निजाम खान
■ *कोरोना वायरस के रोकथाम व अन्य विषयों पर आज दिनांक 12.03.2020 को समाहरणालय, सभाकक्ष में बैठक आयोजित।*
■ *जागरूकता ही कोरोना का सबसे बड़ा बचाव:-उपायुक्त, जामताड़ा श्री गणेश कुमार (भा.प्र.से.)*
■ *सार्वजनिक स्थलों यथा विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन आदि स्थलों पर कोरोना वायरस से बचाव हेतु व्यापक प्रचार प्रसार करें- उपायुक्त, जामताड़ा श्री गणेश कुमार (भा0प्र0से0)।*
आज समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त, जामताड़ा श्री गणेश कुमार (भा0प्र0से0) की अध्यक्षता में नोवेल कोरोना वायरस से बचाव कोे लेकर स्वास्थ्य, समाज कल्याण, शिक्षा विभाग सहित अन्य संबंधित विभाग के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उपायुक्त ने चीन के वुहान शहर से फैले नोवेल कोरोना वायरस को लेकर चर्चा करते हुए सभी संबंधित विभागों को सर्तकता बरतने को कहा। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस से दुनिया के लगभग 120 देश ग्रसित हैं। भारत के कई राज्यों में इसके लक्षण पाॅजिटिव आए हैं लेकिन झारखंड के किसी भी जिले में इस वायरस के पीडित होने की सूचना नहीं हैं। इसलिए एहतियातन स्वास्थ्य विभाग को सर्तक रहने को कहा गया है साथ ही वैसे व्यक्ति जो हाल ही में बाहर के देश की यात्रा करके आए हैं उन्हें स्वास्थ्य निगरानी में रखें। साथ ही समाज कल्याण विभाग को सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में हाथ धुलाई साफ-सफाई आदि पर जोड़ देने को कहा तथा शिक्षा विभाग को सभी विद्याालयों में मध्याह्न भोजन के पूर्व छात्रों को अनिवार्य रूप में हाथ धुलाई करवाने हेतु निदेश दिया।
*स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना वायरस के संदर्भ में बताया।*
कोरोना वायरस के लक्षण
कोरोना वायरस बेहद आम होते हैं। इसके शुरुआती लक्षणों का अंदाजा छोटी समस्या सांस लेने में तकलीफ़, खांसी या फिर बहती हुई नाक, लेकिन कोरोना परिवार के कुछ वायरस बेहद ख़तरनाक़ होते हैं जैसे सार्स (सिवियर एक्यूट रेसपिरेटरी सिंड्रोम) और मर्स (मिडल ईस्ट रेसपिरेटरी सिंड्रोम)
कोरोना वायरस से संक्रमण के मामलों में ऐसा लगता है कि इसकी शुरुआत बुखार से होती है और फिर उसके बाद सूखी खांसी का हमला होता है। हफ़्ते भर तक ऐसी ही स्थिति रही तो सांस की तकलीफ़ शुरू हो जाती है।
लेकिन गंभीर मामलों में ये संक्रमण निमोनिया या सार्स बन जाता है। किडनी फेल होने की स्थिति बन जाती है और मरीज़ की मौत तक हो सकती है। कोरोना के ज़्यादातर मरीज़ उम्रदराज़ लोग हैं। ख़ासकर वो जो पहले से ही पार्किंसन या डायबिटिज़ जैसी बीमारियों से जूझ रहे हों।
*बचाव के लिए क्या कर सकते हैं?*
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आम लोगों के लिए सामान्य एहतियाती उपाय बरतने की सलाह दी है ताकि संक्रमण के ख़तरे को कम किया जा सके।
इस वायरस से बचने के लिए हाथ साफ़ रखना, मास्क पहनना और खान-पान की सलाह शामिल है।
सांसों की तकलीफ़ से संक्रमित मरीज़ों के क़रीब जाने से लोगों को बचने की सलाह दी गई है। नियमित रूप से हाथ साफ़ करते रहें। ख़ासकर किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के फौरन बाद, पालतू या जंगली जानवरों से दूर रहने की सलाह भी दी गई है। कच्चा या अधपका मांस खाने से मना भी किया गया है।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता श्री सुरेन्द्र कुमार,जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री बांके बिहारी सिंह, सिविल सर्जन डाॅ आशा एक्का, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमति स्नेह कश्यप, अस्पताल उपाधीक्षक डाॅ एस के मिश्रा,SMO WHO, जिला महामारी विशेषज्ञ आदि मौेके पर उपस्थित थे।