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    Home » हरिद्वार में मंदिरों में छोटे कपड़े पहनने वाले भक्तों को नहीं मिलेगी एंट्री
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    हरिद्वार में मंदिरों में छोटे कपड़े पहनने वाले भक्तों को नहीं मिलेगी एंट्री

    Devanand SinghBy Devanand SinghJune 9, 2023No Comments3 Mins Read
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    हरिद्वार में मंदिरों में छोटे कपड़े पहनने वाले भक्तों को नहीं मिलेगी एंट्री
    हरिद्वार. उत्तराखंड में हरिद्वार के मंदिरों में ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। यहां के मंदिरों में आप वेस्टर्न कपड़े पहनकर जाने पर रोक भी लगा दी गई है। ऐसे में अब महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष और लड़कियां भी छोटे-छोटे कपड़े पहनकर या वेस्टर्न कपडों के साथ मंदिरों में दर्शन नहीं कर सकते। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने इस बात की पुष्टि की है, उनका कहना है कि भारतीय संस्कृति अंग प्रदर्शन को अच्छा नहीं माना गया है।

     

     

     

    उनका आगे कहना है कि भारतीय परंपरा में शरीर का 80 प्रतिशत भाग ढका रहना चाहिए, ऐसे में उनकी अपील है कि मंदिरों में आने वाले युवक और युवतियां 80 प्रतिशत कपड़ों में दर्शन के लिए आएं। अगर वो शार्ट पहनकर मंदिरों में आते हैं तो उन्हें एंट्री नहीं मिलेगी। यही नहीं प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। अगर आप कोई भी व्यक्ति शार्ट पहनकर मंदिर में दर्शन करने के लिए जाता है, तो उसे बलपूर्वक रोका जाएगा।उनका कहना है कि लोगों को पर्यटन और धार्मिक यात्रा में फर्क समझना होगा, पवित्र जगहों की अपनी परंपरा और मर्यादा होती है, उसी के अनुसार मंदिर में मर्यादित आचरण भी करना चाहिए। उसी माहौल के अनुसार आचरण और वेशभूषा भी होनी चाहिए। अगर आप किसी टूरिस्ट प्लेस पर जा रहे हैं, तो वहां के अनुसार कपड़े पहनें और अगर आप मंदिर जैसी धार्मिक जगह पर आ रहे हैं, तो कपड़े मर्यदा में होने चाहिए।

     

     

     

    हरिद्वार के जिलाधिकारी भी हर की पौड़ी पर जूते-चप्पल पहनने पर रोक लगाने की तैयारी में है। इसके लिए यहां प्लान भी तैयार किया जा रहा है, अलग-अलग जगह जूतों वाली जगह और सामान घर बनाने की प्लानिंग है। अभी हर की पौड़ी के ब्रह्म कुंड में किसी भी व्यक्ति के जूते चप्पल पहनने पर रोक लगी हुई है। बता दें, ये रोक यहां पहले से लगी हुई है, लेकिन हर की पैड़ी के मालवीय घाट, नाई घाट के साथ दूसरे और घाटों पर ऐसी रोक नहीं लगी है। बता दें, शिव सेतु, कांगड़ा घाट, हर की पैड़ी चौकी, नाई घाट के पास जूता स्टॉल बनाया जा सकता है। वहीं गर्मियों में नंगे पैर न जले इसके लिए हर की पैड़ी पर कालीन का इंतजाम किया जाएगा।हरिद्वार कैसे पहुंचे – अगर आप हरिद्वार जाने का प्लान बना रहे हैं और मंदिरों के दर्शन करना चाहते हैं, तो कैसे आप यहां तक पहुंच सकते हैं जानें-

     

     

     

    हवाई मार्ग से : देहरादून में जॉली ग्रांट हवाई अड्डा हरिद्वार के पास के हवाई अड्डे के रूप में कार्य करता है। मुंबई या दिल्ली से देहरादून के लिए सीधी उड़ान ले सकते हैं या भारत में कहीं से भी कनेक्टिंग उड़ानें ले सकते हैं।

    सड़क मार्ग से: दिल्ली, हरियाणा, यूपी, पंजाब और उत्तराखंड के अन्य हिस्सों से सड़क मार्ग से आसानी से हरिद्वार पहुंचा जा सकता है। कई राज्य परिवहन और निजी बसें हरिद्वार को इन स्थानों से जुडी हुई हैं।

    रेल द्वारा हरिद्वार: हरिद्वार का अपना रेलवे स्टेशन है जो तीर्थ नगरी को भारत की अन्य जगहों से जोड़ता है। एक्सप्रेस ट्रेनों द्वारा दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, देहरादून, जयपुर, अहमदाबाद, पटना, गया, वाराणसी, भुवनेश्वर, पुरी और कोच्चि जैसे शहरों से सीधे जुड़ा हुआ है।

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