अहिंसा, सत्य,अस्तेय,ब्रह्मचर्य,असंग्रह (अपरिग्रह),शरीर श्रम,अस्वाद,सर्वत्र भय,वर्जनं,सर्वधर्म समानत्वं,स्वदेशी,स्पर्श भावना
महात्मा गांधी
चैत्र मास रामनवमी बसंत ऋतु का एक अहम भाग है| आम में मंजर आता है, कोयल की कुक सुनाई देती है, गांव में लोग चईता गाते हैं, खेत खलियान भी करीब करीब अनाज से भरपूर रहता है| गांव में गेहूं की जब दवारी होती है तो गांव के लोग उस स्थान पर बैठकर रामचरित्र मानस या भागवत कथा करते है| यह दो प्रसिद्ध ज्ञान कथा है जिसे अगर कोई गांव में थोड़ा पढ़ा लिखा आदमी रहता है तो वह पढ़ कर सुनता है और सभी लोग ध्यान से सुनते हैं| वैसे अभी तो भागवत कथा, राम कथा, शिव पुराण एक अहम कथा की तरह प्रचलित हो गया है, क्यों ना हो सरकार, समाज, हिंदुत्व, सनातन, धर्म इसकी ओर बहुत आकर्षित हो रहा है और उसका प्रचार और प्रसार सकारात्मक रूप से कर रहे है|
पहली तारीख से रामनवमी प्रारंभ है और प्रतिदिन मां का अलग-अलग रूप की पूजा होती है| प्रथम दिन माँ शैलपुत्री, द्वितीय दिन माँ का , ब्रह्मचारिणी रूप है इनकी आराधना से अत्यंत फल की प्राप्ति होती आज मां का कुष्मांडा रूप है यह मानव को उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करती है| यह संजोग है अभी सरहुल चल रहा है सरहुल में आदिवासी या आदिवासी क्षेत्र में, गांव में रहने वाले लोग बहुत आनंदित रहते हैं, प्राकृतिक के नजदीक रहते हैं और पलाश के फूल पूरा खिलखिला के हंसते रहता है| ऐसे परिस्थिति में चैती छठ भी होता है चैती छठ आज से प्रारंभ हो रहा है| नवमी को भगवान राम का जन्म हुआ था इसीलिए इसे रामनवमी कहते हैं और छठ व्रत का उद्देश्य है कि भगवान राम की तरह, मर्यादा पुरुषोत्तम की तरह , समाज को एक साथ लेकर चलने वाले की तरह उन्हें भी संतान प्राप्त हो| वैसे सारे भगवान के नाम है लेकिन राम एक ऐसा शब्द है कि रा बोलने से अंदर का विकार बाहर जाता है और म बोलने से होंठ बंद हो जाता है इसका मतलब कार्बन डाइऑक्साइड शरीर से बाहर जाता है और ऑक्सीजन अंदर आता है| यह सकारात्मक सोच, धार्मिक सांस्कृतिक, साहित्यिक ऐतिहासिक प्रसंग का एक समूह है, एक जोड़ है, एक गठबंधन है|
7 तारीख को रामनवमी का अखाड़ा जुलूस निकलेगा उस दिन सभी नवयुवक कुछ ना कुछ हथियार से खेल खेलेंगे| जुलूस निकलता है, महावीर झंडा निकलता है और हर जगह लोग सड़क के किनारे पानी, गुड़, चना जिसको जैसा हो सकता है जो अखाड़ा में सम्मिलित होते हैं उन के लिए जरूर अपनी ओर से कुछ न कुछ अर्पित करते हैं| मैं भी जमशेदपुर के धार्मिक, सामाजिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक, संस्थाओं से सादर अनुरोध करता हूं की रामनवमी के जुलूस अखाड़ा के दिन शांति पूर्वक सद्भाव से अखाड़ा निकाले | भगवान राम का जैसा नाम है इस तरह से हमे भी हमारी प्रवृत्ति, हमारी सोच और समाज को एक साथ रखकर सर्वांगीण विकास की ओर ले जाने की कल्पना करनी चाहिए| हिंदू नव वर्ष आरंभ हो चुका है अभी आगे सत्तूवानी है और शादी विवाह का मुहूर्त प्रारंभ होगा| मैंने अपनी जवानी का प्रारंभिक 8 महीना सेवाग्राम वर्धा में खादी उद्योग का प्रशिक्षण प्राप्त किया है| महात्मा गांधी के सिद्धांत ऊपर वर्णित है अभी भी उनका पालन करने का कोशिश करता हूं| साहित्यिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए, मस्त रहने के लिए और अपने आप को व्यस्त रखने के लिए इस सूत्र को पढ़ना और उस पर अमल करना अति आवश्यक है|
अवधेश कुमार श्रीवास्तव
धर्म यात्रा महासंघ
झारखंड प्रदेश
एवं
अध्यक्ष
जमशेदपुर सिटीजन फोरम