लेखक: राष्ट्र संवाद संवादाता
चंडीगढ़, 17 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क बुनियादी ढांचे से जुड़ी 4,700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का चंडीगढ़ दौरा
हरियाणा के जींद में हाइड्रोजन से चलने वाली देश की पहली ट्रेन को जींद और सोनीपत के बीच हरी झंडी दिखाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया तथा कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री ने चंडीगढ़ स्थित स्नातकोत्तर मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) में आधुनिक मातृ एवं शिशु केंद्र और आधुनिक तंत्रिका विज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया।
अधिकारियों के अनुसार, 300 बिस्तरों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं वाले मातृ एवं शिशु केंद्र से माताओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और पूरे क्षेत्र के हजारों परिवारों को इसका लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि तंत्रिका विज्ञान केंद्र में विभिन्न जांच सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि इससे जटिल तंत्रिका संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को समय पर विश्वस्तरीय इलाज मिलेगा, साथ ही तंत्रिका विज्ञान के क्षेत्र में चिकित्सा अनुसंधान, शिक्षा और प्रशिक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के तहत 150 बिस्तरों वाले आधुनिक गहन देखभाल ब्लॉक का भी शिलान्यास किया।
अधिक जानकारी के लिए पीआईबी की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
उद्घाटन की गई प्रमुख परियोजनाएं
- पीजीआईएमईआर में 300 बिस्तरों वाला मातृ एवं शिशु केंद्र
- पीजीआईएमईआर में आधुनिक तंत्रिका विज्ञान केंद्र
- पीएम-एबीएचआईएम के तहत 150 बिस्तरों वाला गहन देखभाल ब्लॉक
- जींद-सोनीपत मार्ग पर भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन
- स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क बुनियादी ढांचे से जुड़ी अन्य परियोजनाएं
हाइड्रोजन ट्रेन: हरित ऊर्जा की ओर एक कदम
भारत की पहली हाइड्रोजन ईंधन सेल ट्रेन का शुभारंभ जींद-सोनीपत मार्ग पर किया गया है, जो शून्य कार्बन उत्सर्जन के साथ हरित परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ट्रेन स्वदेशी तकनीक पर आधारित है और इससे डीजल इंजन की तुलना में परिचालन लागत में कमी आएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे भारतीय रेलवे के नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य 2030 की प्राप्ति में मील का पत्थर बताया।
पीजीआईएमईआर में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं
पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ में नवनिर्मित मातृ एवं शिशु केंद्र और तंत्रिका विज्ञान केंद्र उत्तर भारत के रोगियों को अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेंगे। 300 बिस्तरों वाला मातृ एवं शिशु केंद्र उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था और नवजात देखभाल के लिए विशेष सुविधाओं से लैस है, जबकि तंत्रिका विज्ञान केंद्र में एमआरआई, सीटी स्कैन, इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी लैब जैसी जांच सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इससे क्षेत्र के लाखों रोगियों को लाभ होगा।
आयुष्मान भारत मिशन का विस्तार
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के तहत 150 बिस्तरों वाला गहन देखभाल ब्लॉक गंभीर रोगियों के लिए समर्पित होगा। इस मिशन का उद्देश्य जिला स्तर पर क्रिटिकल केयर सुविधाओं को मजबूत करना और महामारी जैसी आपात स्थितियों के लिए तैयार रहना है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि यह ब्लॉक चंडीगढ़ और आसपास के राज्यों के रोगियों को तृतीयक देखभाल प्रदान करेगा।
इन परियोजनाओं का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी गई है। चंडीगढ़ और हरियाणा के निवासियों को इनसे प्रत्यक्ष लाभ होगा और क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।

