Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » बिहार: बिजली गिरने से 10 जिले में फिर 18 लोगों की मौत, अब तक 300 से अधिक जानें जा चुकीं
    Breaking News Headlines बिहार

    बिहार: बिजली गिरने से 10 जिले में फिर 18 लोगों की मौत, अब तक 300 से अधिक जानें जा चुकीं

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 16, 2020No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    15 सितम्बर को वैशाली, रोहतास, सारण, भोजपुर, गोपालगंज, बेगूसराय, सुपौल, पटना, कैमूर और अररिया में बिजली गिरने से 17 लोगों की मौत हो गई. सबसे अधिक मौत वैशाली जिले के राघोपुर में हुई है. राघोपुर पूर्वी पंचायत में ठनका की चपेट में आकर चार लोगों की मौत हुई. रोहतास के खुर्माबाद में दो किसानों की मौत ठनका गिरने से हुई. वहीं, एक व्यक्ति की मौत काराकाट में हुई.

    सारण जिले के पानापुर में बिजली गिरने से दो बच्चियों की मौत हो गई. भोजपुर जिले के उदवंत नगर में दो लोगों की मौत हुई. मृतकों में एक छात्रा शामिल है. वह कॉलेज से घर लौट रही थी तभी उस पर बिजली गिर गई. गोपालगंज के भोरे में ठनका गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई. बेगूसराय जिले के डंडारी थाना क्षेत्र में ठनका गिरने से एक महिला की मौत हो गई. वहीं, अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड के पुरवारी झिरवा में वज्रपात की चपेट में आने से मो. सदरूल की मौत हो गई. सुपौल जिले के बसंतपुर प्रखंड के कोचगामा में ठनका गिरने से 37 साल के मोहम्मद नासिर की मौत हो गई. कैमूर जिले के चैनपुर के लोहरा गांव में ठनका गिरने से एक किशोर की मौत हो गई. पटना जिले के पालीगंज में ठनका गिरने से एक व्यक्ति कि मौत हो गई.

    मौसम विभाग ने जारी किया बिजली गिरने का अलर्ट

    मौसम विभाग ने बिहार के कई जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है. विभाग ने कहा है कि अगले छह घंटे तक उत्तर बिहार में भारी बारिश की संभावना है. विभाग ने लोगों से इस दौरान ऐहतियात बरतने की अपील की है. विभाग ने रोहतास, कैमूर, शेखपुरा, नवादा, सारण और बक्सर में बिजली गिरने की संभावना जताई है. विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से हवा नमी लेकर उत्तर बिहार की ओर बढ़ रही है, जिसके चलते उत्तर बिहार में भारी बारिश हो सकती है. आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.

    औसतन 300 मौतें हर साल, जानकारी के अभाव में मौत का औसत पार

    बिहार में औसतन हर साल 300 मौतों बिजली गिरने के कारण होती रही है, लेकिन इस साल यह आंकड़ा इस औसत को पार कर चुका है. बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग की बैठकों में सलाह के लिए बुलाए जाने वाले वज्रपात सुरक्षित भारत अभियान के संयोजक कर्नल संजय श्रीवास्तव के अनुसार आकाशीय बिजली से बचने के उपायों की जानकारी लोगों तक नहीं पहुंच रही है, जिसके कारण शहरों की अपेक्षा बिहार की ग्रामीण आबादी इसकी शिकार ज्यादा हो रही है. शहरों में ज्यादातर भवनों पर तडि़त रोधक (लाइटनिंग अरेस्टर) और तडि़त चालक (लाइटनिंग कंडक्टर) लगे रहते हैं, इसलिए वह बिजली को खींचकर अर्थिंग के जरिए जमीन तक भेज देते हैं, जबकि गांवों में खुले खेतों में पड़े लोहे-तांबे के सामान, जलस्रोत, ऊंचे पेड़ आकाशीय बिजली को आकर्षित कर लेते हैं. इसके आसपास रहे लोगों की आकाशीय बिजली के करंट या तेज आवाज से धड़कन रुक जाती है या जलकर मौत हो जाती है.

