हूल दिवस पर सांसद श्री बिद्युत बरण महतो ने सिदो-कान्हू सहित सभी अमर शहीदों को अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि
राष्ट्र संवाद संवादाता
हूल दिवस के पावन अवसर पर जमशेदपुर के सांसद श्री बिद्युत बरण महतो ने संताल हूल के महानायक सिदो-कान्हू, चाँद-भैरव सहित हूल आंदोलन के सभी अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सांसद श्री महतो ने अपने संदेश में कहा कि 30 जून 1855 को प्रारंभ हुआ संताल हूल भारतीय इतिहास में स्वतंत्रता चेतना, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय के लिए लड़े गए सबसे महत्वपूर्ण जनआंदोलनों में से एक है। यह केवल एक विद्रोह नहीं था, बल्कि अंग्रेजी शासन, महाजनी शोषण, जमींदारी अत्याचार और अन्यायपूर्ण व्यवस्था के विरुद्ध आदिवासी समाज के आत्मसम्मान, अधिकारों एवं अस्तित्व की रक्षा के लिए छेड़ा गया ऐतिहासिक जनआंदोलन था।
उन्होंने कहा कि वीर सिदो-कान्हू, चाँद-भैरव सहित हजारों ज्ञात-अज्ञात वीरों ने जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका त्याग, संघर्ष और अदम्य साहस आज भी प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। हूल दिवस हमें अपने गौरवशाली इतिहास को स्मरण करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी बोध कराता है।
सांसद श्री महतो ने कहा कि आदिवासी समाज ने भारत की सांस्कृतिक विरासत, प्रकृति संरक्षण तथा स्वतंत्रता आंदोलन में अमूल्य योगदान दिया है। उनका इतिहास केवल झारखंड या संताल परगना की धरोहर नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है। हमें उनके संघर्ष, त्याग और बलिदान से प्रेरणा लेकर सामाजिक समरसता, समानता और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र के साथ जनजातीय समाज के सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आधारभूत संरचना तथा आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं एवं विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन प्रदान करना है।
सांसद श्री महतो ने कहा कि हूल दिवस केवल श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर नहीं, बल्कि महान क्रांतिकारियों के आदर्शों को आत्मसात कर उनके सपनों के अनुरूप विकसित, समरस और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प लेने का भी दिन है। उन्होंने कहा कि समाज का प्रत्येक वर्ग विकास की यात्रा में समान रूप से सहभागी बने तथा आने वाली पीढ़ियाँ अपने गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और विरासत पर गर्व करें, यही हूल दिवस की सार्थकता है।
उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे अमर शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित, समाज सेवा, शिक्षा, अनुशासन, पर्यावरण संरक्षण तथा जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएँ। यही हूल आंदोलन के महानायकों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सांसद श्री बिद्युत बरण महतो ने हूल आंदोलन के सभी अमर शहीदों को पुनः शत-शत नमन करते हुए कहा कि उनका अमर बलिदान सदैव देशवासियों को अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, सत्य के मार्ग पर चलने तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने झारखंड सहित समस्त देशवासियों को हूल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए सभी के सुख, शांति, समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।

