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    Home » अनिल शर्मा के बारे में जेल अधीक्षक ने दी थी गलत रिपोर्ट
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    अनिल शर्मा के बारे में जेल अधीक्षक ने दी थी गलत रिपोर्ट

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 5, 2019No Comments3 Mins Read
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    रांची : दुमका जेल में बंद कुख्यात अनिल शर्मा द्वारा रंगदारी के लिए फोन किये जाने के संबंध में दुमका जेल अधीक्षक ने एसपी को गलत रिपोर्ट दी थी. आठ अगस्त 2019 को दुमका एसपी को भेजी रिपोर्ट में जेल अधीक्षक ने लिखा था कि अनिल शर्मा सिर्फ जेल के टेलीफोन बूथ से सप्ताह में एक बार पत्नी और बच्चे से घरेलू बात करता है. इसकी रिकॉर्डिंग भी सुनी जाती है. उसके द्वारा किसी को धमकी दिये जाने से संबंधित कोई बात अब तक संज्ञान में नहीं आयी है. जबकि सीआइडी की जांच से यह स्पष्ट है कि अनिल शर्मा ने दुमका जेल से मोबाइल फोन के जरिये रांची में ठेकेदार की हत्या की योजना तैयार की थी. जेल अधीक्षक के अनुसार अनिल शर्मा ने मोबाइल का प्रयोग नहीं करने और रंगदारी के लिए फोन या रंगदारी नहीं देने पर हत्या की योजना बनाने की बात से इनकार किया था. इस बात का भी उल्लेख जेल अधीक्षक ने रिपोर्ट में किया था, लेकिन दुमका नगर थाना में सीआइडी की जांच रिपोर्ट पर 29 सितंबर को अनिल शर्मा के खिलाफ दर्ज केस से स्पष्ट है कि दुमका जेल से अनिल अपने गिरोह के सदस्यों को फाेन करता था. ठेकेदार की हत्या की बनायी थी योजना: अनिल शर्मा जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करता था, उसकी लिसनिंग से यह भी स्पष्ट हुआ कि वह डब्ल्यू शर्मा से मोबाइल पर बात करता था. दोनों के बीच एक जून 2019 से लेकर 10 जुलाई के बीच 60 बार बात हुई थी. उसने एक ठेकेदार की हत्या के लिए योजना भी तैयार की थी. ठेकेदार के घर की रेकी करने, घटना को अंजाम देने के लिए पटना से शूटरों को बुलाकर ठेकेदार की पहचान कराने और घटना को कैसे अंजाम देना है, इसकी भी जानकारी फोन पर दी थी. साथ ही शूटरों के पकड़े जाने पर अनिल शर्मा या डब्ल्यू शर्मा का नाम नहीं बताने की हिदायत भी दी थी. डब्ल्यू शर्मा ने ठेकेदार कमलेश सिंह की हत्या की योजना तैयार करने की जानकारी फोन पर चटनी सिंह को दी थी. पुलिस के मुताबिक अनिल शर्मा जिस मोबाइल नंबर का प्रयोग जेल में करता था, वह नंबर मकदमपुर, पटना निवासी चंदन के नाम पर है. जबकि डब्ल्यू शर्मा नालंदा का डुमरांव निवासी बबलू कुमार के नाम पर जारी सिम का प्रयोग करता था. दुमका जेल मिला था मोबाइल का लोकेशन : सीआइडी की जांच रिपोर्ट में अनिल शर्मा द्वारा प्रयोग किये जा रहे मोबाइल का टावर लोकेशन भी दुमका जेल पाया गया है. सीआइडी की रिपोर्ट और दुमका जेल अधीक्षक की रिपोर्ट में अंतर से स्पष्ट है कि दुमका जेल अधीक्षक ने मामले में अनिल शर्मा को निर्दोष बताने के लिए गलत तथ्यों के आधार पर बिना जांच के ही रिपोर्ट तैयार कर दुमका एसपी को भेज दी थी.

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