लेखक: राष्ट्र संवाद ब्यूरो
बेगूसराय में नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लेकर मेरा युवा भारत के तत्वावधान में युवा संसद कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। जीडी कॉलेज के दिनकर सभागार में हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना और समाज में नशामुक्ति का संदेश प्रसारित करना था।
नशामुक्त भारत की दिशा में युवा संसद का आयोजन
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति के जीवन को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। नशे की लत युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और उज्ज्वल भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनकर उभरी है। ऐसे में युवाओं को नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
जीडी कॉलेज के प्राचार्य भूपेंद्र नारायण यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा, “युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। यदि युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल, कौशल और सामाजिक कार्यों में अपनी ऊर्जा लगाएं, तो देश के विकास को नई गति मिल सकती है।” प्राचार्य ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाकर समाज को नई दिशा दें।
जनभागीदारी से संभव होगा नशामुक्त भारत का सपना
एनएसएस के प्राधिकारी दिनेश कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए जागरूकता अभियान के साथ-साथ जनभागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “नशामुक्त भारत का सपना केवल जागरूकता अभियान से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों से संभव होगा।” उन्होंने उपस्थित स्वयंसेवकों से अपील की कि वे इस संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाएं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर उपाध्यक्ष एवं जीडी कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर मुरारी कुमार ने नशे की लत को युवाओं की प्रतिभा और संभावनाओं के लिए घातक बताया। उन्होंने कहा, “नशे की लत युवाओं की प्रतिभा और संभावनाओं को कमजोर करती है। हमें अपनी युवा शक्ति को इस बुराई से बचाना ही होगा।”
स्वयंसेवकों ने दिया सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश
बरौनी प्रखंड के स्वयंसेवक प्रहलाद कुमार झा ने अपने संबोधन में नशामुक्त समाज के निर्माण को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा, “नशामुक्त समाज का निर्माण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जब तक समाज का हर वर्ग इस अभियान से नहीं जुड़ेगा, तब तक इस लक्ष्य को प्राप्त करना कठिन है।” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और एनएसएस स्वयंसेवकों ने भाग लेकर नशामुक्ति की शपथ ली।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने नशे के सामाजिक, आर्थिक और शारीरिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नशा किस प्रकार युवा पीढ़ी को खोखला कर रहा है और इससे परिवार विघटन की स्थिति उत्पन्न हो रही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की पहल पर चलाए जा रहे नशामुक्त भारत अभियान की जानकारी भी दी गई।
युवा शक्ति ही लाएगी परिवर्तन
अंत में सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं नशे से दूर रहेंगे बल्कि अपने आस-पास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। मेरा युवा भारत संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम आगे भी जिले के विभिन्न प्रखंडों और शिक्षण संस्थानों में आयोजित किए जाएंगे ताकि नशामुक्त भारत का सपना साकार हो सके।

