भाजपा का किला ध्वस्त करने में चूक गया इंडी गठबंधन !
भाग -2
देवानंद सिंह
*राष्ट्र संवाद इंडिया गठबंधन और भाजपा संगठन की खामियों और खूबियां दोनों मतदान के बाद रख रही है पहले हम इंडिया गठबंधन की बात करेंगे उसके बाद भाजपा के अंदर चल रही खींचतान से भी पाठकों को रूबरू करने का काम करेंगे*
झारखंड में लोकसभा चुनाव के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गैर मौजूदगी में झामुमो के संगठनात्मक स्तर पर खुद को मजबूत कर पाने में असफल साबित हुआ यही कारण रहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन की भावात्मक अपील और मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की एनडीए पर प्रहार एवं झामुमो महासचिव सुप्रीयो भट्टाचार्य के रणनीति भी जमशेदपुर लोकसभा चुनाव में झामुमो की नैया पार लगाने में कामयाब नहीं हो पाई है हेमंत सोरेन का जेल जाना इंडी गठबंधन के लिए ट्रंप कार्ड था जिसे गठबंधन प्रत्याशी समीर मोहंती ने सही ढंग से इस्तेमाल नहीं किया जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा के पास या यूं कहे की इंडी गठबंधन के पास मुद्दे की कोई कमी नहीं थी इन सब के बावजूद भाजपा का किला ध्वस्त करने से चूक गया इंडी गठबंधन
ईडी गठबंधन की बात जमशेदपुर में हो और कांग्रेस की बात नहीं करना बेमानी होगा कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी तन मन धन से गठबंधन प्रत्याशी के लिए लगे हुए थे परंतु प्रभात तारा मैदान के महा रैली के बाद समय जो घटनाक्रम हुआ उससे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में मायूसी देखने को मिली
झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक अपने स्तर से कोई 80 बस एवं दो हजार फोर व्हीलर या कोई 50 बस 1000 फोर व्हीलर या कोई 100 बस 500 फोर व्हीलर का व्यवस्था कर के एकर्ताओं को खाने-पीने के लिए भोजन, पानी सभी का उत्तम प्रबंध करके रांची रवाना हुए, लेकिन आश्चर्यजनक घटना इसी दौरान घटना शुरू हो गया था। क्योंकि झारखंड मुक्ति मोर्चा के सभी विधायकों को जीत दिलाने में विगत 2019 में गठबंधन दल के नेता, कार्यकर्ता, पदाधिकारी का अहम भूमिका था, लेकिन जब रांची रैली में जाने की बात हुआ। तो उनके विधायक और नेताओं ने केवल और केवल झारखंड मुक्ति मोर्चा के ही कार्यकर्ताओं को बसों में, कारों में बैठा कर लेकर गए और समान विचारधारा वाले दलों के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारी को उनके हाल में छोड़ दिया साथ में ले जाना इन लोगों ने जरूरी नहीं समझा। उसके बाद कार्यकर्ताओं में वैमनस्यता दिखा। दूसरी घटना घटी का जिक्र करना भी मुनासिब है जब इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी का नामांकन कार्यक्रम तय हुआ तो नामांकन सभा का भी आयोजन हुआ, साकची में बोधी टेंपल मैदान में जिसमें वहीं घटना फिर से दोहराए गए, झारखंड मुक्ति मोर्चा के जो विधायक है, उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को लाने का प्रबंध बस से, कार से, मोटरसाइकिल से तो किया,
लेकिन गठबंधन दल के नेताओं, कार्यकर्त्ताओं को लाने का कोई पहल नहीं किया। यदि गठबंधन दल का कोई पदाधिकारी ने ज्यादा संपर्क किया तो, अपना पीछा छुड़ाने के लिए पोटका में एक गाड़ी दे दिया, तो घाटशिला में एक गाड़ी दे दिया, जबकि उनके कार्यकर्ता सैकड़ो कारों में बैठकर आए। गठबंधन प्रत्याशी अपने सलाहकारों के कारण धीरे-धीरे गठबंधन दल से दूर होते गए चुनाव प्रचार के दौरान भी इसी तरह का माहौल देखने को मिला स्वास्थ्य मंत्री बना गुप्ता और कांग्रेस के जिला अध्यक्ष को लगभग लगभग दरकिनार रखा गया प्रखंड स्तर पर मनमानी ढंग से कार्यक्रम तय होने लगे कार्यक्रमों में झारखंड मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारी को गवारा तक नहीं हुआ कि गठबंधन दल के सभी नेताओं को विधिवत रूप से सूचना भी ना के बराबर दी जाने लगी पटमदा के जाल्ला मैदान,बोडाम, पोटका घाटशिला बहरागोड़ा के चुनावी सभा में पंडाल और मंच तैयार किए गए उसमें घटक दलों का झंडा नदारत दिखा
सूत्रों की माने तो इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी ने जिला कांग्रेस पार्टी के जिला स्तर के तैयारी समिति के बैठक में शामिल हुए, तो सभी 18 प्रखंड, सभी 52 मंडल अध्यक्ष, 17 अग्रणी संगठन विभाग के अध्यक्ष व चेयरमैन, वरिष्ठ कांग्रेस नेता, जिला पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के साथ साढे चार घंटा के लगभग बैठक किया। सभी प्रखंड अध्यक्ष, मंडल अध्यक्षों, वरिष्ठ कांग्रेसजनों के विचारों को भी संकलित किया। सबों ने एक स्वर से कहा कि आप कांग्रेस पार्टी को जिम्मेवारी सौंपे, पूरे जिले में 50 हजार कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता सदस्य हैं और उनसे जुड़े दो लाख से सवा दो लाख वोट शुभचिंतक और परिवारजनों के वोट हैं। इन वोटो को इंडिया गठबंधन के पक्ष में दिलाने के लिए एक अलग से समूह और एक टीम तैयार की जाए। परंतु इस बैठक का नतीजा मतदान के दिन तक अमल में नहीं लाया गया
बहरहाल इस कड़ी में कल राष्ट्र संवाद एक और खुलासा करेगा उसके बाद राष्ट्र संवाद भाजपा के जिला स्तरीय कमेटी पर भी बात करेगी कि अगर भाजपा की जीत होती है तो वह जीत सिर्फ और सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी के साथ सांसद विद्युत वरण महतो के व्यवहार की होगी और अगर इंडिया गठबंधन जीत की ओर — _______
क्रमश