लेखक: राष्ट्र संवाद संवादाता
प्रेम प्रसंग का खौफनाक अंत चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र में सामने आया है, जहां कोर्ट में गवाही रोकने के लिए एक प्रेमी ने अपनी प्रेमिका की सुपारी देकर हत्या करवा दी।
प्रेम प्रसंग का खौफनाक अंत: पूरा मामला
चतरा पुलिस ने हंटरगंज थाना क्षेत्र के जजलो गांव स्थित बंद पत्थर खदान से बरामद युवती दिव्या कुमारी की हत्या का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार प्रेम प्रसंग और कोर्ट में गवाही के डर ने इस हत्याकांड को जन्म दिया। मामले में एक सुपारी किलर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार है।
चतरा के एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने प्रेस वार्ता में बताया कि बिहार के डोभी थाना क्षेत्र की रहने वाली दिव्या कुमारी का शेरघाटी निवासी राहुल यादव से प्रेम संबंध था। दोनों के बीच विवाद होने के बाद दिव्या ने राहुल के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, जो फिलहाल न्यायालय में लंबित है। पुलिस जांच में सामने आया कि राहुल लगातार दिव्या पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा था। जब दिव्या नहीं मानी तो कोर्ट में गवाही से बचने के लिए उसने उसकी हत्या की साजिश रच डाली।
पुलिस के मुताबिक राहुल यादव ने गया जिले के बांकेबाजार निवासी नेपाली गंझू को दो लाख रुपये की सुपारी देकर दिव्या की हत्या कराई। दोनों ने मिलकर गला दबाकर उसकी हत्या की और शव को चतरा के जजलो गांव स्थित बंद पत्थर खदान में फेंक दिया ताकि पहचान और साक्ष्य मिटाए जा सकें।
तकनीकी एवं वैज्ञानिक जांच के आधार पर पुलिस ने नेपाली गंझू को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने कई अहम जानकारियां दी हैं। एसडीपीओ ने बताया कि हत्या का मुख्य साजिशकर्ता राहुल यादव अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
इस मामले में चतरा पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है। झारखंड पुलिस की तकनीकी शाखा ने कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर सुपारी किलर को दबोचा। फरार मुख्य आरोपी राहुल यादव की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है। कानूनी जानकारों का मानना है कि सुपारी देकर हत्या करवाने के मामले में आईपीसी की धारा 302 के साथ 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत कड़ी सजा का प्रावधान है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पुलिस चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में जुटी है।
यह घटना समाज में प्रेम संबंधों के खतरनाक मोड़ लेने और कानून से बचने के लिए अपराधिक षड्यंत्र रचने की प्रवृत्ति को उजागर करती है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के दबाव या धमकी की सूचना तुरंत थाने में दें ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।
कानूनी पहलू और सामाजिक प्रभाव
भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत सुपारी देकर हत्या करवाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। धारा 302 (हत्या) के साथ-साथ धारा 120बी (आपराधिक साजिश) और धारा 34 (सामान्य इरादा) के तहत मामला दर्ज किया जाता है। ऐसे मामलों में दोष सिद्ध होने पर मृत्युदंड या आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। चतरा पुलिस ने इस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने पर विशेष जोर दिया है ताकि अदालत में आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण नमूने एकत्र किए हैं।
समाजशास्त्रियों का मानना है कि प्रेम संबंधों में विश्वासघात और कानूनी पचड़ों से बचने के लिए हत्या जैसे जघन्य अपराध की प्रवृत्ति चिंताजनक है। युवाओं को कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा रखते हुए विवादों का समाधान बातचीत या अदालत के माध्यम से करना चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा और गवाह सुरक्षा कानून की मजबूती पर बहस छेड़ दी है। झारखंड सरकार ने गवाह सुरक्षा योजना के तहत गवाहों को सुरक्षा मुहैया कराने का प्रावधान किया है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण कई लोग इसका लाभ नहीं उठा पाते।
चतरा के एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने मीडिया को बताया कि फरार आरोपी राहुल यादव की गिरफ्तारी के लिए बिहार और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में सघन छापेमारी जारी है। उसकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। गिरफ्तार आरोपी नेपाली गंझू का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस हत्याकांड के सभी पहलुओं से पर्दा उठ जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।

