सरयू ने अपर नगर आयुक्त से पूछे दो दर्जन सवाल
राष्ट्र संवाद संवादाता
मानगो नगर निगम के नवनियुक्त अपर नगर आयुक्त को विधायक सरयू राय ने लिखा पत्र
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम के नवनियुक्त अपर नगर आयुक्त जितेंद्र यादव को पत्र लिखकर मानगो पेयजलापूर्ति परियोजना एवं विकास योजनाओं की अद्यतन स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी है। उन्होंने परियोजना की कार्यप्रणाली, जलापूर्ति व्यवस्था, पाइपलाइन विस्तार, टैंकर संचालन, अधूरी योजनाओं और प्रशासनिक दावों की वास्तविक स्थिति को लेकर करीब दो दर्जन सवाल पूछे हैं।
पत्र में सरयू राय ने इंटेकवेल की वर्तमान स्थिति, उसमें लगे मोटरों की कार्यक्षमता, प्रतिदिन नदी से खींचे जाने वाले पानी की मात्रा तथा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में जल शोधन की व्यवस्था की जानकारी मांगी है। उन्होंने यह भी पूछा है कि विभिन्न जल टंकियों में कितनी अवधि तक पानी की आपूर्ति की जाती है और किन क्षेत्रों में किस समय तक पेयजल पहुंचाया जाता है।
विधायक ने नगर निगम क्षेत्र में बिछाई गई पाइपलाइनों, जलापूर्ति से वंचित इलाकों, देर रात होने वाली पानी की सप्लाई तथा पेयजल टैंकरों की संख्या और उनके संचालन क्षेत्र का भी ब्योरा मांगा है। साथ ही बालीगुमा जल टंकी तक एनएच-33 के रास्ते पाइपलाइन ले जाने की प्रगति के संबंध में जानकारी चाही है।
सरयू राय ने उन शिकायतों पर भी सवाल उठाया है, जिनमें उपभोक्ताओं ने घरों तक पानी नहीं पहुंचने के बावजूद जलकर बिल मिलने की बात कही है। उन्होंने इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
पत्र में इंटेकवेल में जमी करीब छह फीट मोटी बालू की परत हटाने और सुरक्षा दीवार निर्माण के लिए विधायक निधि से स्वीकृत राशि के उपयोग एवं कार्य प्रगति की जानकारी भी मांगी गई है। इसके अलावा इंटेकवेल, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और जल टंकियों की सफाई की समय-सीमा तथा अंतिम सफाई की तिथि बताने को कहा गया है।
विधायक ने मानगो पेयजल परियोजना के डीपीआर में निर्धारित लक्ष्य और उसकी वर्तमान उपलब्धि का विवरण भी मांगा है। साथ ही यह जानना चाहा है कि हाल ही में पदभार संभालने वाले अपर नगर आयुक्त को अधीनस्थ अधिकारियों ने विकास कार्यों और योजनाओं की क्या जानकारी दी है तथा वास्तविक स्थिति उससे कितनी अलग है।
इसके अलावा विधायक निधि और जिला योजना मद से स्वीकृत उन योजनाओं की भी जानकारी मांगी गई है, जिनका शिलान्यास तीन माह से अधिक पहले हो चुका है। उन्होंने पूछा है कि इनमें से कितनी योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, कितनी निर्माणाधीन हैं और कितनी योजनाओं पर अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। साथ ही योजनाओं में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कारणों का भी ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा है।

