वक्फ संशोधन विधेयक के नाम पर विपक्षी दल देश में माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे : ललन सिंह
जनता दल-यूनाइटेड (जद-यू) के सांसद एवं पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने वक्फ (संशोधन) विधेयक को उनकी पार्टी के पूर्ण समर्थन की घोषणा करते हुए लोकसभा में बुधवार को कहा कि विपक्षी दल इस विधेयक को लेकर एक अलग तरह का विमर्श गढ़ने की और देश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
सिंह ने ‘वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025’ पर सदन में जारी चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि देश में ऐसा विमर्श गढ़ा जा रहा है कि यह विधेयक मुसलमान विरोधी है, जबकि हकीकत यह है कि इसके पारित होने के बाद मुस्लिम समुदाय के हर वर्ग के हितों की रक्षा होगी।
उन्होंने कहा कि वक्फ कोई मुस्लिम संस्था नहीं, बल्कि एक न्यास है, जिसे मुस्लिम हितों की रक्षा के लिए बनाया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘यह कोई धार्मिक संस्था नहीं है, बल्कि एक निकाय है।’’
मंत्री ने कहा कि कुछ लोग देश का माहौल खराब करने में लगे हैं और उनकी बेचैनी सिर्फ इसलिए है कि उनका वक्फ पर से परोक्ष या प्रत्यक्ष नियंत्रण समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि वक्फ की संपत्तियों और उससे होने वाली आमदनी को मुसलमानों के हक में खर्च करने के प्रावधान किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘फिर आपके विरोध का आधार क्या है? यदि आप विमर्श गढ़ रहे हैं तो बस अपने लाभ के लिए।’’
सिंह ने कहा कि विपक्षी दल पूछ रहे हैं कि संशोधन से क्या फायदा मिलेगा? उनके जवाब में वह कहना चाहते हैं कि पसमांदा समाज के लोग भी मुस्लिम समुदाय का हिस्सा हैं, लेकिन वक्फ में उनकी कोई हिस्सेदारी नहीं है।
उन्होंने कहा कि वह संशोधन विधेयक को लेकर तूफान खड़ा करने वाले लोगों को बताना चाहते हैं कि संशोधन विधेयक में वैसे प्रावधान किये गये हैं जिनके जरिये पसमांदा समाज भी वक्फ का हिस्सा बनेगा और इस समाज के लोग इस अच्छे काम के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का गुणगान करेंगे।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को मोदी जी का चेहरा पसंद नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि मोदी जी का चेहरा पसंद नहीं है तो उनकी ओर देखने के बजाय उनके अच्छे कामों की ओर देखिए। वर्ष 2013 में आपने (विपक्ष ने सत्ता पक्ष में रहकर) जो पाप किये हैं उसे प्रधानमंत्री धो रहे हैं।’’
सिंह ने कहा कि भागलपुर का दंगा कांग्रेस की सरकार के कार्यकाल में ही हुआ था। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने हमेशा वोट के लिए लोगों को बांटकर रखा।
उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के एक घटक ने कहा है कि जदयू धर्मनिरपेक्ष पार्टी है, और उनकी पार्टी को किसी से धर्मनिरपेक्षता का प्रमाण-पत्र नहीं चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी राजनीति वोट के लिए बांटने वाली राजनीति नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम पर राजनीति करने वाले विपक्षी दल क्या यह बता सकते हैं कि क्या मुसलमानों में महिलाएं नहीं हैं और यदि उन्हें भी वक्फ में शामिल किया जाएगा तो क्या वे लाभान्वित नहीं होंगी?
सिंह ने कहा कि ऐसा कैसे संभव है कि वक्फ ने जिस संपत्ति पर हाथ रख दिया, वह उसकी हो गयी। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने संसद भवन और राष्ट्रपति भवन को वक्फ की संपत्ति होने से बचा लिया। उन्होंने कहा कि जद (यू) विधेयक का पूर्ण समर्थन करता है।