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    Home » भोजपुरी को 8वीं अनुसूची में शामिल करने का वायदा 8 वर्ष बाद भी पूरा नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण:त्रिपाठी 
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    भोजपुरी को 8वीं अनुसूची में शामिल करने का वायदा 8 वर्ष बाद भी पूरा नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण:त्रिपाठी 

    Devanand SinghBy Devanand SinghJuly 15, 2022Updated:July 16, 2022No Comments2 Mins Read
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    जमशेदपुर,गाँधी मैदान पटना के ऐतिहासिक मैदान में हुई आज के ही दिन आठ वर्ष पूर्व 2014 में जन सभा में देश के उस समय के प्रधानमंत्री प्रत्याशी एवं वर्तमान में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मंच से घोषणा की गई थी कि “मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बनिहे त भोजपुरी भाषा के 8 वीं अनुसूची में शामिल कर लिहल जाई।” पर घोषणा के आज 8 साल से ज्यादा हो जाने पर भी उसे अमल में नहीं लाया गया और न ही आज बिहार से कोई सांसद इस पर बात करने को तैयार हैं! चाहे वो किसी भी पार्टी का हो।

    भोजपुरी आदर्श क्लब के संस्थापक एवं भाजपा नेता डी डी त्रिपाठी ने आज प्रधानमंत्री को ट्वीट कर इस बात की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि आजादी के समय से ही अन्य भाषाओं की तरह ही भोजपूरी को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की माँग उठती रही हैं ।किंतु राजनीतिक गुणाभाग में विश्व का सबसे समृद्ध भाष अब तक उपेक्षा का शिकार होता रहा है।त्रिपाठी ने कहा कि हमे 2014 में मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद आशा की किरण दिखी ।हम लोग जंतर मंतर पर पहुंचकर आंदोलन भी किये!

    लेकिन उस दिन मंच पर हाथ से हाथ मिलाकर उद्घोष करने वाले संसद में चुप्पी साधे बैठे रहें। उस मंच पर उस दिन वर्षों तक देश के कानून मंत्री रहे रविशंकर प्रसाद जी सहित बिहार के लगभग सभी बड़े नेता मौजूद थे ! चाहे रूढ़ि जी हो,सुशील मोदी हो ,अश्विनी चौबे या शाहनवाज जी हो! हर विषय पर मन की बाते रखने वाले देश के यशश्वी प्रधान मंत्री जी भी इस विषय पर अबतक चुप ही रहे हैं । जिससे भोजपुरिया समाज का विश्वास डगमगाने लगा हैं।

    त्रिपाठी ने यूपी एवं बिहार के सभी सांसदों से मांग की कि वे इस समृद्ध ,सुसंस्कृत एवं विश्व में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में से एक को 8 वीं अनुसूची में शामिल कर सम्मान दें। केंद्रीय नेतृत्व एवं प्रधानमंत्री जी अपने किये वायदे को पूरा करें जो भोजपुरिया समाज की अर्से से मांग रही हैं।

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