Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » निरंकुश सरकार की ईंट से ईंट बजायेगा किसान – जयंत चौधरी
    Breaking News Headlines उत्तर प्रदेश राजनीति

    निरंकुश सरकार की ईंट से ईंट बजायेगा किसान – जयंत चौधरी

    Devanand SinghBy Devanand SinghMarch 18, 2021No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    निरंकुश सरकार की ईंट से ईंट बजायेगा किसान – जयंत चौधरी

    राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी आज बहेड़ी,बरेली में किसान पंचायत में शामिल हुए। किसान पंचायत को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह किसान ही हैं जो इस निरंकुश सरकार की ईंट से ईंट बजायेगा। सरकार को लगता हैं कि किसान नासमझ हैं पर मैं उन्हें बता दूँ कि ये किसान सब समझता हैं। मंडी व्यवस्था पर बोलते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह इस मंडी व्यवस्था को लेकर आए थे जिसको बाद में सर छोटूराम जी ने पंजाब में लागू किया। पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान में आज जो किसानो में थोड़ी बहुत ख़ुशहाली दिखती हैं वह इस व्यवस्था की बदोलत ही आई हैं। आगे बोलते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि फिर भी समय के साथ-साथ हर व्यवस्था में कमी आती हैं जिसमें बदलाव करने ज़रूरी हो जाते हैं। पर उसका यह मतलब नही की पुरानी व्यवस्था को एक दम उखाड़ कर फेंक दिया जाए और वो भी ऐसी व्यवस्था को जिसके कारण लाखों किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी हुई हो। हमारे सामने बिहार जीता-जागता उदाहरण हैं कि मंडी व्यवस्था ख़त्म होने के बाद वहाँ के किसानों कि आमदनी बढ़ने की बजाय कम हुई हैं। पर फिर भी अपनी निरतंकुशता के चलते ये सरकार अपने इस ग़लत फ़ैसले को वापिस नही ले रही हैं।

    जयंत चौधरी ने खेती में निजी निवेश पर फिर से अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि हम निजी क्षेत्र के खेती में निवेश के विरोध में नही हैं। पर सरकार अगर किसान और पूँजीपति के बीच से निकल जाएगी तो फिर किसान को पूँजीपति के द्वारा लूटने से नही बचाया जा सकता। पिछले साल कोरोना से हुई आर्थिक तबाही पर बोलते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि जब सबकी आमदनी कम या ख़त्म हो रही थी तब भी अम्बानी हर घंटे नब्बे करोड़ कमा रहा था और अड़ानी दुनिया में सबसे ज़्यादा कमाने वाल इंसान भी इसी पिछले एक साल में बना। पर सरकार ने लोगों की नौकरियो को बचाने के लिए कोई क़दम नही उठाया। और हर वक्त ऐसे नियम बनते रहे जिससे सिर्फ़ दो लोगों को फ़ायदा पहुँचता रहा और वे दो लोग हैं अम्बानी और अड़ानी।

    यह सरकार कितनी दम्भी हो गई है यह इससे ही पता चलता हैं कि जब विपक्ष में थे तो MSP पर क़ानून बनने की बात करते थे और जब सत्ता में आए और कमेटी बनाई और कमेटी ने जब MSP पर ख़रीद को बढ़ाने और क़ानूनी दर्जा देने की बात कि तो उस रिपोर्ट को ही ठंडे बस्ते में डाल दिया।

    इसलिए इनकी कथनी और करनी में ज़मीन आसमान का अंतर हैं जिसको किसानों ने पहचान लिया हैं और इसकी झलक आने वाले चुनावों में देखने को मिलेगी जब किसान इन्हें अपनी वोट की चोट देगा।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleकदमा स्थित जुस्को स्कूल के प्रबंधक द्वारा फीस गड़बड़ी एवं प्राचार्य द्वारा अमर्यादित शब्द का प्रयोग किए जाने पर सामाजिक संस्था शिक्षा एक विकल्प के तत्वाधान जिला शिक्षा अधीक्षक को 10 सूत्री मांगपत्र सौंपकर उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के ऊपर कार्रवाई की मांग की गई है
    Next Article हेडलाइंस राष्ट्र संवाद

    Related Posts

    रणनीतिक कूटनीति: अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों का आधिकारिक मानचित्रण और भारत-चीन संबंध

    August 9, 2026

    अरुणाचल प्रदेश: कार्टोग्राफिक कूटनीति और भारत-चीन संबंध में रणनीतिक पहल

    August 9, 2026

    IIT दिल्ली दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री मोदी का युवाओं को संदेश: भविष्य की कमान Gen Z के हाथों में

    August 9, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    आदिवासी समाज: भारत की आत्मा एवं प्रकृति के संरक्षक – विश्व आदिवासी दिवस विशेष

    रणनीतिक कूटनीति: अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों का आधिकारिक मानचित्रण और भारत-चीन संबंध

    विश्व आदिवासी दिवस 2026: भारत की आत्मा और प्रकृति के संरक्षक हैं आदिवासी

    अरुणाचल प्रदेश: कार्टोग्राफिक कूटनीति और भारत-चीन संबंध में रणनीतिक पहल

    IIT दिल्ली दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री मोदी का युवाओं को संदेश: भविष्य की कमान Gen Z के हाथों में

    विश्व आदिवासी दिवस 2026: भारत की आत्मा और प्रकृति के संरक्षक हैं आदिवासी

    IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में PM मोदी का युवाओं को संदेश

    अरुणाचल प्रदेश: कार्टोग्राफिक कूटनीति से चीन को स्पष्ट संदेश, 27 स्थानों का आधिकारिक मानचित्रण

    वाढवण बंदरगाह: 76,200 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट से बदलेगी भारत की समुद्री तस्वीर

    Film Expo India 2026: दिल्ली में सजेगा फिल्म इंडस्ट्री का बड़ा मंच, विंदू दारा सिंह ने CM रेखा गुप्ता को दिया न्योता

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.