राष्ट्र संवाद नजरिया : राज कुंद्रा के कई और ‘राजों’ से उठेगा पर्दा
विशन पपोला
बॉलीवुड हमारी देश में बड़ी इंडस्ट्री के रूप में जानी जाती है। अधिकांश लोग यहां काम करने वाले कलाकारों को अपना आदर्श मानते हैं, पर जिस तरह से पिछले कुछ वर्षों में बॉलीवुड का काला सच सामने आ रहा है, उसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। फिल्मों के जरिए समाज में सच परोसने वाले कलाकारों के असल जीवन का ऐसा काला सच हो सकता है, इस पर लोग मुश्किल से विश्वास कर सकते हैं। पर अब ऐसा नहीं लगता। बॉलीवुड में जिस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, उसने एकीनन अब ऐसा विश्वास करने के लिए मजबूर कर दिया है।
हर किसी के जेहन में यह सवाल कौंध रहा होगा कि आखिर माहूर अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को अश्लील कांटेन्ट परोसने की जरूरत क्यों पड़ गई ? उन्हें ऐसे गंदे काम से पैसे कमाने की जरूरत क्या थी ? जब वह स्वयं इतने बड़े बिजनेसमैन हैं और शिल्पा शेट्टी जैसी मशहूर अभिनेत्री उनकी पत्नी हैं, जो आज भी ऐड व दूसरे कार्यक्रमों की वजह से करोड़ों रूपए कमाती हैं। एकबारीगी, हम और आप ऐसा सोच सकते हैं, पर राज कुंद्रा का जो मामला दिखता है, वह यह कि शायद जिसे पैसों की भूख हो जाती हो, वह ऐसा कम ही सोचता होगा। जिस तरह राज कुंद्रा के मामले की परतें खुल रही हैं, उससे साफ होता है कि वह इस गंदे धंधे से प्रतिदिन लाखों रूपए कमा रहे थे। यही नहीं, राज कुंद्रा की गिरफ्तारी के बाद ये भी साफ हो गया है कि हमारे देश में पोर्न एक इंडस्ट्री का रूप लेती जा रही है। आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनियाभर में लगभग 100 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा पोर्न इंडस्ट्रीज हैं, जो बढ़ते ही जा रहे हैं। इधर, भारत में पोर्न फिल्म्स को गैर कानूनी तरीके से देखा जाता है। फिर भी, पिछले कुछ सालों में देश में पोर्न फिल्मों का व्यापार खूब बढ़ गया है। पोर्नोग्राफी में अक्सर ऐसे फोटो, वीडियो, ऑडियो और मैसेज होते हैं, जिनमें नग्नता दिखाई देती है। ऐसे में, इन सामग्रियों को इलेक्ट्रॉनिक ढंग से प्रकाशित करने या किसी को भेजने पर एंटी पोर्नोग्राफी लॉ लागू होता है।
इसी कानूनी शिकंजे में राज कुंद्रा भी आ चुके हैं। लिहाजा, उनके लिए अब इससे बाहर निकलना भी आसान नहीं होगा। मुंबई क्राइम ब्रांच ने जिस तरह के साक्ष्य उनके खिलाफ जुटा लिए हैंं, उससे उनके लिए स्वयं को निर्दोष साबित करना आसान नहीं होगा, क्योंकि उन पर आईटी एक्ट और आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज हो चुका है। इन धाराओं में मामला दर्ज हो जाने के बाद आखिरी फैसला कोर्ट से ही होता है।
