उत्कल एसोसिएशन मुसाबनी में 90वां स्थापना दिवस: ओडिशा की संस्कृति संग रंगारंग उत्कल दिवस समारोह
उत्कल एसोसिएशन मुसाबनी में 90 वें स्थापना दिवस पर धूमधाम से उत्कल दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों सहित समाज की महिलाओं की ओर से रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान ओडिशा की झलक देखने को मिली। इसमें ओडिसी, संबलपुरी नृत्य, गणेश वंदना, नृत्य प्रमुख रहा।
इस मौके पर यहां स्थापित उत्कल मणि गोपबंधु दास की प्रतिमा पर मुख्य अतिथि एचसीएल आईसीसी के कार्यपालक निदेशक सह यूनिट हेड श्यामसुंदर शेट्टी,डॉ जी सी सतपति, डॉ टी के मोहंती, शंभू नाथ सतपति, भरत श्यामल आदि द्वारा माल्यार्पण किया गया। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर एसोसिएशन द्वारा सभी अतिथियों को बुके एवं शॉल देकर सम्मानित किया गया।
इस दौरान शम्भूनाथ सतपति द्वारा बताया गया कि उन महापुरुषों को जिनके संघर्ष द्वारा भारत में प्रथम भाषाई आधारित राज्य के रूप में एक अप्रैल 1936 को ओडिशा अस्तित्व में आया। उस वक्त ओडिशा में छह जिले थे और आज 30 जिले हैं। इस दिन को पूरे विश्व में जहां कहीं भी ओडिया भाषी निवास करते हैं बड़े ही हर्षोल्लास से मनाते हैं । कार्यक्रम के दौरान साई क्रुपा कला केंद्र जगतसिंहपुर, कल्चरल डिपार्मेंट गवर्नमेंट ऑफ़ ओडिशा के कलाकारों एवं स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से रंग बिखेरे। कलाकारों ने संबलपुरी नृत्य और भजन, गायन प्रस्तुत किया।
कलाकारों ने प्रस्तुति के माध्यम से ओडिशा की परंपरा और संस्कृति को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में शंभू नाथ सतपति, निरंजन महापात्र, पी के मोहंती, तपन कुमार पांडा, अजय कुमार पांडा ,विजय कुमार प्रधान, प्रकाश कानूनगो,संजय कुमार मोहंती ,भरत श्यामल, लक्ष्मण चंद्र बाग, हिमांशु मिश्रा,सुब्रतो दास आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।