Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट झारखंड में शीघ्र लागू कराई जाय: राजेश शुक्ल
    Breaking News जमशेदपुर झारखंड

    एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट झारखंड में शीघ्र लागू कराई जाय: राजेश शुक्ल

    Nizam KhanBy Nizam KhanApril 12, 2023No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट झारखंड में शीघ्र लागू कराई जाय: राजेश शुक्ल

    झारखंड स्टेट बार कौंसिल के वाईस चेयरमैन और वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार शुक्ल ने झारखंड के राज्यपाल श्री सी पी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन को ई मेल भेजकर राज्य में बिना विलंब के एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू कराने की मांग को दोहराई है।

    श्री शुक्ल जो अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति के राष्ट्रीय महामंत्री भी है ने लिखा है झारखंड स्टेट बार कौंसिल ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट का प्रारूप राज्य सरकार को पूर्व में ही हिंदी और अंग्रेजी भाषा मे सौपा है , लेकिन राज्य सरकार की इक्षाशक्ति के अभाव के चलते उसे मूर्त रूप नही मिल पा रहा है।

    श्री शुक्ल ने लिखा है राज्य में अधिवक्ताओं के साथ हो रही घटनाएं आज चिंता का विषय है, अधिवक्ताओं को निर्भीकता के साथ अपने दायित्व निभाने का माहौल मिलना चाहिए और यह राज्य में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू कराने से ही सुलभ हो पायेगा।

    श्री शुक्ल ने लिखा है कि राजस्थान सरकार ने राजस्थान में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करा दिया, दिल्ली सरकार ने अधिवक्ताओं के कल्याणकारी योजनाओं को पूरी मदद कर लागू कराया है। उत्तर प्रदेश की सरकार ने कोरोना में मृत अधिवक्ता परिवारों को आर्थिक पैकेज देकर कल्याणकारी कार्य किया है। तेलंगाना , तमिलनाडु , गुजरात और पश्चिम बंगाल में भी वहां की राज्य सरकारों ने आर्थिक पैकेज दिया है । लेकिन झारखंड सरकार ने अधिवक्ताओं के लिए अनेक घोषणाएं की , लेकिन उसे अभी तक मूर्त रूप नही मिला है और न ही उसकी कोई अधिसूचना ही झारखंड स्टेट बार कौंसिल को आज तक प्राप्त हुई है।

    श्री शुक्ल ने पत्र की प्रति भारत सरकार के विधि और न्याय मंत्री श्री किरेन रिजीजू को भी भेजा है तथा झारखंड के अधिवक्ताओं और उनके परिजनों की सामुहिक बीमा कराने की योजना को लागू कराने का आग्रह किया है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleजमशेदपुर : भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राय ने कहा “यह तुगलकी सरकार चल रही है. हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है
    Next Article वनों को अग्नि के रोकथाम, जागरूकता, उचित प्रबंधन एवं आपदा प्रबंधन आदि से संबंधित समीक्षा हेतु उपायुक्त के अध्यक्षता में आहूत बैठक संपन्न

    Related Posts

    झारखंड: भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

    August 7, 2026

    फाइब की प्रबंधित परिसंपत्तियां 63.31 प्रतिशत बढ़कर 8,603 करोड़ रुपये पर पहुंचीं

    August 7, 2026

    गौतमबुद्ध नगर में 24 घंटे में साइबर ठगी के 30 मामले दर्ज, लोगों से दो करोड़ रुपये से अधिक की ठगी

    August 7, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    झारखंड: भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

    फाइब की प्रबंधित परिसंपत्तियां 63.31 प्रतिशत बढ़कर 8,603 करोड़ रुपये पर पहुंचीं

    गौतमबुद्ध नगर में 24 घंटे में साइबर ठगी के 30 मामले दर्ज, लोगों से दो करोड़ रुपये से अधिक की ठगी

    विश्व कप में 28 साल बाद कोई भारतीय अंपायर नहीं, दिग्गजों ने कहा सुधार की जरूरत

    पर्सनैलिटी राइट्स मामले में तब्बू को बड़ी राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने अपमानजनक और अश्लील कंटेंट हटाने का दिया आदेश

    Gen-Z प्रोटेस्ट पर मोहन भागवत का बड़ा बयान, कहा- उनकी शिकायत जायज, शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत

    राज्यसभा में नीरज डांगी को बड़ी जिम्मेदारी, राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में बढ़ा कद संगठन में बदले समीकरण

    सुप्रीम कोर्ट का बड़ा स्पष्टीकरण अदालतों की रिपोर्टिंग पर रोक नहीं, सुनवाई के ऑडियो वीडियो क्लिप के प्रसारण पर प्रतिबंध

    दूसरी शादी के मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, समन जारी करने से पहले सप्तपदी के सबूत जरूरी नहीं

    केरल हाईकोर्ट ने कहा बाइक चालक की लापरवाही का खामियाजा पीछे बैठे यात्री को नहीं भुगतना होगा

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.