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    Home » दस बार भगवान शिव का किरदार निभा चुके हैं तरुण खन्ना अब करेंगे देवराज इंद्र का रोल
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    दस बार भगवान शिव का किरदार निभा चुके हैं तरुण खन्ना अब करेंगे देवराज इंद्र का रोल

    Devanand SinghBy Devanand SinghJune 13, 2023No Comments3 Mins Read
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    दस बार भगवान शिव का किरदार निभा चुके हैं तरुण खन्ना अब करेंगे देवराज इंद्र का रोल
    टीवी एक्टर तरुण खन्ना पर्दे पर अपनी शानदार एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं. भगवान शिव के किरदार में नजर आने वाले तरुण लाखों लोगों का दिल जीत चुके हैं. लेकिन तरुण शिव की बजाए देवराज इंद्र का रोल अदा करने जा रहे हैं. जी हां, तरुण कलर्स टीवी के मच अवेटेड शो शिव शक्ति तप, त्याग तांडव में नजर आने वाले हैं. जिसमें तरुण भगवान इंद्र की भूमिका निभाएंगे.

     

     

     

    आमतौर पर दर्शकों ने तरुण को हमेशा शिव के अवतार में ही देखा है. ऐसे में तरुण को इंद्र के रोल में देखना फैंस के लिए भी बिल्कुल नया अनुभव होगा. हालांकि तरुण ने इंद्र बनने के पीछे काफी दिलचस्प वजह बताई है. तरुण ने कहा कि,”मैं पिछले सात साल में मैं 10 बार शिव जी का रोल निभा चुका हूं. इस दौरान मैंने लगभग सभी कहानियों को अलग-अलग सीरियलों में किया है. इसलिए अपकमिंग शो में जो कुछ भी दिखाया जाएगा. मैंने उसे 10 बार किया है.” “ऐसे में मेरे पास दिखाने के लिए कुछ नया नहीं है. अब अगर शिव जी हलाहल पीएंगे तो मेरा वही रिएक्शन होगा. जब सती मरेंगी तो मैं वैसे ही रोऊंगा. जाहिर है शिव जी हर बार वहीं ही करने वाले हैं. तो मैं अपने अंदर नए इमोशन कहां से लाऊंगा. मैं चाहकर भी इसमें ज्यादा कुछ नया नहीं दे सकता. इसलिए मैंने नया किरदार चुन लिया है.

     

     

     

    वहीं देवराज इंद्र की खराब छवि पर बात करते हुए तरुण ने कहा कि,”हम लोग अपनी कहानियों में इंद्र देव को विलेन मानते हैं. इन्हें अच्छी तरह से लोगों के सामने कभी प्रेजेंट नहीं किया गया है. लेकिन वास्तव में ऐसा है नहीं. वो वास्तव में स्वर्ग का राजा है. हम कहते हैं कि अच्छे काम करोगे तो तुम्हे स्वर्ग मिलेगा. लेकिन कहानियों के अनुसार जो खुद स्वर्ग का राजा है. वो सबसे बड़ा लंपट है. ऐसा नहीं हो सकता है. इसलिए मैंने अपने इस किरदार पर काफी काम किया है. मैंने इसमें कई पैंतरे डाले हैं.” तरुण आगे कहते हैं कि,”इंद्र की बहादुरी को लोगों ने हमेशा नजरअंदाज किया है. जिन राक्षसों को ब्रह्मा, विष्णु और महेश से आशीर्वाद मिला है. उन्हें खुद त्रिदेव नहीं मार सकते हैं. ये सब कुछ जानते हुए इंद्र उन राक्षसों से भिड़ जाता है. मार खाता है. लेकिन वहां से भागता नहीं है. ये अपने आप में बहादुरी की बात है. वहीं हर युद्ध के बाद इंद्र फिर से कमबैक करता है.”

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