Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » खादी बोर्ड के पूर्व सदस्य व भाजपा नेता कुलवंत सिंह बंटी ने ट्वीट कर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कहा एक राज्य में 2 नियम गलत
    Breaking News Headlines झारखंड राजनीति राष्ट्रीय शिक्षा

    खादी बोर्ड के पूर्व सदस्य व भाजपा नेता कुलवंत सिंह बंटी ने ट्वीट कर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कहा एक राज्य में 2 नियम गलत

    Devanand SinghBy Devanand SinghJune 27, 2021No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    खादी बोर्ड के पूर्व सदस्य व भाजपा नेता कुलवंत सिंह बंटी ने ट्वीट कर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कहा कि झारखंड में निजी स्कूलों द्वारा ट्यूशन फीस को लेकर एक राज्य में दो नियम जी यह गलत है. पूर्वी सिंहभूम में फीस 10% बढ़ाई जाती और रांची में नहीं. अभिभावकों पर इसका बोझ बढ़ेगा. इसके साथ ही सक्षम अभिभावकों को भी चाहिए की स्कूल की ट्यूशन फीस दे. नहीं तो स्कूल बंदी के कगार पर आ जाएंगे. कुलवंत सिंह बंटी ने कहां की पहला लॉकडाउन और दूसरे लॉकडाउन दोनों में बहुत अंतर है. इस लॉकडाउन में लगभग लोग अपना रोजगार चला रहे हैं.

    सक्ष्म लोगों को ट्यूशन फी आवश्य जमा करने चाहिये

    जमशेदपुर में निजी स्कूलों की संख्या लगभग 62 है. जिसमें टीचर ,ऑफिस स्टाफ और स्कूल में साफ सफाई करने वाले लोगों को मिलाकर लगभग 10,000 हजार लोग काम कर रहे हैं. अगर ट्यूशन फीस अभिभावक नहीं देते हैं तो उनके परिवारों पर भी बुरा असर पड़ सकता है. इसलिए चाहिए कि जो लोग सक्षम हैं वे लोग ट्यूशन फीस दे. कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें लगता है कि वह फीस नहीं दे रहे मैं क्यों दूं ? जबकि वह देने में सक्षम हैं. आने वाले समय में हम सभी को शिक्षा के मंदिर को जीवित रखने के लिए यह पहल करने की आवश्यकता है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleप्रसिद्ध समाजसेवी एवं रेड क्रॉस के पेट्रन के के सिंह के जन्म दिवस पर रक्तदान शिविर कल
    Next Article आर्चरी विश्वकप में महिला तीरंदाजों ने जीतागोल्ड, आर्चरी संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने जताया हर्ष

    Related Posts

    जमशेदपुर में ओलंपिक दिवस: 37 पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान

    June 23, 2026

    रांची: जेपीएल फाइनल में भगदड़, JSCA स्टेडियम में कई दर्शक घायल

    June 23, 2026

    झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन पद्म भूषण से सम्मानित

    June 23, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    जमशेदपुर में ओलंपिक दिवस: 37 पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान

    रांची: जेपीएल फाइनल में भगदड़, JSCA स्टेडियम में कई दर्शक घायल

    झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन पद्म भूषण से सम्मानित

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: SDPO-SHO पर हत्या का केस

    भारतीय ज्ञान-मीमांसा: मिथिला विवि में व्याख्यान

    लखनऊ अग्निकांड में बुलडोजर न्याय: रत्नाकर की सख्त मांग

    सूचना के अधिकार: सरकार के ‘अधूरे फैसले’ पर गलगली के सवाल

    लखनऊ अग्निकांड: कब जागेगा तंत्र, सुधारों की क्यों दरकार?

    लखनऊ में भीषण अग्निकांड: 15 जिंदगियां राख

    कालिकापुर-बागों सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान, पक्की सड़क निर्माण की उठी मांग

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.