नयी दिल्ली:पाकिस्तान बहुत मोटी चमड़ी वाला मगरमच्छ है. इसके आंसू भी धोखा देने वाले हैं. ऐसा ही कुछ अंदेशा भारतीय खुफिया एजेंसियों ने जताया है. खुफिया एजेंसियों ने यह अंदेशा पाकिस्तान में 44 आतंकियों को कथित तौर पर पकड़े जाने के बारे में व्यक्त किया है. भारतीय खुफिया एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तान के अधिकारिक बयान में कहा गया है कि इन संदिग्धों को प्रीवेंटिव डिटेंशन में रखा गया है. इनको पाकिस्तान के आतंकवाद निरोधी कानून 1997 के तहत गिरफ्तार नहीं किया गया है. भारतीय एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान अपने पालतू आतंकियों को गिरफ्तारी के बहाने सुरक्षित अड्डों पर पहुंचा रहा है. ताकि वो किसी भी तरह दूसरे देश की एजेंसियों के हत्थे न लग जायें. भारतीय सूत्रों का कहना है पाकिस्तान जमात-उद-दावा के नामजद आतंकी सरगना हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी के मामले में भी ऐसा ही कर चुका है. पहले इनको डिटेन किया और फिर पहले से लिखी गयी इबारत के तहत कुछ दिन बाद बाइज्जत रिहा कर दिया गया. दोनों ही मामलों में पाकिस्तान सरकार ने अदालत को लिख कर दिया है कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने या हिरासत में रखने के पुख्ता सुबूत नहीं मिल पाये हैं. भारतीय सुरक्षा और खुफिया अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार ने ‘प्रिवेंटिव डिटेंशन’ की आड़ में प्रमुख आतंकियों को सरकारी सुरक्षा कवच प्रदान कर दिया है. क्यों कि इमरान सरकार को आशंका है कि भारतीय एजेंसियां पाकिस्तान के भीतर कोवर्ट ऑपरेशन कर सकती हैं और उसके पालतू आतंकियों का खात्मा कर सकती हैं.ध्यान रहे मंगलवार को पाकिस्तान ने जिन आतंकियों को कथिक तौर पर पकड़ने की आड़ में सुरक्षा कवच प्रदान किया है उनमें वो नाम भी शामिल हैं जिनका जिक्र भारत के डोसियर में भी है. पाकिस्तान ने दुनिया को धोखा देने के लिए नेशनल एक्शन प्लान के तहत इन आतंकियों को प्रिवेंटिव डिटेंशन में रखा है, पाकिस्तान में 1997 में बने एंटी टेररिस्ट एक्ट के तहत कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.
भारतीय खुफिया एजेंसियों का खुलासा,आतंकियों को सुरक्षित अड्डों पर पहुंचा रहा पाकिस्तान!
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