धालभूमगढ़ प्रखंड के बूथ संख्या-154 पर पड़े मात्र एक वोट
धालभूमगढ़ प्रखंड के बूथ संख्या-154 पर पड़े मात्र एक वोट
धालभूमगढ। संवाददाता
गांव के विकास की पहल नही करने को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश शनिवार को उस समय देखने को मिला, जब प्रखंड के बुथ संख्या 154 उत्क्रमित मध्य विद्यालय छोड़िया सिर्फ एक ही मत पड़ा। हालांकि मतदान केन्द्र में वोट दिलाने को लेकर दिनभर अधिकारी माथा पच्ची करते रहे लेकिन उसका कोई फायदा नही हुआ। दिन के 12 बजे गांव के ही एक व्यक्ति कार्तिक सिंह सरदार को प्रशासनिक अधिकारी ने समक्षा बुझाकर मतदान केन्द्र तक लाया और उनसे मतदान करवाया गया। उसके बाद एक भी व्यक्ति ने केन्द्र पर जाकर मतदान नही किया। जानकारी के अनुसार बुत संख्या-154 पर सुबह से ही मतदान कर्मी बैठे थे,लेकिन कोई मतदाता मतदान करने नही आ रहा था। जब पता किया गया तो बताया गया कि गांव में समुचित विकास नही होने के कारण लोग वोट का बहिष्कार किया है। इसके बाद जानकारी मिलने पर घाटशिला अनुमंडल के डीसीएलआर नित निखिल सुरीन, धालभूमगढ़ अंचल अधिकारी समीर कश्यप, थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार मुंडा अपने दलबल के साथ मतदान केन्द्र पर पहुंचे । इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के बाद से छोड़िया तथा छबीसा गांव में आने-जाने के लिए सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। साथ ही ग्रामीण पुल निमार्ण की मांग कर पहले ही चेतावनी दिया था, लेकिन उसे हल्के में लिया गया, जिसके कारण हम लोग मतदान में हिस्सा नही लिया। इस बूथ पर 1069 वोटर थे। जिसमें छोड़िय के 698 छविसा के 334 और धोड़ासही के 12 मतदाता शामिल है इनके साथ 32 विकलांग भी है और 12 लोगों की मृत्यु हो गई है । इस प्रकार कुल 1069 मतदाताओं के लिए पूरा प्रशासनिक तंत्र मनाने में जुटे थे, लेकिण ग्रामीण किसी प्रकार ट्रस से मस नहीं हुए।