अनुराग ठाकुर की टिप्पणियों ने मेरी प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाया, आरोप साबित करें या इस्तीफा दें: खरगे
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को भाजपा सदस्य अनुराग ठाकुर द्वारा लोकसभा में उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को निराधार करार देते हुए कहा कि इन टिप्पणियों से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।
खरगे ने भाजपा सांसद को यह चुनौती भी दी कि वह उन पर (खरगे पर) लगाए गए अपने आरोपों को साबित करें या फिर इस्तीफा दें।
राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सदस्यों के हस्तक्षेप के कारण, भाजपा सांसद को निचले सदन में वक्फ़ विधेयक पर बहस के दौरान की गई अपनी अपमानजनक टिप्पणी वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।
खरगे ने कहा, ‘‘लेकिन नुकसान तो हो चुका है।’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि इस मुद्दे पर ठाकुर के साथ-साथ राज्यसभा में सदन के नेता जे पी नड्डा को भी माफी मांगनी चाहिए।
खरगे ने कहा, ‘‘मेरा करीब 60 साल का राजनीतिक जीवन एक खुली किताब की तरह है। कल अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में मुझ पर पूरी तरह झूठे और निराधार आरोप लगाए। जब मेरे सहयोगियों ने उन्हें चुनौती दी, तो उन्हें अपनी अपमानजनक टिप्पणी वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। लेकिन नुकसान तो हो चुका है।’’
उन्होंने कहा कि अनुराग ठाकुर के टिप्पणी वापस लेने के बावजूद, मीडिया और विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर यह मुद्दा छाया रहा।
खरगे ने कहा, ‘‘मैं आज अनुराग ठाकुर के बेबुनियाद आरोपों की निंदा करने के लिए मजबूर हूं। मैं सदन के नेता से माफी की उम्मीद करता हूं, कम से कम इतना तो सत्तारूढ़ पार्टी कर ही सकती है और उसे यह करना चाहिए।’’
उन्होंने ठाकुर को अपने आरोप साबित करने की चुनौती देते हुए कहा कि अगर भाजपा सांसद अपने आरोपों को साबित नहीं कर सकते, तो ‘‘उन्हें संसद में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। अगर आरोप साबित हो जाते हैं, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।’’
खरगे के इतना कहने के बाद विपक्षी सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए।