रैक वाहनों को संचालकों द्वारा चांडिल बाजार से जबरन चलाने पर बवाल
वाहन संचालकों की गुंडागर्दी , द्विपक्षीय संघर्ष की संभावना, बाजार दुकानदारों में तनाव
रात 10:30 बजे की घटना, पुलिस हस्तक्षेप से टला बड़ा हादसा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल : चांडिल स्टेशन रैक यार्ड से कोयला और आयरन जैसे खनिज पदार्थों का परिवहन को लेकर चांडिल बाजार एक बार फिर विवादों में आ गया। सोमवार देर रात लगभग 10:30 बजे भारी वाहनों के संचालन को लेकर बाजार में जमकर हंगामा हुआ। चांडिल बाजार स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के बीच कहासुनी के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसे पुलिस के हस्तक्षेप से शांत कराया गया।
*रैक यार्ड ,हाइवा,टिप ट्रेलर भारीवाहन संचालक उतरे , दबंगई, गुंडागर्दी पर*
जानकारी के अनुसार, चांडिल चौक बाजार में कोयला लदे तीन हाइवा वाहनों को स्थानीय लोगों ने रोक दिया। बाजारवासियों का कहना था कि भारी वाहनों का आवागमन बायपास सड़क से होना चाहिए, जबकि हाइवा संचालक, चालक, जबरन बाजार मार्ग से वाहन ले जाने पर अड़े थे। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।
सूत्रों के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही लेगडीह, स्टेशन, रावताड़ा समेत आसपास क्षेत्रों से लगभग 30 की संख्या में जिसमे आजसू ,भाजपा ,कांग्रेस झामुमो समर्थक हाइवा वाहन संचालक और कथित समर्थक कार, बोलेरो सहित 5 और 10 की संख्या में मोटरसाइकिल से मौके पर पहुंचे ओर जमकर तांडव मचाया । आरोप है कि इनमें से कई लोग नशे की हालत में थे और उन्होंने मौके पर पहुंचकर गुंडई , दबंगई ,शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ लोगों ने एक दुकानदार को दुकान से बाहर खींचकर उसके साथ धक्का-मुक्की की और धमकाया अभद्र भाषा, गाली गलौज का प्रयोग किया। बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दुकानदारों का कहना है कि पूरी घटना पुलिस के सामने ही हुई, हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था। इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। पूर्व में भी कई बार चांडिल बाजार से रैक के भारी वाहनों के संचालन पर विवाद आए दिन आम बात हो गई है.
*बायपास बनने के बाद भी नहीं थमा विवाद*
गौरतलब है कि 27 जुलाई 2025 को केंद्रीय सुरक्षा राज्य मंत्री सह रांची सांसद संजय सेठ और ईचागढ़ विधायक सविता महतो सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में पितकी से घोड़ानेगी बायपास सड़क का उद्घाटन किया गया था। उस समय दावा किया गया था कि भारी वाहनों से गिरने वाले कोयल,आयरन डस्ट प्रदूषण ओर जाम से मुक्ति मिलेगी।
लेकिन उद्घाटन के करीब आठ माह बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। रैक यार्ड से जुड़े वाहन अब भी बाजार मार्ग से जबरन गुजर रहे हैं, जिससे आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है। बीते रात्रि की घटना से
दिनभर चौक चौराहों पर स्थानीय लोगों में आक्रोश है ओर चर्चा है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? जिम्मेदार कौन होगा , क्या बाजार से गुंडागर्दी कर जबरन भारी वाहनों का परिचालन जारी रहेगा ?
थाना प्रभारी दिलशान बिरुवा ने बताया विधि व्यवस्था बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा, चांडिल बाजार वासियों से शांति बनाए रखने की अपील की ,किसी भी तरह की सूचना पहले पुलिस को दीजिए.

