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    Home » दहेज लेने वालों का निकाह नहीं पढ़ाया जाएगा : गाज़ी रहमतुल्लाह रहमत
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    दहेज लेने वालों का निकाह नहीं पढ़ाया जाएगा : गाज़ी रहमतुल्लाह रहमत

    Nizam KhanBy Nizam KhanMarch 10, 2021No Comments3 Mins Read
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    दहेज लेने वालों का निकाह नहीं पढ़ाया जाएगा … गाज़ी रहमतुल्लाह रहमत

    जामताड़ा/दहेज प्रथा समाज के लिए एक अभिशाप है और इसके चलते सामाजिक ताना-बाना बिगड़ रहा है , अब जो कोई व्यक्ति दहेज का लेनदेन करेगा उसका निकाह किसी भी इमाम या काजी द्वारा नहीं पढ़ाया जाएगा क्योंकि दहेज निषेध अधिनियम 1961 के अनुसार दहेज लेने वाला,देने वाला और दहेज लेन-देन में शामिल रहने वाला सभी बराबर के गुनहगार हैं । उक्त बातें दहेज़ रोकथाम कमिटी के सचेतक गाज़ी रहमतुल्लाह रहमत ने कही। उन्होंने कहा कि दहेज रोकथाम को लेकर नारायणपुर में आगामी 14 मार्च को एक बैठक रखी गई है जिसमें जामताड़ा देवघर, गिरिडीह एवं धनबाद जिले के बुद्धिजीवी लोग शामिल होंगे । उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा उन्मूलन के लिए सामाजिक एवं मानसिक क्रांति की जरूरत है । दहेज एक बुराई है और इससे निजात जरूरी है,इस बात से सभी लोग सहमत हैं बावजूद इसके यह बुराई दूर नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर दिन-रात चर्चा परिचर्चा होती रहती है लेकिन इसे मूर्त रूप देने में हमारा समाज विफल है । समाज के सभी वर्ग के लोग जागरूकता से ही इस समस्या का समाधान कर सकते हैं , अतः बिना समय गवाएं इस बुराई को दूर करने के लिए सभी अपने अपने स्तर से सकारात्मक प्रयास करें । उन्होंने कहा कि यह समस्या किसी एक व्यक्ति या परिवार की नहीं बल्कि सभी लोग इससे प्रभावित हैं ,हमें मिलजुलकर समाज से दहेज रूपी दानव को बाहर निकालने की जरूरत है। समाज में बच्चियों के जन्म से ही दहेज की तैयारी शुरू हो जाती है ,अगर उन पैसों को उनकी शिक्षा पर खर्च किया जाए तो वे भी शिक्षित समाज का हिस्सा बन सकती हैं और घर, परिवार तथा देश को संवारने में उनकी भी भूमिका हो सकती है । गाज़ी रहमत ने कहा कि सरकार को बेटी बचाओ आंदोलन की शुरुआत करनी पड़ी , इससे साफ जाहिर होता है कि हमारी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। ठीक उसी तरह हमें दहेज मिटाओ आंदोलन चलाना है ताकि हमारी बेटियां दहेज हत्या , दहेज प्रताड़ना आदि की शिकार ना होने पाए और सरकार के मिशन बेटी बचाओ को कामयाब किया जा सके।
    उन्होंने कहा कि दहेज मुक्त समाज बनाने के लिए हमें जन जागरण चलाने की सख्त जरूरत है चाहे वह नुक्कड़ सभा, जनसभा अथवा आम सभा आयोजित कर क्यों ना करना पड़े। उन्होंने चारों जिले (जामताड़ा, देवघर, गिरिडीह एवं धनबाद) के समाजसेवियों,बुद्धिजीवियों एवं आंदोलनकारियों को अविलंब सकारात्मक ढंग से संपर्क अभियान एवं जन जागरण तेज करने को कहा ताकि 14 मार्च की बैठक को कामयाब किया जा सके और समाज से दहेज रूपी दानव के खात्मे की सफल योजना बन सके ।

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