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    Home » नई शिक्षा नीति का जोर रोजगार मांगने वालों की जगह रोजगार देने वाला तैयार करना है : PM मोदी
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    नई शिक्षा नीति का जोर रोजगार मांगने वालों की जगह रोजगार देने वाला तैयार करना है : PM मोदी

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 1, 2020No Comments2 Mins Read
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    नई शिक्षा नीति का जोर रोजगार मांगने वालों की जगह रोजगार देने वाला तैयार करना है : PM मोदी

    नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नयी शिक्षा नीति को लोगों की आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति बताते हुए कहा है कि इससे लोगों की मानसिकता बदलने और युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाने और देश को शिक्षा का ‘ग्लोबल हब’ बनाने में मदद मिलेगी। मोदी ने यहां स्मार्ट इंडिया हैकथन के ग्रैंड फाइनल को संबोधित करते हुए यह बात कही। यह चौथा हैकथन है जिसके फाइनल में 10 हजार छात्र भाग ले रहे हैं।उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में देश के युवा पीढ़ी को नौकरी खोजने वाले युवक बनाने की जगह नौकरी देने वाले युवक बनाने पर बल दिया जाएगा और इससे आत्मनिर्भर भारत बनाने में मदद मिलेगी। युवाओं को अब नौकरी ही नहीं करनी है बल्कि उन्हें खुद भी आत्मनिर्भर बनना है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति केवल दस्तावेज नहीं है बल्कि यह लोगों की आकांक्षा की अभिव्यक्ति है और 21वीं सदी में लोगों की जरूरतों को पूरा करने का अवसर भी देता है
    मोदी ने कहा कि पहले छात्र अपने मन का विषय नहीं पढ़ पाते थे और उन पर दूसरे विषय पढ़ने का दबाव बना रहता था लेकिन अब छात्र अपने मनपसंद विषय पड़ेंगे और उनमें आत्मविश्वास पैदा होगा। मोदी ने यह भी कहा कि नयी शिक्षा नीति में मल्टीप्ल एंट्री और मल्टीपल एग्जिट की भी बात कही गई है तथा मल्टी डसिप्लिनसपरी पढ़ाई भी जोर दिया गया है। इस संबंध में उन्होंने रवींद्र नाथ टैगोर और लियोनाडर दा विंची की बहुविषय प्रतिभा का भी जिक्र किया।

    पीएम मोदी ने कहा कि अब बहुत ज्यादा जोर दिया जा रहा है क्वालिटी ऑफ एजुकेशन पर। 21वीं सदी की टेक्नोलॉजी को साथ लेकर। 21वीं सदी की जरूरतों को पूरा करने वाली एजुकेशन सिस्टम भी जरूरी है। देश में साइंटिफिक टेम्परामेंट बढ़ाने के लिए अनेक क्षेत्रों में स्कॉलरशिप का विस्तार हो या खेल की दुनिया से जुड़ी प्रतिभा को मॉर्डन फैसिलिटीज या फिर आर्थिक मदद, रिचर्स को बढ़ावा देने की योजना हो। ऑनलाइन एजुकेशन के नए संसाधनों का निर्माण हो।

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