Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी
    Breaking News Headlines राष्ट्रीय

    केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी

    Devanand SinghBy Devanand SinghJuly 30, 2020No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    *New Education Policy: 10 बिंदुओं में पढ़ें नई श‍िक्षा नीति की खास बातें*

    केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है. नई शिक्षा नीति में 10+2 के फॉर्मेट को भी पूरी तरह खत्म कर दिया गया है.

    अब इसे 10+2 से बांटकर 5+3+3+4 फार्मेट में ढाला गया है. इसका मतलब है कि अब स्कूल के पहले पांच साल में प्री-प्राइमरी स्कूल के तीन साल और कक्षा 1 व कक्षा 2 सहित फाउंडेशन स्टेज शामिल होंगे. फिर अगले तीन साल को कक्षा 3 से 5 की तैयारी के चरण में विभाजित किया जाएगा.

    इसके बाद में तीन साल मध्य चरण (कक्षा 6 से 8) और माध्यमिक अवस्था के चार वर्ष (कक्षा 9 से 12). इसके अलावा स्कूलों में कला, वाणिज्य, विज्ञान स्ट्रीम का कोई कठोर पालन नहीं होगा, छात्र अब जो भी पाठ्यक्रम चाहें, वो ले सकते हैं.

    यहां नई NEP के बारे में जानने के लिए 10 महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं.

    1) बोर्ड परीक्षाएं मॉड्यूलर रूप में हो सकती हैं, अब बोर्ड परीक्षा रट्टा मारकर याद रखने वाले सिद्धांत को हतोत्साहित करते हुए ज्ञान और योग्यता आधारित होंगी.

    2) मल्टिपल एंट्री और एग्ज़िट सिस्टम में पहले साल के बाद सर्टिफिकेट, दूसरे साल के बाद डिप्लोमा और तीन-चार साल बाद डिग्री दी जाएगी.

    3) सभी उच्च शिक्षा संस्थानों, कानूनी और मेडिकल कॉलेजों को छोड़कर, एकल नियामक यानी सिंगल रेगुलेटर द्वारा होगी.

    4) केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत निजी और सार्वजनिक उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए सामान्य मानदंड अपनाया जाएगा. प्रेस कांफ्रेंस में शिक्षा सचिव अमित खरे ने कहा कि आज की तारीख तक हमारे पास अलग-अलग स्टैंडअलोन संस्थानों के लिए अलग-अलग विश्वविद्यालयों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए अलग-अलग मानदंड हैं. नई शिक्षा नीति कहती है कि गुणवत्ता के कारणों के लिए मानदंड सभी के लिए समान होंगे, न कि स्वामित्व के अनुसार.

    5) नई शिक्षा नीति के अनुसार विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली आम प्रवेश परीक्षा होगी. ये परीक्षा एनटीए यानी नेशनल टेस्ट‍िंग एजेंसी कराएगी.

    6) स्कूल पाठ्यक्रम को मेन कॉन्सेप्ट में कम किया जाएगा. इसके साथ नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कक्षा 6 से व्यावसायिक शिक्षा का एकीकरण शामिल है.

    7) नई नीति 2035 तक हाई स्कूल के 50% छात्रों के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच का विस्तार करना चाहती है, और इससे पहले सार्वभौमिक वयस्क साक्षरता (universal adult literacy ) प्राप्त करना है.

    8) मंत्रिमंडल ने तय किया है कि सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग 6% तक शिक्षा पर सार्वजनिक खर्च बढ़ाया जाए जो कि अभी करीब 4.43 प्रतिशत के करीब है.

    9) सरकार 2030 तक प्री स्कूल से सेकेंड्री लेवल यानी माध्यमिक स्तर तक 100% ग्रॉस एनरोलमेंट के अनुपात को लक्षित कर रही है.

    10) 5 वीं कक्षा तक मातृभाषा शिक्षा का एक माध्यम बनाया जाए.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleविक्रम त्यागी का सुराग लगाने में पुलिस एक माह बाद भी नाकाम जांच सीबीआई को देने की उठ रही है मांग
    Next Article अधिवक्ता प्रकाश यादव हत्याकांड में अमूल्य कर्मकार 24 घंटे के पुलिस रिमांड पर

    Related Posts

    रांची: जेपीएल फाइनल में भगदड़, JSCA स्टेडियम में कई दर्शक घायल

    June 23, 2026

    झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन पद्म भूषण से सम्मानित

    June 23, 2026

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: SDPO-SHO पर हत्या का केस

    June 23, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    जमशेदपुर में ओलंपिक दिवस: 37 पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान

    रांची: जेपीएल फाइनल में भगदड़, JSCA स्टेडियम में कई दर्शक घायल

    झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन पद्म भूषण से सम्मानित

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: SDPO-SHO पर हत्या का केस

    भारतीय ज्ञान-मीमांसा: मिथिला विवि में व्याख्यान

    लखनऊ अग्निकांड में बुलडोजर न्याय: रत्नाकर की सख्त मांग

    सूचना के अधिकार: सरकार के ‘अधूरे फैसले’ पर गलगली के सवाल

    लखनऊ अग्निकांड: कब जागेगा तंत्र, सुधारों की क्यों दरकार?

    लखनऊ में भीषण अग्निकांड: 15 जिंदगियां राख

    कालिकापुर-बागों सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान, पक्की सड़क निर्माण की उठी मांग

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.