मानगो में पेयजल संकट में विधायक सरयू राय ने उपायुक्त से की मुलाकात, टैंकर से जल आपूर्ति के निर्देश दिए।
जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने गुरुवार को पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से मिल कर मानगो के कतिपय इलाकों और जमशेदपुर की बस्तियों में पेयजलापूर्ति की दिक्कतों को दूर करने के संबंध में मुलाकात की। उन्होंने उपायुक्त को बताया कि कई दिनों से वह पेयजलापूर्ति विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं मानगो नगर निगम के अधिकारियों से मानगो के कतिपय मोहल्लों में पेयजलापूर्ति की समस्याएं दूर करने का प्रयत्न कर रहे हैं परंतु इसमें सफलता नहीं मिल रही है। खास कर के मानगो के ग्वाला बस्ती, सुभाष कॉलोनी, श्याम नगर, कृष्णानगर आदि इलाकों में पेयजल की या तो अनियमित आपूर्ति हो रही है या आपूर्ति नहीं हो रही है। कहीं कहीं तो रात के डेढ़-दो बजे दस-पंद्रह मिनट के लिए पीने के पानी की आपूर्ति हो रही है। खास करके जोन नंबर 3 में स्थित पानी टंकी से आपूर्ति में भारी कठिनाई हो रही है।
सरयू राय ने उपायुक्त को बताया कि पृथ्वी पार्क की टंकी चालू हो गई मगर इस टंकी से जिन क्षेत्रों में जलापूर्ति होनी है, वहां पानी नहीं पहुंच रहा है। पेयजल विभाग के कार्यपालक अभियंता का कहना है कि पाइप में जगह-जगह कचरा फंस गया है जिससे पानी की आपूर्ति बाधित हो रही है। लंबे समय से चल रही योजना में यदि पेयजलापूर्ति पाइप में गंदगी फंस गई है तो इसे दूर करना सामान्य बात है। पाइप में कचरा कैसे फंस गया, इसका जवाब पेयजल स्वच्छता विभाग के अधिकारी नहीं दे पा रहे हैं। यदि पेयजल स्वच्छता विभाग के अधिकारी तत्परतापूर्वक अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह नहीं करते हैं तो मानगो में उनका कार्यालय चलने का कोई औचित्य नहीं है।
सरयू राय ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने बुधवार को उन्होंने पेयजल स्वच्छता विभाग के अधीक्षण अभियंता से भी बात की और कहा कि सचिव के आदेश से अधीक्षण अभियंता (यांत्रिक) और अधीक्षण अभियंता (सिविल) ने जो जांच रिपोर्ट विभागीय सचिव को दिया है, उसका क्रियान्वयन भी नहीं हो रहा है। क्षेत्र में यांत्रिक और सिविल अभियंताओं की अलग-अलग भूमिका होना भी मानगो में पेयजलापूर्ति का संकट खड़ा कर रहा है। ऐसा लगता है मानो बायां हाथ और दाहिना हाथ के क्रिया-कलाप में कोई तालमेल ही नहीं है।
श्री राय ने कहा कि विडंबना है कि सरकार में बड़ी-बड़ी योजनाएं तो बना दी जाती हैं, मानगो पेयजल परियोजना में 100 करोड़ से अधिक खर्च हो चुका है मगर कुछ लाख रुपये का पंपसेट नहीं खरीदने के कारण योजना पूरी क्षमता से नहीं चल रही है। कई ऐसे स्थान हैं, जहां पानी का मेन पाइपलाइन और मोहल्लों में पाइपलाइन बिछा तो दिया गया है मगर दोनों को जोड़ने के लिए पांच-दस मीटर लंबी पाइपलाइन की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इस कारण से मोहल्लों में पानी पहुंचाना मुश्किल हो गया है।
श्री राय ने उपायुक्त को बताया कि पेयजल परियोजना के संचालन में ही समस्या है। इसके संचालनकर्ता अपनी जिम्मेदारी के प्रति गंभीर नहीं हैं। समय पर टंकियों में पानी भरने का काम नहीं हो रहा है। ऐसा लगता है कि पेयजल स्वच्छता विभाग ने मानगो पेयजल परियोजना को नगर विकास विभाग में शामिल करने का निर्णय कर लिया है। शायद इसीलिए संचालन में लापरवाही बरती जा रही है। इस बारे में उन्होंने मानगो नगर निगम के उप नगर आयुक्त से भी वार्ता की है और खराब पड़े और कम क्षमता से काम कर रहे मोटर पंपों को बदलने हेतु निधि उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
श्री राय ने बताया कि इस संबंध में वह दो दिन पूर्व उपायुक्त को पत्र लिख चुके हैं और आज उनसे वार्ता भी की। जिन इलाकों में मानगो पेयजल परियोजना से पीने का पानी नहीं जा रहा है, उन इलाकों में टैंकर से जलापूर्ति की व्यवस्था की जाए, यह बात भी उन्होंने उपायुक्त से कही। उन्होंने कहा कि रामनवमी जैसा पर्व सामने है, नवरात्र का समय चल रहा है, ऐसी स्थिति में प्रशासन पेयजल जैसी जनसुविधा मुहैया कराने के प्रति सचेत नहीं रहेगा और जिन लोगों पर इस काम का दायित्व है, उनकी सतत निगरानी नहीं करेगा तो लोगों की कठिनाईयां बढ़ेंगी। उपायुक्त ने श्री राय को आश्वस्त किया कि वे इस बारे में आवश्यक कार्रवाई करेंगे ताकि पेयजल की दिक्कत दूर हो सके।
*(नोटः उपायुक्त को दो दिन पहले भेजा गया पत्र की प्रति संलग्न है।)*