौशल मॉड्यूल (संचार, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, कार्य जीवन संतुलन और उद्यमिता) का सही मिश्रण है। आवासीय कॉलेज छात्राओं को उनके व्यक्तित्व और समाज के प्रति सेवा की भावना का निर्माण करने में मदद करती है। छात्रों को उद्यमिता (खाद्य उद्यमी) अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। आईटीआई कौशल कॉलेज में छात्रों द्वारा संचालित सेवा कैफे हैं जो खाद्य उद्यमियों की नर्सरी के रूप में कार्य करता है। इसका लक्ष्य झारखण्ड की बेटियों में उद्यमिता मानसिकता पैदा करने के मुख्यमंत्री के सपनों को साकार करना है। झारखण्ड की बेटियों द्वारा झारखण्ड में ही नौकरी के अवसर उपलब्ध कराना इस सेवा कैफे का सिद्धांत है।

    *बेटियां यहां कर सकतीं हैं संपर्क*

    कौशल कॉलेज में एडमिशन के लिए छात्राएं 10वीं पास करके app.prejha.org में अप्लाई कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए हेल्प लाइन नंबर 6204800180 पर कॉल कर सकते हैं।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleकोल्हान प्रमंडलीय बैठक में बूथों के सशक्तिकरण पर भाजपा का जोर, कार्यकर्ताओं को कोल्हान के दो लोकसभा सीट एवं 14 विधानसभा सीट फतह करने का मिला टास्क, महा जनसंपर्क अभियान की अवधि को मिला विस्तार
    Next Article विधुत प्रभावित जर्ज़र तार बार -बार सड़क पर गिरती है देखने बाला कोई नही

    Related Posts

    टेल्को के घोड़ाबांधा मोड़ पर खूनी संघर्ष, चापड़ और लोहे के पाइप से हमला, तीन घायल

    July 25, 2026

    जहानाबाद, बिहार बंद को लेकर जहानाबाद में हाई अलर्ट, चौक-चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात, एसपी खुद कर रहे मॉनिटरिंग।

    July 25, 2026

    छात्र आंदोलन के बीच बेगूसराय पुलिस ने की शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील

    July 25, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    टेल्को के घोड़ाबांधा मोड़ पर खूनी संघर्ष, चापड़ और लोहे के पाइप से हमला, तीन घायल

    जहानाबाद, बिहार बंद को लेकर जहानाबाद में हाई अलर्ट, चौक-चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात, एसपी खुद कर रहे मॉनिटरिंग।

    छात्र आंदोलन के बीच बेगूसराय पुलिस ने की शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील

    बिहार विधानसभा में सत्ता पक्ष ने सरकार को घेरा: जातीय पहचान और आरक्षण पर तीखे सवाल

    बिहार विधानसभा में जातीय पहचान और आरक्षण पर सत्ता पक्ष ने घेरा सरकार को

    ठाणे में मौत का तांडव: जगदाले एवेसा के पीछे हवा में लटका 250 किलो मलबा, जान का खतरा

    जगदाले एवेसा के पीछे लटका 250 किलो मलबा: ठाणे में बड़ा हादसे का खतरा

    बहुड़ा यात्रा: भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में लाखों श्रद्धालु, कड़ी सुरक्षा

    जल संकट का असंतुलित प्रबंधन: अस्तित्व पर मंडराता खतरा – ललित गर्ग का विश्लेषण

    जल संकट: असंतुलित प्रबंधन से अस्तित्व पर मंडराता खतरा

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.