लेखक: राष्ट्र संवाद ब्यूरो
बेगूसराय के तेघड़ा प्रखंड स्थित धनकौल गांव के आदित्य राज ने तमाम विपरीत परिस्थितियों को मात देते हुए नीट में सफलता हासिल की है। एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले आदित्य ने पश्चिम बंगाल के प्रतिष्ठित जीएनएम कल्याणी मेडिकल कॉलेज में दाखिला पाकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे गांव का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के आगे गरीबी और संसाधनों का अभाव बाधा नहीं बन सकते।
नीट में सफलता के पीछे का संघर्ष
आदित्य राज के पिता निरंजन पोद्दार छोटे-मोटे काम करके परिवार का भरण-पोषण करते रहे, जबकि माता आभा कुमारी आंगनबाड़ी सेविका के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाती रहीं। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि महंगी कोचिंग का खर्च उठाया जा सके। इससे पहले पिता ने निजी विद्यालय चलाने का प्रयास किया और फिर इलेक्ट्रॉनिक दुकान भी खोली, लेकिन दोनों ही प्रयास सफल नहीं हो सके। इसके बावजूद माता-पिता ने अपने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।
आदित्य चार भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। उनके बड़े भाई रवि रंजन स्थानीय स्तर पर इलेक्ट्रीशियन का काम करते हैं, जबकि मंझले भाई अभिषेक प्रकाश इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर कोलकाता में एक कंपनी में कार्यरत हैं। उनकी बहन ने एमबीए करने के बाद कोलकाता में ही बैंक प्रबंधक का पद संभाला है। पूरे परिवार ने मिलकर आदित्य के डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई।
शैक्षणिक यात्रा और कोलकाता में तैयारी
आदित्य ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा धनकौल सेंट्रल पब्लिक स्कूल से प्राप्त की, जहां उनके पिता डायरेक्टर थे। इसके बाद उन्होंने फुलवरिया के सेंट जुड्स विद्यालय से मैट्रिक की परीक्षा में 91 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 85 प्रतिशत अंक हासिल किए। डॉक्टर बनने के लक्ष्य को लेकर वे अपने इंजीनियर भाई अभिषेक प्रकाश के साथ कोलकाता चले गए और वहां रहकर दो साल तक नीट की ऑफलाइन तैयारी की।
कड़ी मेहनत का नतीजा रहा कि आदित्य ने ऑल इंडिया स्तर पर 18,967वीं रैंक, सामान्य वर्ग में 2,175वीं रैंक और बिहार राज्य में 325वीं रैंक हासिल की। वे अपने गांव धनकौल से मेडिकल शिक्षा में प्रवेश पाने वाले पहले विद्यार्थी बताए जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उनके माता-पिता की आंखें खुशी से नम हो गईं। पिता ने भावुक होते हुए कहा कि आदित्य ने अपने स्वर्गीय दादा राम प्रकाश पोद्दार के सपनों को साकार किया है।
ग्रामीणों और शिक्षकों ने दी बधाई
आदित्य की इस अभूतपूर्व सफलता पर सेंट जुड्स विद्यालय फुलवरिया के प्राचार्य संतोष पांडे, आंगनबाड़ी संघ की नेता कंचन किशोर, प्रखंड प्रमुख नरेश पासवान, पंचायत समिति प्रतिनिधि रमेश पंडित सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। आदित्य ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, भाई-बहन और गुरुजनों को दिया है।
यह कहानी उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत है जो संसाधनों के अभाव में अपने सपनों को मरने देते हैं। आदित्य ने साबित किया है कि अगर हौसला बुलंद हो तो नीट में सफलता जैसी कठिन मंजिल भी पाई जा सकती है। अधिक जानकारी के लिए NEET आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।