आपको बता दें कि दूसरों के अश्लील वीडियो शूट करने पर आईटी कानून 2008 की धारा 67ए और आईपीसी की धारा 292, 293, 294, 500, 506, 509 के तहत सजा सुनाई जाती है। यही नहीं, पहली गलती होने पर जुर्म को मद्देनजर रखते हुए पांच साल की सजा या 10 लाख रूपए जुर्माना तक देना पड़ता है, लेकिन अगर वही व्यक्ति इस गलती को दोहराते हुए पकड़ा जाए तो उसकी सजा भी बढ़ सकती है, जो अधिकतम 10 साल है, हालांकि हमारे देश में पोर्नोग्राफी देखना, सुनना या पढ़ना अपराध नहीं है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति दूसरों का अश्लील वीडियो तैयार करता है या एमएमएस बनाता है और फिर उसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दूसरों तक पहुंचाता है तो उस पर आईटी और आईपीसी की धाराएं लगाई जाती हैं। राज कुंद्रा ने न केवल अश्लील वीडियो बनाए, बल्कि उन्हें इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दूसरों तक पहुंचाया भी। इन परिस्थितियों में राज कुंद्रा का अपराध इसी कैटेगिरी में शामिल है, इसीलिए उनके लिए न तो क्राइम ब्रांच और न ही कोर्ट के चंगुल से छूटना आसान होगा। यही वजह भी रही है कि पहले उनकी न्यायायिक हिरासत की तिथि 23 जुलाई तक थी, लेकिन यह तिथि बढ़कर अब 27 जुलाई हो गई है। यह तिथि और भी बढ़ सकती है और उसके बाद राज कुंद्रा को लंबे समय के लिए सलाखों के पीछे जाना होगा। वह इसीलिए, क्योंकि उनके खिलाफ क्राइम ब्रांच के पास पक्के सबूत हैं। कई महीनों के इंतजार और पर्याप्त सबूत इकट्ठा करने के बाद ही राज कुंद्रा को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने राज कुंद्रा और उनकी पत्नी शिल्पा शेट्टी को भी आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की है। उम्मीद है कि आमने-सामने पूछताछ में भी क्राइम ब्रांच के हाथ कई और सबूत लगे होंगे।
उधर, मुंबई पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर मिलिद भराम्बे ने भी साफ किया है कि उनके पास पक्के सबूत हैं। इन्हीं पक्के सबूतों के आधार पर राज कुंद्रा की गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने बताया कि मामले में उमेश कामत जैसे निर्माताओं को भी गिरफ्तार किया गया है, जो राज कुंद्रा के इंडिया ऑपरेशंस की देखरेख कर रहे थे। उन्होंने बताया कि हॉटशॉट्स ऐप का कामकाज वियान कम्पनी के जरिए देखा जा रहा था। वहीं, रायन थार्प नाम के शख्स को भी मुंबई के नजदीक नेरल से गिरफ्तार किया जा चुका है, फिलहाल वह भी अभी न्यायिक हिरासत में है। कुल मिलाकर जिस तरह मुंबई पुलिस की मांग पर कोर्ट ने राज कुंद्रा की न्यायायिक हिरासत को 27 जुलाई तक बढ़ाया है, उससे पुलिस को और भी सबूत एकत्रित करने के लिए वक्त मिल गया है। क्योंकि पुलिस को यह भी शक है कि राज कुंद्रा ने ऑनलाइन सट्टेबाजी भी की है, जिसमें उन्होंने येस बैंक के अकांउटस का इस्तेमाल किया था। लिहाजा, 27 जुलाई तक बढ़ाई गई न्यायायिक हिरासत के दौरान क्राइम ब्रांच की टीम द्बारा जो पूछताछ की जाएगी, उसमें भी राज के कई और काले राज सामने आएंगे। ऐसे में, राज कुंद्रा कोशिश भी करेंगे कि उन्हें जमानत मिल जाए, ऐसा होना काफी कठिन होगा। क्राइम ब्रांच किसी भी स्थिति में कोर्ट में कमजोर नहीं पड़ना चाहेगी। कम-से-कम उसके पास इतने पर्याप्त सबूत हों कि कोर्ट में दलील देते वक्त उसे इधर-उधर न तांकना पड़े। लिहाजा, क्राइम ब्रांच फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। और यही राज कुंद्रा पर भारी पड़ने वाला है। उन्हें न केवल और भी गहरे सच उगलने पड़ेंगे, बल्कि सलाखों के पीछे भी लंबा वक्त गुजारना पड़ेगा।