    बचना है तो क्या करें, न करें…यह जान लीजिए

    – खुले में हैं तो किसी पक्के मकान तक पहुंच सकते हैं तो पहुंचें
    – खुले में ही हैं तो दोनों पैर सटा चुक्कू-मुक्कू बैठ कान बंद कर लें
    – लोहे के खंभों, ऊंचे पेड़ों, तालाब-जलाशय आदि से खुद को दूर करें
    – सूखी लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते पर खड़े हो सकते हैं
    – जिन चीजों में करंट आ सकता है, उन्हें तुरंत अपने से दूर कर दें
    – समूह में सटकर खड़े न हों, दूरी बनाकर रहें और जमीन पर न सोएं
    – घर में हों तो नल, फ्रिज या ऐसे करंट वाले उपकरणों को नहीं छुएं

    स्थायी उपाय भी कर सकते हैं

    आकाशीय बिजली से बचाने के लिए बिहार में कुछ संस्थाएं नो प्रॉफिट, नो लॉस पर लाइटनिंग अरेस्टर और लाइटनिंग कंडक्टर भी उपलब्ध करा रही हैं. लाइटनिंग कंडक्टर 54 हजार रुपए में मिल रहा है. यह जिस ऊंचाई पर लगाया जाता है, उससे 45 डिग्री की छाया में वज्रपात को रोकता है. यानी, खेत में 40 फीट ऊंचाई पर इसे लगा दें तो उस जगह से 45 डिग्री का कोण बनाने पर जितनी परिधि होगी, उतनी दूर तक बिजली नहीं गिरेगी. लाइटनिंग अरेस्टर इससे करीब तीन गुणा कीमत पर 1.42 लाख रुपए में उपलब्ध है. यह जहां लगाया जाता है, उसके 1.4 वर्ग किमी के दायरे के आकाश में बिजली बननी शुरू होते ही उसे खींचकर जमीन में डाल देता है. मतलब, यह 1.4 वर्ग किमी के दायरे में बिजली से बचाने वाला छाता है. बिजली न गिरेगी और न आवाज होगी.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleराजस्थान के भरतपुर में तीन मासूम बच्चियों के साथ कुएं में कूदी मां, चारों की मौत
    Next Article होस्टेजेस के सीजन 2 में खतरनाक कातिल बने डीनो मोरिया

    Related Posts

    विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रधान जिला जज ने पौधारोपण कर स्वच्छ पर्यावरण का दिया संदेश

    June 6, 2026

    पूर्वी सिंहभूम महिला आयाम के द्वारा महिलाओं के बीच एमआरपी नीति को लेकर जागरूकता अभियान

    June 6, 2026

    ब्रह्मर्षि विकास मंच की गोविंदपुर इकाई का गठन, विरेन्द्र मौआर बने अध्यक्ष

    June 6, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    जमीन गई, नौकरी नहीं मिली, यूसील के खिलाफ खेत में उतरीं विस्थापित महिला आशा उरांव, अनोखे विरोध से मचा हड़कंप

    विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रधान जिला जज ने पौधारोपण कर स्वच्छ पर्यावरण का दिया संदेश

    बीएलओ की लापरवाही पर प्रशासन सख्त, रेणुका महतो और रीता देवी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा

    चक्रधरपुर रेल मंडल आरपीएफ थाना प्रभारी कमलेश समादार रिश्वतखोरी मामले में गिरफ्तार, सीबीआई की बड़ी कार्रवाई से आरपीएफ में मचा हड़कंप

    डोमजूरी पंचायत की मुखिया ने नरवा के पर्सनल मैनेजर को सौंपा ज्ञापन, नरवा पुलिया के दोनों साइड जाली लगाने की मांग

    बोलानी थाना क्षेत्र मे अज्ञात वाहन के धक्के से मोटसाइकिल सवार युवक की मौत

    रुंगटा स्टील हादसे में झुलसे मजदूर ने तोड़ा दम, 15 लाख मुआवजे पर बनी सहमति, परिजनों ने लिया शव

    पूर्वी सिंहभूम महिला आयाम के द्वारा महिलाओं के बीच एमआरपी नीति को लेकर जागरूकता अभियान

    ब्रह्मर्षि विकास मंच की गोविंदपुर इकाई का गठन, विरेन्द्र मौआर बने अध्यक्ष

    पार्वती घाट में नई सुविधाओं का शुभारंभ, पर्यावरण अनुकूल फरनेस और ‘देव आत्मा उद्यान’ शुरू

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.