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    Home » आवारा पशुओं का तबेला बना अंबा अस्पताल
    Breaking News झारखंड

    आवारा पशुओं का तबेला बना अंबा अस्पताल

    Nizam KhanBy Nizam KhanOctober 18, 2019No Comments2 Mins Read
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    विरान पड़ा अंबा का अस्पताल।

    ✍निजाम खान

    जामताड़ा: हमेशा से ही अंबा के लोगों को समस्या से जूझना मानों आदत-सी पड़ गयी है।एक तरफ जहां सरकार द्वारा अटल क्लिनीक खोला जा रहा है जो काफी महत्वाकांक्षी योजना है।वही दूसरी ओर अंबा स्थित प्राथमिक स्वास्थ केंद्र चिकित्सक के अभाव में स्वयं बिमारी से ग्रसित होता जा रहा है।बता दे आस्पाताल में एक भी डाक्टर पदास्थापित नही है।डाक्टर तो दूर की बात अस्पाताल में एएनएम तक नही हैं।गौरतलब है अगस्त महीना में जिला में अनेकों नये एएनएम की बहाली हुई।अस्पाताल में सिर्फ एक सफाई कर्मी और एक हेल्थवार्कर है।इन्हीं कर्मीयों के भरोसे अस्पाताल संचालीत है।चिकित्सक नही रहने से रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग इलाज नही करा पाते है।इलाज कराने के लिए लोगों को 50-60 किलोमीटर दूरी तय कर आसनसोल,बर्धमान,सिउड़ी,कोलकाता जाना पड़ता है।जिससे लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।मालूम हो कि लगभग 1989 से आजतक अस्पाताल में एएनएम की नियुक्ति नही हुई है।जो विभागीय लापरवाही को दर्शाता हैं।

    अंबा,बिक्रमपुर,पांचकुड़ी,बड़ा आकना,सटकी,किष्टोबांधी,बाघाशोला,चंद्रवाद,थालपोता,जगन्नाथपुर,गुवालडंगाल,भेलुवा,सियारसुली,सालूका,सालदाहा,रामपुर,हरनंदपुर,गढ़शिमूला,जलालपुर,विजयपुर,तुलसीचक,सामबाथान,भादोपाड़ा सहित आदि गांवों के ग्रामीणों ने कहा कि आस्पाताल में आजतक एएनएम की नियुक्ती नही हुई है।कहा डाक्टर बहाल होने की सपना सपना ही रह गया।जिससे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
    आस्पाताल में डाक्टर नही रहने से छोटी-मोटी इलाज कराने के लिये पश्चिम बंगाल के सिउड़ी,आसनसोल,कोलकाता जाना पड़ता है।जिससे लोगों को 70-80 किलोमीटर दूरी का सामना करना पड़ता है। वही बहुत से लोगों को कभी-कभी डाक्टर है कि नही के बारे में जानकारी के अभाव में आस्पाताल से बिना इलाज के वापस बैरंग लौटना पड़ता है।जिससे दिन भर मजदूरी भी जाती है।दूसरी ओर परेशानीयां झेलने पड़ती है।बताते चले अस्पाताल जर्जर अवस्था में है।खिड़की भी जर्जर हो गया है।ग्रामीणों ने बताया वर्षा के दिनों में छद से पानी टपकता है।बता दे अस्पाताल का चहारदिवारी भी नही है।जिससे अस्पाताल अवारा पशुओं का तबेला बनकर रह गया है।अस्पाताल में अवारा पशुओं का जमावड़ा हो जाता है।जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है।लोगों ने जामताड़ा उपायुक्त से शीघ्र ही स्वास्थ विभाग का इस ओर ध्यान आकर्षीत कराने की मांग की है।

    क्या कहते है पदाधिकारी:
    पीएचसी और एचएससी एक ही स्थान पर है।एचएससी में दो एएनएम पदास्थापित है।वही लोग पीएचसी का भी काम देखती है।

    डॉक्टर दीपीसीखा रामानी,प्रभारी,सीएचसी,कुंडहित।

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