Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » सरासर झूठ बोल रहे जैक डोर्सी: भारत में ट्विटर को बंद करने की धमकी के आरोपों पर सरकार का जवाब
    Headlines अन्तर्राष्ट्रीय

    सरासर झूठ बोल रहे जैक डोर्सी: भारत में ट्विटर को बंद करने की धमकी के आरोपों पर सरकार का जवाब

    Devanand SinghBy Devanand SinghJune 13, 2023No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    सरासर झूठ बोल रहे जैक डोर्सी: भारत में ट्विटर को बंद करने की धमकी के आरोपों पर सरकार का जवाब
    नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने मंगलवार को ट्विटर के सह-संस्थापक और पूर्व सीईओ जैक डोर्सी के उन आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि किसान आंदोलन के दौरान भारत सरकार ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट को बंद करने की धमकी दी थी. डोर्सी ने सोमवार को यूट्यूब चैनल ब्रेकिंग पॉइंट्स में एक साक्षात्कार के दौरान दावा किया कि कंपनी को किसानों के समर्थन और सरकार की आलोचना करने वाले खातों को ब्लॉक करने के लिए भारत से ‘कई अनुरोध’ प्राप्त हुए थे. अब केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने इसी पर सख्त प्रतिक्रिया दी है.

     

     

     

    उन्होंने ट्वीट किया, “यह जैक डोर्सी का एक झूठ है. शायद ट्विटर के इतिहास के उस बहुत ही संदिग्ध दौर को मिटाने का प्रयास है. डोर्सी और उनकी टीम के तहत ट्विटर भारतीय कानून का बार-बार और लगातार उल्लंघन कर रहा था. वास्तव में वे 2020 से 2022 तक बार-बार कानून का पालन नहीं कर रहे थे और यह केवल जून 2022 था जब उन्होंने अंततः भारत के कानून को स्वीकारा किया. कोई जेल नहीं गया और न ही ट्विटर ‘शटडाउन’ हुआ.”

    केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, ‘डोर्सी की अगुवाई में ट्विटर को भारतीय कानून की संप्रभुता को स्वीकार करने में समस्या थी. उन्होंने ऐसा व्यवहार किया जैसे भारत के कानून उस पर लागू नहीं होते. एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में भारत को यह सुनिश्चित करने का अधिकार है कि भारत में काम करने वाली सभी कंपनियां उसके कानूनों का पालन करें.’

     

     

    सरकार ने कहा, ‘जनवरी 2021 में विरोध प्रदर्शनों के दौरान, बहुत सारी गलत सूचनाएँ और यहाँ तक कि नरसंहार की रिपोर्टें भी आईं, जो निश्चित रूप से गलत थीं. भारत सरकार को ट्विटर से गलत सूचनाओं को हटाने के लिए बाध्य होना पड़ा क्योंकि इस तरह की फर्जी खबरें स्थिति को और भड़का सकती थी. जैक के तहत ट्विटर पर इस तरह का पक्षपातपूर्ण व्यवहार था कि उन्हें भारत में मंच से गलत सूचना को हटाने में समस्या हुई, जबकि उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका में इसी तरह की घटनाएं होने पर ऐसा किया था.’

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleनीतीश को लगा झटका, मांझी के बेटे संतोष का बिहार कैबिनेट से इस्तीफा
    Next Article दिल्ली-नोएडा से लेकर कश्‍मीर तक भूकंप के झटके, 10 सेकंड तक हिल गए लोग

    Related Posts

    बिहार विधानसभा में सत्ता पक्ष ने सरकार को घेरा: जातीय पहचान और आरक्षण पर तीखे सवाल

    July 24, 2026

    बिहार विधानसभा में जातीय पहचान और आरक्षण पर सत्ता पक्ष ने घेरा सरकार को

    July 24, 2026

    ठाणे में मौत का तांडव: जगदाले एवेसा के पीछे हवा में लटका 250 किलो मलबा, जान का खतरा

    July 24, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    बिहार विधानसभा में सत्ता पक्ष ने सरकार को घेरा: जातीय पहचान और आरक्षण पर तीखे सवाल

    बिहार विधानसभा में जातीय पहचान और आरक्षण पर सत्ता पक्ष ने घेरा सरकार को

    ठाणे में मौत का तांडव: जगदाले एवेसा के पीछे हवा में लटका 250 किलो मलबा, जान का खतरा

    जगदाले एवेसा के पीछे लटका 250 किलो मलबा: ठाणे में बड़ा हादसे का खतरा

    बहुड़ा यात्रा: भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में लाखों श्रद्धालु, कड़ी सुरक्षा

    जल संकट का असंतुलित प्रबंधन: अस्तित्व पर मंडराता खतरा – ललित गर्ग का विश्लेषण

    जल संकट: असंतुलित प्रबंधन से अस्तित्व पर मंडराता खतरा

    पेपर लीक पर कठोर कानून और संवाद की जरूरी पहल

    पेपर लीक रोकने के लिए कठोर कानून के साथ संवाद भी जरूरी: देवानंद सिंह

    पेपर लीक पर कठोर कानून: छात्रों का भविष्य और लोकतंत्र की गरिमा

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.