Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » धर्म परिवर्तन हमारी कमजोरी और परिवर्तन करवाने वालों का अज्ञान : शंकराचार्य
    Breaking News जमशेदपुर झारखंड धर्म

    धर्म परिवर्तन हमारी कमजोरी और परिवर्तन करवाने वालों का अज्ञान : शंकराचार्य

    Devanand SinghBy Devanand SinghMarch 10, 2023No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    धर्म परिवर्तन हमारी कमजोरी और परिवर्तन करवाने वालों का अज्ञान : शंकराचार्य

    धर्म परिवर्तन हमारी कमजोरी और परिवर्तन कराने वालों का अज्ञान है. ये बाते शंकराचार्य सदानंद सरस्वती जी ने कही. गुरुवार देर शाम द्वारका शारदापीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य सदानंद सरस्वती जुगसलाई के शिवा रेसीडेंसी में प्रेस को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन कराने वाले अज्ञानी है और हमारी कमजोरी है. जो शासन में है और जो धनी लोग है वे धनी लोगों को ही धन देते है, गरीबों के बीच जाकर काम नही करते है.

     

     

    जो एनजीओ आदिवासी क्षेत्रों में काम करते है उनके लिए विदेशों से जो सहायता आ रही है उसमे इनकम टैक्स और जीएसटी की छूट दी जा रही है. इसमें सरकार को ध्यान देना चाहिए कि यह राशि सेवा के लिए आ रही है या धर्म परिवर्तन के लिए आ रही है. शास्त्रों के अनुसार धर्म परिवर्तन नहीं किया जा सकता.

     

     

    राजनीति से प्रेरित होकर सरना धर्म कोड को मांग
    शंकराचार्य ने बताया कि आदिवासी राजनीति से प्रेरित होकर ऐसी मांग कर रहे है. आदिवासी और वनवासी मूल भारतवासी है और हिंदू ही है. उन्होंने यहां आने से पहले आदिवासियों से भी मुलाकात की. वे जहां भी गए वहां आदिवासियों द्वारा मंदिर बनाए गए थे जहां वे लोग पूजा करते है. उन्होंने उनसे भी पूजा कराई. उन्होंने कहा कि गाय में जिसकी भक्ति है, ओमकार जिसका मूल मंत्र है, पुनर्जन्म में जो विश्वास रखता है और मां पिता की पूजा करता है वहीं हिंदू है

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleराष्ट्र संवाद हेडलाइंस
    Next Article पति की हत्या कर महिला खुद को घर में किया कैद , घंटो पुलिस रही परेशान

    Related Posts

    जमशेदपुर: परमहंस लक्ष्मीनाथ मंदिर परिसर में आरोग्य संस्थान का उद्घाटन, सरयू राय ने की पहल की सराहना

    June 25, 2026

    कोचिंग जाने निकली 16 वर्षीय छात्रा रहस्यमय परिस्थितियों में लापता, परिजनों ने लगाई मदद की गुहार

    June 25, 2026

    सिंहभूम कॉलेज में ‘साहित्यिक मंच’ संपन्न, संताली साहित्य और युवा रचनाधर्मिता पर मंथन

    June 25, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    जमशेदपुर: परमहंस लक्ष्मीनाथ मंदिर परिसर में आरोग्य संस्थान का उद्घाटन, सरयू राय ने की पहल की सराहना

    कोचिंग जाने निकली 16 वर्षीय छात्रा रहस्यमय परिस्थितियों में लापता, परिजनों ने लगाई मदद की गुहार

    सिंहभूम कॉलेज में ‘साहित्यिक मंच’ संपन्न, संताली साहित्य और युवा रचनाधर्मिता पर मंथन

    प्रखंड मुख्यालय में एससीआर को ले बीएलए-2 की बैठक आयोजित

    मवि ऊपरबेड़ा में प्रखंड स्तरीय सुब्रतो कप एवं लिटिल चैम्पस फुटबाल प्रतियोगिता आयोजित

    ट्रंप का दावा: मध्यपूर्व में शांति की ओर बढ़ रहा ईरान, ईरान बड़ी रियायतें दे रहा है

    खनन विभाग ने औचक निरीक्षण में किया एक वाहन जब्त एवं पाटा टोल प्लाजा पर पांच वाहनों से वसूले 23 हजार जुर्माना

    पैतृक जमीन हड़पने से सी ओ से शिकायत 

    यूसील प्रबंधन के द्वारा के के फार्मा को 1 साल में 2 करोड़ से अधिक का भुगतान लेकिन समय पर नहीं मिल रहा है मरीजों को जरूरी दवा

    सरायकेला-खरसावां में अवैध बालू खनन पर जिला प्रशासन की सख्ती, बिना चालान बालू ले जा रहा वाहन जब्त, पांच वाहनों से ₹23 हजार जुर्माना

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.